{"_id":"7c1783dd52ce3d52848c3c81e1da1b41","slug":"baby-selling-probe-zero-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्ची बेचने मामले में जांच सिफर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बच्ची बेचने मामले में जांच सिफर
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लक्सर। शराब की लत के लिए बच्चे बेचने के मामले में लक्सर पुलिस की जांच तीसरे दिन भी सिफर रही। पुलिस की संजीदगी का हाल यह है कि सीओ और कोतवाल एक दूसरे पर जांच करने का बहाना बनाते हुए अपने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे। हालांकि खबरों का संज्ञान लेते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य गजाला जबी ने एसएसपी से पूरे मामले की जानकारी जुटाई।
विज्ञापन
लक्सर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शराब पीने के आदी ग्रामीण अपने बेटी का ही सौदा कर दिया था। तीन लाख रुपये में बेटी बेचने की सनसनीखेज जानकारी एक समाजसेवी महिला ने पुलिस को दी। लेकिन, खरीद फरोख्त का गंभीर मामला सामने आने पर भी पुलिस ने करवट नहीं ली। हालांकि एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने पूरे मामले पर जांच बैठाते हुए लक्सर पुलिस से रिपोर्ट मांगी। लेकिन, तीसरे दिन भी सीओ और कोतवाल अपनी अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए।
विज्ञापन
इस बीच महिला आयोग की सदस्य गजाला जबी ने एसएसपी से वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बेटी के साथ ऐसा घृणित कृत्य करने वाले को सजा दिलाई जाएगी। वहीं सीओ लक्सर रविंद्र टोलिया और लक्सर कोतवाली प्रभारी जयदेव आर्य ने पड़ताल की बाबत पूछने पर एक दूसरे को जांच अधिकारी बताया। ऐसे गंभीर मामले में लक्सर पुलिस का यह रवैया है तो अपराध की सामान्य घटनाओं में पुलिस की सक्रियता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
विज्ञापन