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रुड़की निवासी अधिवक्ता की अपहरण के बाद निर्मम हत्या,

Mon, 18 Sep 2017 12:23 AM IST
Updated Mon, 18 Sep 2017 12:23 AM IST
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रुड़की निवासी अधिवक्ता की अपहरण के बाद निर्मम हत्या,
अमर उजाला ब्यूरो
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रुड़की। पांच दिन पूर्व रहस्यमय परिस्थितियों में लापता रुड़की निवासी अधिवक्ता की अपहरण के बाद कमेटी का कारोबार हड़पने के लिए उसके छह साथियों ने हत्या कर शव गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने वारदात में शामिल छह हत्यारोपियों में से पांच गिरफ्तार कर लिए हैं। एसपी देहात ने बताया कि फरार हत्यारे की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
कृष्णानगर (रुड़की) निवासी अधिवक्ता पुष्पेंद्र बुधवार को रहस्यमय हालत में लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद जब उनका कहीं पता नहीं चला तो परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। आखिर पांच दिन बाद पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्र ने पत्रकारवार्ता में बताया कि अधिवक्ता की उनके ही छह साथियोें ने हत्या की है। पुष्पेंद्र कमेटी का काम करता था। इसमें उनके साथ सौरभ उर्फ चिंटू (निवासी कृष्णानगर रुड़की), तरुण त्यागी उर्फ बिट्टल और श्याम कुमार (निवासी फाजिलपुर थाना झबरेड़ा हाल पता कृष्णानगर, रुड़की), सुनील उर्फ अजय (निवासी उल्हेड़ा कोतवाली मंगलौर), गुलजार और गुलफाम (निवासी कुटखास थाना रोहटा जिला मेरठ) ने मिलकर अधिवक्ता पुष्पेंद्र शामिल थे। पूरे शहर में इनकी कमेटी का करीब 70-80 लाख का कारोबार था। साथियों को पता था कि इस कारोबार का पता अधिवक्ता के परिजनों को नहीं है। इस राशि को हड़पने के लिए इन्होंने योजना बनाई। प्लान के मुताबिक आरोपियों ने वारदात वाले दिन पुष्पेंद्र को बिजनेस मीटिंग के बहाने गंगनहर किनारे बुलाया। वहां बैठकर पुष्पेंद्र के साथ सब ने शराब पी और खाना खाया। उसके बाद उसकी हत्या कर शव गंगनहर में फेंक दिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि वारदात में शामिल पांच हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि फरार हत्यारोपी सुनील उर्फ अजय (निवासी उल्हेडा़) को दबोचने के लिए दबिश दी जा रही है।
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अधिवक्ता की स्कूटी मेरठ ले जाकर बेचने की तैयारी
हत्यारों ने अधिवक्ता पुष्पेंद्र की स्कूटी मेरठ में ले जाकर कबाड़ियों को बेचने की योजना बनाई थी। ताकि वह सबूतों को मिटा सके। इसके लिए उन्होंने मेरठ निवासी दो भाइयों गुलजार और गुलफाम निवासी कुटखास थाना रोहटा जिला मेरठ की मदद ली थी। लेकिन सबूतों को मिटाने में सफलता नहीं मिली। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार हत्यारों मेें से एक सौरभ उर्फ चिंटू निवासी गली-14 कृष्णानगर एमबीए का छात्र है। वह अधिवक्ता पुष्पेंद्र के साथ मिलकर कारोबार करता था।
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अपहरण, हत्या के बाद पत्नी को किए फोन
अधिवक्ता पुष्पेंद्र की अपहरण और हत्या के बाद हत्यारों ने उसके ही मोबाइल से अधिवक्ता की पत्नी को देर रात कई बार फोन किया और यह जानकारी मांगी कि पुष्पेंद्र घर पहुंचा या नहीं! लेकिन जब बदहवास पत्नी ने पलटकर फोन किया तो हत्यारों ने फोन काट दिया।

इनसेट
खुलासा करने वाली टीम मेें यह शामिल
कोतवाल अमरचंद शर्मा, एसएसआई चंद्रमोहन सिंह, उपनिरीक्षक पवन डिमरी, नवीन पुरोहित, हीरा सिंह लिंगवाल, देवेंद्र मंमगाई, कपिल, आशुतोष तिवारी, धीरेंद्र चौहान, धीरज कुमार, अशोक, रवींद्र्र, नितिन, राजेश, चंद्रशेखर शामिल थे।
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