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राजमिस्त्री की करंट लगने से मौत, अस्पताल में शव रखकर हंगामा
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लक्सर।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भवन निर्माण के दौरान राजमिस्त्री की करंट लगने से मौत हो गई। राजमिस्त्री के परिजनों ने शव को लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रखकर मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंचे एसडीएम व पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। बाद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार लाख और भाजपा नेता अंबरीश गर्ग की ओर से एक लाख रुपये देने की घोषणा पर मामला शांत हुआ। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मृतका की पत्नी को नौकरी दिलाने का भी भरोसा दिया है।
लक्सर कस्बे के केशव नगर मोहल्ला निवासी सुनील उर्फ सोनू (35) पुत्र रमेश राजमिस्त्री का काम करता था। वह कई दिनों से सीएचसी में बन रहे प्रसव कक्ष के भवन निर्माण का कार्य कर रहा था। बृहस्पतिवार को सुनील निर्माणाधीन भवन की छत पर काम कर रहा था, इसी बीच भवन के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन से उसको करंट लग गया। सुनील को सीएचसी से इलाज के लिए हरिद्वार के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन और सैकड़ों ग्रामीण उसके शव को लेकर लक्सर अस्पताल पहुंचे और मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि ठेकेदार ने भवन निर्माण से पहले विद्युत लाइन को नहीं हटाया। आरोप लगाया कि जब सुनील को करंट लगा, तब अस्पताल में कोई भी डाक्टर या स्टाफ मौजूद होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। जानकारी मिलते ही ीपुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा व एसएसआई हरिओम चौहान आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की बात कही, लेकिन गुस्साए परिजन ठेकेदार व डाक्टर को मौके बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान एसडीएम व पुलिस को परिजनों वग्रामीणों के भारी विरोध का सामना भी करना पड़ा। परिजन दस लाख रुपये मुआवजा और सुनील की पत्नी को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे। करीब चार घंटे चले हंगामे के बाद एसीएमओ एसबी शाक्य, पूर्व चिकित्सा प्रभारी डा. अनिल वर्मा ने चार लाख तथा वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी अंबरीश गर्ग ने अपनी ओर से एक लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने मृतक की पत्नी को नौकरी देने का भरोसा दिया। इसके बाद मामला शांत हो सका।
ग्रामीण शव वाहन को छुड़ाकर अस्पताल ले गए
लक्सर। शुक्रवार को शव लेकर एंबुलेंस वाहन को पुलिस ने हंगामा होने की आशंका पर बालावाली तिराहे पर रोक लिया। इसी बीच पहले से ही अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों को इसकी जानकारी लग गई, वह कुछ देर बाद ही बालावाली तिराहे पर पहुंच गए। उन्होंने लक्सर कोतवाली पुलिस पर शव वाहन रोकने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। बाद में ग्रामीण पुलिस के कब्जे से शव छुड़ाकर अस्पताल ले गए।
लक्सर।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भवन निर्माण के दौरान राजमिस्त्री की करंट लगने से मौत हो गई। राजमिस्त्री के परिजनों ने शव को लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रखकर मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंचे एसडीएम व पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। बाद में स्वास्थ्य विभाग की ओर से चार लाख और भाजपा नेता अंबरीश गर्ग की ओर से एक लाख रुपये देने की घोषणा पर मामला शांत हुआ। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने मृतका की पत्नी को नौकरी दिलाने का भी भरोसा दिया है।
लक्सर कस्बे के केशव नगर मोहल्ला निवासी सुनील उर्फ सोनू (35) पुत्र रमेश राजमिस्त्री का काम करता था। वह कई दिनों से सीएचसी में बन रहे प्रसव कक्ष के भवन निर्माण का कार्य कर रहा था। बृहस्पतिवार को सुनील निर्माणाधीन भवन की छत पर काम कर रहा था, इसी बीच भवन के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन से उसको करंट लग गया। सुनील को सीएचसी से इलाज के लिए हरिद्वार के लिए रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन और सैकड़ों ग्रामीण उसके शव को लेकर लक्सर अस्पताल पहुंचे और मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि ठेकेदार ने भवन निर्माण से पहले विद्युत लाइन को नहीं हटाया। आरोप लगाया कि जब सुनील को करंट लगा, तब अस्पताल में कोई भी डाक्टर या स्टाफ मौजूद होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। जानकारी मिलते ही ीपुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा व एसएसआई हरिओम चौहान आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की बात कही, लेकिन गुस्साए परिजन ठेकेदार व डाक्टर को मौके बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान एसडीएम व पुलिस को परिजनों वग्रामीणों के भारी विरोध का सामना भी करना पड़ा। परिजन दस लाख रुपये मुआवजा और सुनील की पत्नी को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे। करीब चार घंटे चले हंगामे के बाद एसीएमओ एसबी शाक्य, पूर्व चिकित्सा प्रभारी डा. अनिल वर्मा ने चार लाख तथा वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी अंबरीश गर्ग ने अपनी ओर से एक लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने मृतक की पत्नी को नौकरी देने का भरोसा दिया। इसके बाद मामला शांत हो सका।
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ग्रामीण शव वाहन को छुड़ाकर अस्पताल ले गए
लक्सर। शुक्रवार को शव लेकर एंबुलेंस वाहन को पुलिस ने हंगामा होने की आशंका पर बालावाली तिराहे पर रोक लिया। इसी बीच पहले से ही अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों को इसकी जानकारी लग गई, वह कुछ देर बाद ही बालावाली तिराहे पर पहुंच गए। उन्होंने लक्सर कोतवाली पुलिस पर शव वाहन रोकने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। बाद में ग्रामीण पुलिस के कब्जे से शव छुड़ाकर अस्पताल ले गए।
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