{"_id":"6aaaa09af1a108a6f10842c1","slug":"bku-tikait-sounds-a-clarion-call-massive-rally-taken-out-from-villages-roorkee-news-c-5-1-drn1027-1067446-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: भाकियू टिकैत की हुंकार, गांवों से निकाली विशाल रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: भाकियू टिकैत की हुंकार, गांवों से निकाली विशाल रैली
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री के नेतृत्व में किसानों ने ऊर्जा निगम और विजिलेंस टीम के छापे के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठन ने मंगलौर और नारसन क्षेत्र के दर्जनों गांवों में विशाल ट्रैक्टर व वाहन रैली निकालकर प्रशासन के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया।
यह विरोध रैली मंगलौर बिजली घर से शुरू होकर लिब्बरहेड़ी, भरतपुर मुंडलाना, हरचंदपुर, बुढ़पुर जट्ट, ब्रह्मपुर जट्ट, मोहम्मदपुर जट्ट, उल्हेड़ा, खेड़ाजट, नारसन कलां, टिकौला कलां, लखनौता चौराहा, देवबंद रोड, लहबोली, उदलहेड़ी और ठसका आदि गांवों से गुजरते हुए वापस मंगलौर बिजली घर पर समाप्त हुई। रैली के दौरान किसानों ने बिजली विभाग की कथित मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
रैली को संबोधित करते हुए भाकियू के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में विजिलेंस और ऊर्जा निगम के छापे के नाम पर किसानों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश है और यहां बिजली उत्पादन के बावजूद स्थानीय किसानों को महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। किसानों के नलकूपों के लिए पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए।
विज्ञापन
साथ ही, घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिले और गरीब किसानों के पुराने बिजली बिल तुरंत प्रभाव से माफ किए जाएं। भाकियू नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि विभाग ने छापे के नाम पर ग्रामीणों को डराना-धमकाना बंद नहीं किया तो किसान ऊर्जा निगम के दफ्तरों पर अनिश्चितकालीन ताला जड़ने के लिए बाध्य होंगे। रैली में बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता और स्थानीय किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
यह विरोध रैली मंगलौर बिजली घर से शुरू होकर लिब्बरहेड़ी, भरतपुर मुंडलाना, हरचंदपुर, बुढ़पुर जट्ट, ब्रह्मपुर जट्ट, मोहम्मदपुर जट्ट, उल्हेड़ा, खेड़ाजट, नारसन कलां, टिकौला कलां, लखनौता चौराहा, देवबंद रोड, लहबोली, उदलहेड़ी और ठसका आदि गांवों से गुजरते हुए वापस मंगलौर बिजली घर पर समाप्त हुई। रैली के दौरान किसानों ने बिजली विभाग की कथित मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन
रैली को संबोधित करते हुए भाकियू के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में विजिलेंस और ऊर्जा निगम के छापे के नाम पर किसानों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ऊर्जा प्रदेश है और यहां बिजली उत्पादन के बावजूद स्थानीय किसानों को महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। किसानों के नलकूपों के लिए पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए।
विज्ञापन
साथ ही, घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिले और गरीब किसानों के पुराने बिजली बिल तुरंत प्रभाव से माफ किए जाएं। भाकियू नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि विभाग ने छापे के नाम पर ग्रामीणों को डराना-धमकाना बंद नहीं किया तो किसान ऊर्जा निगम के दफ्तरों पर अनिश्चितकालीन ताला जड़ने के लिए बाध्य होंगे। रैली में बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता और स्थानीय किसान मौजूद रहे।