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विलयीकरण के विरोध में बैंककर्मी रहे हड़ताल पर
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रुड़की। विलयीकरण के विरोध में बैंककर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल की। बैंक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन भी किया। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। इधर, बैंकों में कामकाज ठप रहने से लोगों को और खासतौर से व्यापारियों को परेशानी हुई।
आल इंडिया बैंक एंपलाइज एसोसिएशन और बैंक एंपलाइज फेडरेशन आफ इंडियन के तत्वावधान में मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक और विद्या बैंक आदि के कर्मचारी मकतूलपुरी स्थिति केनरा बैंक पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी जनविरोधी बैंकिंग में सुधार, ग्राहकों के सेवा शुल्क में बढ़ोतरी के खिलाफ, बैंकों में समुचित भर्ती न होना, जमा राशियों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी आदि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वीके गुप्ता, अनिल अग्रिहोत्री, मन्नू माकि, राकेश आदि का कहना है कि यह लड़ाई सभी बैंक कर्मचारियों के भविष्य को भी निश्चित करेगी। क्योंकि विलय होने के बाद 10 बैंक के चार बैंक बनने के कारण हजारों एटीएम और शाखाएं बंद हो जाएंगी। वहीं, कर्मचारियों को नौकरी से त्याग पत्र देने के लिए उत्पीड़न कर मजबूर किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, तो वह आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने को मजबूर होंगे।
इस दौरान कुलदीप सिंह, संजय, राकेश, दीपक, अुर्जन गुप्ता, निधि अग्रवाल, विशाल, अजय, अुर्जन गांधी, अनिल बजाज, नीना, धर्मपाल, शोभना, कृतिका, विपिन, रोहित, मनोज खुराना, महेश कुमार, सन्नी, नीरज, प्रमोद, आशु, अनूप कुमार, सुधांशु, मेधा आदि मौजूद रहे।
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मंगलौर में भी हड़ताल का मिलाजुला असर
मंगलौर। बैंकों के विलय के विरोध में कस्बे में बैंकों की हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला। नगर में कई बैंकों में कामकाज सामान्य तौर पर हुआ। जबकि कुछ बैंक हड़ताल में शामिल रहे।
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ और भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ ने 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय के विरोध में मंगलवार को बैंकों में हड़ताल का आह्वान किया था। क्योंकि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 बैंकों के विलय का ऐलान किया था। भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में सुबह के वक्त कामकाज सामान्य तौर पर चलता रहा, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक में दोपहर के बाद काम बंद कर दिया गया। सिंडिकेट बैंक में सुबह से ही कामकाज नहीं हुआ। अन्य बैंकों में भी हड़ताल का मिश्रित असर रहा। जिस कारण ग्राहक मायूस होकर लौट गए।
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आल इंडिया बैंक एंपलाइज एसोसिएशन और बैंक एंपलाइज फेडरेशन आफ इंडियन के तत्वावधान में मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), केनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक और विद्या बैंक आदि के कर्मचारी मकतूलपुरी स्थिति केनरा बैंक पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी जनविरोधी बैंकिंग में सुधार, ग्राहकों के सेवा शुल्क में बढ़ोतरी के खिलाफ, बैंकों में समुचित भर्ती न होना, जमा राशियों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी आदि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वीके गुप्ता, अनिल अग्रिहोत्री, मन्नू माकि, राकेश आदि का कहना है कि यह लड़ाई सभी बैंक कर्मचारियों के भविष्य को भी निश्चित करेगी। क्योंकि विलय होने के बाद 10 बैंक के चार बैंक बनने के कारण हजारों एटीएम और शाखाएं बंद हो जाएंगी। वहीं, कर्मचारियों को नौकरी से त्याग पत्र देने के लिए उत्पीड़न कर मजबूर किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, तो वह आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने को मजबूर होंगे।
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इस दौरान कुलदीप सिंह, संजय, राकेश, दीपक, अुर्जन गुप्ता, निधि अग्रवाल, विशाल, अजय, अुर्जन गांधी, अनिल बजाज, नीना, धर्मपाल, शोभना, कृतिका, विपिन, रोहित, मनोज खुराना, महेश कुमार, सन्नी, नीरज, प्रमोद, आशु, अनूप कुमार, सुधांशु, मेधा आदि मौजूद रहे।
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मंगलौर में भी हड़ताल का मिलाजुला असर
मंगलौर। बैंकों के विलय के विरोध में कस्बे में बैंकों की हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला। नगर में कई बैंकों में कामकाज सामान्य तौर पर हुआ। जबकि कुछ बैंक हड़ताल में शामिल रहे।
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ और भारतीय बैंक कर्मचारी महासंघ ने 10 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय के विरोध में मंगलवार को बैंकों में हड़ताल का आह्वान किया था। क्योंकि हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 बैंकों के विलय का ऐलान किया था। भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में सुबह के वक्त कामकाज सामान्य तौर पर चलता रहा, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक में दोपहर के बाद काम बंद कर दिया गया। सिंडिकेट बैंक में सुबह से ही कामकाज नहीं हुआ। अन्य बैंकों में भी हड़ताल का मिश्रित असर रहा। जिस कारण ग्राहक मायूस होकर लौट गए।