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Roorkee News: पटाखे जलाते समय 52 बच्चों की आंखों में आई चोट
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IIदो का हुआ ऑपरेशन, शहर के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ यहां पहुंचे थे घायल बच्चे
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Iदीपावली की रात पटाखे जलाते समय रुड़की और आसपास के रहने वाले 52 बच्चों की आंखों में चोट आई है। इनमें से दो बच्चों की आंख में जलता हुआ रॉकेट लगा है। इन दोनों बच्चों का ऑपरेशन किया गया है।
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Iदीपावली पर इस बार भी जमकर आतिशबाजी की गई। आतिशबाजी करते समय रुड़की, भगवानपुर, पनियाला, पाडली गुर्जर, लंढौरा, मंगलौर आदि क्षेत्र के 52 बच्चों की आंखों में पटाखे की चिंगारी लगने से उनकी आंखों को काफी नुकसान पहुंचा है। शहर के एक निजी नेत्र चिकित्सालय में इन बच्चों का उपचार हुआ है। दो बच्चों की आंख में रॉकेट लगने से उनकी आंखों को काफी नुकसान हुआ है।
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Iअस्पताल के संचालक डॉ. चंद्रशेखर ग्रोवर ने बताया कि दीपावली की रात को उनके अस्पताल में रुड़की और आसपास से 52 बच्चे पहुंचे हैं। ज्यादातर की उम्र 8 से 14 साल थी। इनमें किसी की आंख में जलता हुआ पटाखा लगा तो किसी की आंख में चिंगारी लगी थी। दो को छोड़कर सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। दो बच्चों की आंख में रॉकेट लगा था। उनकी आंख बुरी तरह जख्मी थी। रात को ही दोनों बच्चों की आंख का ऑपरेशन किया गया। दोनों की आंखें अब सुरक्षित हैं। सोमवार शाम को दोनों को छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि अभी उनकी पट्टी चलेगी। यह दोनों ही बच्चे भगवानपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं।I
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IIदो का हुआ ऑपरेशन, शहर के एक नेत्र रोग विशेषज्ञ यहां पहुंचे थे घायल बच्चे
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Iदीपावली की रात पटाखे जलाते समय रुड़की और आसपास के रहने वाले 52 बच्चों की आंखों में चोट आई है। इनमें से दो बच्चों की आंख में जलता हुआ रॉकेट लगा है। इन दोनों बच्चों का ऑपरेशन किया गया है।
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Iदीपावली पर इस बार भी जमकर आतिशबाजी की गई। आतिशबाजी करते समय रुड़की, भगवानपुर, पनियाला, पाडली गुर्जर, लंढौरा, मंगलौर आदि क्षेत्र के 52 बच्चों की आंखों में पटाखे की चिंगारी लगने से उनकी आंखों को काफी नुकसान पहुंचा है। शहर के एक निजी नेत्र चिकित्सालय में इन बच्चों का उपचार हुआ है। दो बच्चों की आंख में रॉकेट लगने से उनकी आंखों को काफी नुकसान हुआ है।
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Iअस्पताल के संचालक डॉ. चंद्रशेखर ग्रोवर ने बताया कि दीपावली की रात को उनके अस्पताल में रुड़की और आसपास से 52 बच्चे पहुंचे हैं। ज्यादातर की उम्र 8 से 14 साल थी। इनमें किसी की आंख में जलता हुआ पटाखा लगा तो किसी की आंख में चिंगारी लगी थी। दो को छोड़कर सभी को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी। दो बच्चों की आंख में रॉकेट लगा था। उनकी आंख बुरी तरह जख्मी थी। रात को ही दोनों बच्चों की आंख का ऑपरेशन किया गया। दोनों की आंखें अब सुरक्षित हैं। सोमवार शाम को दोनों को छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि अभी उनकी पट्टी चलेगी। यह दोनों ही बच्चे भगवानपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं।I
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