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जर्जर विद्युत लाइन पड़ रहे किसानों पर भारी
Updated Thu, 26 Apr 2018 12:24 AM IST
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झबरेड़ा। विद्युत विभाग की लापरवाही क्षेत्रीय किसानों पर भारी पड़ रही है। जर्जर तार आए दिन टूटकर गिरने से किसानों की फसलें जलकर राख हो रही हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
किसान सुमंत सिंह आर्य, राजपाल सिंह, राजकुमार कसाना, विजय कुमार, ओमकुमार, विश्वास, प्रदीप कुमार, संजय, श्रवण कुमार और विजय सिंह आदि का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों को जर्जर तार टूटने से आए दिन हो रहे हादसों से अवगत कराया। कई बार तारें बदलने का भी अनुरोध किया, लेकिन विभागीय अधिकारी सुध लेने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने आरोप लगाया यदि किसी उपभोक्ता पर बिजली का थोड़ा भी बकाया रह जाता है तो अधिकारी लाइन काटने दौड़े-दौड़े चले आते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान को अधिकारी और इनके कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते।
केस एक
इस माह सढ़ौली गांव के एक खेत में तार टूटकर गिरने से गेहूं और गन्ने की चार-चार बीघा फसल जलकर राख हो गई थी। जिसकी वजह से गरीब किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट है।
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केस दो-
झबरेड़ा-मंगलौर मार्ग स्थित एक खेत में तार टूटकर गिरने के कारण तीन बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह राख हो गई थी। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली।
केस तीन
रहीमपुर में विद्युत लाइन में हुए फाल्ट के कारण गन्ने की फसल पूरी तरह जल गई थी। दो बीघा गन्ना पूरी तरह जलकर राख हो गया था। लेकिन अधिकारियों का वही हाल है।
केस चार-
लाठरदेवा में भी विद्युत लाइन टूटने के कारण गेहूं की दो बीघा फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई थी। जिसकी वजह से पीड़ित परिवार बेहद परेशान हैं।
कोट
अधिकतर तारों को बदल दिया गया है। जिन जगहों पर तार नहीं बदलवाए गए हैं, उन स्थानों को लेकर प्रस्ताव विभाग को भेजे दिए गए हैं।
संदीप कुमार, जेई, ऊर्जा निगम
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किसान सुमंत सिंह आर्य, राजपाल सिंह, राजकुमार कसाना, विजय कुमार, ओमकुमार, विश्वास, प्रदीप कुमार, संजय, श्रवण कुमार और विजय सिंह आदि का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों को जर्जर तार टूटने से आए दिन हो रहे हादसों से अवगत कराया। कई बार तारें बदलने का भी अनुरोध किया, लेकिन विभागीय अधिकारी सुध लेने को तैयार नहीं हैं। किसानों ने आरोप लगाया यदि किसी उपभोक्ता पर बिजली का थोड़ा भी बकाया रह जाता है तो अधिकारी लाइन काटने दौड़े-दौड़े चले आते हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान को अधिकारी और इनके कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते।
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केस एक
इस माह सढ़ौली गांव के एक खेत में तार टूटकर गिरने से गेहूं और गन्ने की चार-चार बीघा फसल जलकर राख हो गई थी। जिसकी वजह से गरीब किसानों के सामने रोजी रोटी का संकट है।
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केस दो-
झबरेड़ा-मंगलौर मार्ग स्थित एक खेत में तार टूटकर गिरने के कारण तीन बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह राख हो गई थी। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों ने कोई सुध नहीं ली।
केस तीन
रहीमपुर में विद्युत लाइन में हुए फाल्ट के कारण गन्ने की फसल पूरी तरह जल गई थी। दो बीघा गन्ना पूरी तरह जलकर राख हो गया था। लेकिन अधिकारियों का वही हाल है।
केस चार-
लाठरदेवा में भी विद्युत लाइन टूटने के कारण गेहूं की दो बीघा फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई थी। जिसकी वजह से पीड़ित परिवार बेहद परेशान हैं।
कोट
अधिकतर तारों को बदल दिया गया है। जिन जगहों पर तार नहीं बदलवाए गए हैं, उन स्थानों को लेकर प्रस्ताव विभाग को भेजे दिए गए हैं।
संदीप कुमार, जेई, ऊर्जा निगम