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Pithoragarh News: महज 17 मतों से बची सत्ताधारी पार्टी की लाज

Sun, 26 Jan 2025 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 26 Jan 2025 12:25 AM IST
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The ruling party's shame was saved by just 17 votes.
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में निकाय चुनाव भाजपा के लिए कठिन परीक्षा साबित हुई है। पूरी ताकत झोंकने के बावजूद छह निकायों में से पिथौरागढ़ नगर निगम और गंगोलीहाट नगर पालिका सीट ही भाजपा की झोली में आ पाईं। तीन सीटें कांग्रेस तो एक सीट निर्दलीय के हिस्से में चली गई। पिथौरागढ़ नगर निगम की सीट में जीत का अंतर महज 17 मतों का रहा है। यह पहला मौका है जब किसी निर्दलीय से सत्ताधारी पार्टी को इस तरह की कड़ी चुनौती मिली है।
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निकाय चुनावों में पूरी ताकत के साथ उतरी भाजपा ने स्थानीय मुद्दों के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को भी खूब गिनाया। रैली में आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामलीला मैदान से मेयर सहित जिले की अन्य निकायों में भाजपा के उम्मीदवारों को जिताने की अपील भी की थी। इससे सभी सीटों पर भाजपा चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त थी। लेकिन भाजपा को पिथौरागढ़ नगर निगम और गंगोलीहाट नगरपालिका में ही विजय श्री मिली। पूरी ताकत झोंकने के बावजूद पिथौरागढ़ नगर निगम में महज 17 मतों के अंतर से मिली जीत भी चौंकाने वाली है। निकाय चुनावों में यह पहला मौका है जब सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार को किसी निर्दलीय से इतनी कड़ी टक्कर मिली हो।
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निर्दलीयों को मना लिया होता तो नहीं देनी होती कठिन परीक्षा
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नगर निगम के चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण भाजपा में बगावत हुई थी। प्रमिला बोहरा, उमा पांडेय, चंद्रकला महर ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर कर भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर दी। हालांकि यह सभी उम्मीदवार एक हजार के आकड़े को भी नहीं छू पाई हैं लेकिन जिस तरह से कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरी मोनिका महर से भाजपा को कड़ी टक्कर मिली है ऐसे में एक-एक वोट बेहद कीमती था। यदि भाजपा ने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय रूप से मैदान में उतरे उम्मीदवारों को मना लिया होता तो इतनी कठिन परीक्षा नहीं देनी होती।
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