{"_id":"6a9c5354fdb24a5a5d01b9be","slug":"darma-and-chaudas-valleys-cut-off-due-to-road-closures-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-146412-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: सड़कें बंद होने से दारमा और चौदास घाटियों का कटा संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: सड़कें बंद होने से दारमा और चौदास घाटियों का कटा संपर्क
Sat, 05 Sep 2026 11:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़/धारचूला। भारी बारिश के कारण पहाड़ी दरकने, मलबा और बोल्डर गिरने से 20 से अधिक स्थानों पर सड़कें प्रभावित हुई हैं। सोबला-ढाकर सड़क बंद होने से दारमा घाटी का संपर्क पूरी तरह कट गया है जबकि तवाघाट-गुंजी समेत कई प्रमुख मार्गों पर भी आवाजाही ठप है। जिले की 16 ग्रामीण सड़कों के बंद होने से हजारों की आबादी प्रभावित है।
जिला मुख्यालय में 24 और मुनस्यारी में सबसे अधिक 72.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-गुंजी सड़क पर शनिवार सुबह करीब पांच बजे बोल्डर गिरने से यातायात बंद हो गया। करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर एक बजे दोनों मार्गों पर यातायात बहाल किया जा सका। इस दौरान दोनों तरफ यात्री और वाहन फंसे रहे।
दारमा घाटी को चीन सीमा से जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क पर सोबला पुल से पंगवाबे और उर्थिंग तक कई स्थानों पर बोल्डर और मलबा गिरा है। इससे सड़क पर पूरी तरह आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीणों के साथ सेना को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चौदास घाटी को जोड़ने वाली कंज्योति सड़क पर बलमी के पास करीब 50 मीटर हिस्सा पहाड़ी दरकने से ध्वस्त हो गया।
विज्ञापन
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर कुलागाड़ और एलागाड़ में पहाड़ी दरकने से आवाजाही प्रभावित है। तवाघाट-गुंजी और धारचूला-तवाघाट मार्ग पर देर शाम तक यातायात बहाल नहीं हो सका। बीआरओ की टीमें मार्ग खोलने में जुटी रहीं लेकिन लगातार बारिश के कारण सफलता नहीं मिल सकी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है।
मल्ला जोहार में लकड़ी का पुल बहा, आवागमन ठप
मुनस्यारी। मल्ला जोहार के रालम, मारझाली समेत अन्य गांवों को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल उफनती चिलतम गाड़ में बह गया। यह पुल चिलतम और मारझाली के बीच आवागमन का एकमात्र जरिया था। पुल बहने से क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। पातों के पूर्व प्रधान ईश्वर सिंह नबियाल ने बताया कि पुल बहने से मिलम से रालम होते हुए नागनीधूरा जाने वाले भेड़पालक रास्ते में फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस स्थान पर पक्के पुल की मांग की जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यदि यहां पक्का पुल बना होता तो बारिश के दौरान इस तरह की परेशानी नहीं होती। संवाद
जिले में बारिश का आंकड़ा(एमएम में)
पिथौरागढ़ 24.0
बेरीनाग 12.2
मुनस्यारी 72.4
बंगापानी 36.0
गणाई गंगोली 4.0
देवलथल 17.0
गंगोलीहाट 11.5
डीडीहाट 19.0
धारचूला 11.6
कनालीछीना 47.0
तेजम 14.0
थल 6.0
विज्ञापन
जिला मुख्यालय में 24 और मुनस्यारी में सबसे अधिक 72.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-गुंजी सड़क पर शनिवार सुबह करीब पांच बजे बोल्डर गिरने से यातायात बंद हो गया। करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर एक बजे दोनों मार्गों पर यातायात बहाल किया जा सका। इस दौरान दोनों तरफ यात्री और वाहन फंसे रहे।
विज्ञापन
दारमा घाटी को चीन सीमा से जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क पर सोबला पुल से पंगवाबे और उर्थिंग तक कई स्थानों पर बोल्डर और मलबा गिरा है। इससे सड़क पर पूरी तरह आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीणों के साथ सेना को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चौदास घाटी को जोड़ने वाली कंज्योति सड़क पर बलमी के पास करीब 50 मीटर हिस्सा पहाड़ी दरकने से ध्वस्त हो गया।
विज्ञापन
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर कुलागाड़ और एलागाड़ में पहाड़ी दरकने से आवाजाही प्रभावित है। तवाघाट-गुंजी और धारचूला-तवाघाट मार्ग पर देर शाम तक यातायात बहाल नहीं हो सका। बीआरओ की टीमें मार्ग खोलने में जुटी रहीं लेकिन लगातार बारिश के कारण सफलता नहीं मिल सकी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि बंद सड़कों को खोलने का काम जारी है।
मल्ला जोहार में लकड़ी का पुल बहा, आवागमन ठप
मुनस्यारी। मल्ला जोहार के रालम, मारझाली समेत अन्य गांवों को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल उफनती चिलतम गाड़ में बह गया। यह पुल चिलतम और मारझाली के बीच आवागमन का एकमात्र जरिया था। पुल बहने से क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। पातों के पूर्व प्रधान ईश्वर सिंह नबियाल ने बताया कि पुल बहने से मिलम से रालम होते हुए नागनीधूरा जाने वाले भेड़पालक रास्ते में फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस स्थान पर पक्के पुल की मांग की जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यदि यहां पक्का पुल बना होता तो बारिश के दौरान इस तरह की परेशानी नहीं होती। संवाद
जिले में बारिश का आंकड़ा(एमएम में)
पिथौरागढ़ 24.0
बेरीनाग 12.2
मुनस्यारी 72.4
बंगापानी 36.0
गणाई गंगोली 4.0
देवलथल 17.0
गंगोलीहाट 11.5
डीडीहाट 19.0
धारचूला 11.6
कनालीछीना 47.0
तेजम 14.0
थल 6.0