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Pithoragarh News: तीन युद्ध लड़े सूबेदार केशव दत्त भट्ट का निधन
Wed, 16 Jul 2025 10:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 16 Jul 2025 10:42 PM IST
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पूर्व सूबेदार केशव दत्त भट्ट (फोटो फाइल)।
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थल (पिथौरागढ़)। सरहद पर दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले तीन युद्ध लड़ चुके थल के धामीगांव निवासी पूर्व सूबेदार केशव दत्त भट्ट का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मंगलवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
केशव दत्त वर्ष 1957 में भारतीय सेना के कुमाऊं जंगी रेजिमेंट में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। उन्होंने देश के लिए 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था। वह वॉलीबाल और बॉक्सिंग के अच्छे खिलाड़ी थे। सेना में 28 साल की सेवा के बाद वह वर्ष 1985 में कुमाऊं जंगी रेजिमेंट से सेवानिवृत हुए। वर्तमान में वह थल के पौराणिक बालेश्वर मंदिर के वरिष्ठ पुजारी थे।
पिछले एक वर्ष से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। मंगलवार की रात उन्होंने अपने धामीगांव स्थित आवास में अंतिम सांस ली। बुधवार को रामगंगा के त्रिवेणी घाट पर परिजनों और थल बाजार के लोगों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि बड़े बेटे हरि शंकर भट्ट और छोटे बेटे नवीन चंद्र भट्ट ने दी। उनके निधन पर दिनेश चंद्र पाठक, भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, गंगा सिंह मेहता, भूपाल सिंह सत्याल, कमलेश सिंह अल्मिया, सुनील सत्याल, मनोहर सिंह सत्याल, प्रहलाद सिंह सत्याल सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक जताया। संवाद
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केशव दत्त वर्ष 1957 में भारतीय सेना के कुमाऊं जंगी रेजिमेंट में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। उन्होंने देश के लिए 1962 में भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था। वह वॉलीबाल और बॉक्सिंग के अच्छे खिलाड़ी थे। सेना में 28 साल की सेवा के बाद वह वर्ष 1985 में कुमाऊं जंगी रेजिमेंट से सेवानिवृत हुए। वर्तमान में वह थल के पौराणिक बालेश्वर मंदिर के वरिष्ठ पुजारी थे।
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पिछले एक वर्ष से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। मंगलवार की रात उन्होंने अपने धामीगांव स्थित आवास में अंतिम सांस ली। बुधवार को रामगंगा के त्रिवेणी घाट पर परिजनों और थल बाजार के लोगों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चिता को मुखाग्नि बड़े बेटे हरि शंकर भट्ट और छोटे बेटे नवीन चंद्र भट्ट ने दी। उनके निधन पर दिनेश चंद्र पाठक, भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, गंगा सिंह मेहता, भूपाल सिंह सत्याल, कमलेश सिंह अल्मिया, सुनील सत्याल, मनोहर सिंह सत्याल, प्रहलाद सिंह सत्याल सहित तमाम क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक जताया। संवाद
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