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मुनस्यारी के लोगों ने जिला मुख्यालय में किया प्रदर्शन
Mon, 25 Feb 2019 11:23 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Mon, 25 Feb 2019 11:23 PM IST
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पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करते मुनस्यारी के लोग।
- फोटो : पिथौरागढ़
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मुनस्यारी की समस्याओं को लेकर लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इन लोगों ने आपदा प्रभावितों को मुआवजा न मिलने के साथ ही तमाम मामले उठाए हैं।
एनएसयूआई के मुनस्यारी ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम सिंह दानू के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे लोगों ने प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि जुलाई 2018 में आई आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विवेकाधीन कोष से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की थी, इस पर आज तक अमल नहीं हुआ है। दारमा के खड़क सिंह पुत्र बहादुर सिंह का मकान आपदा में ध्वस्त हो गया था, यह परिवार प्राथमिक स्कूल में रह रहा है। इस परिवार को एक रुपये का भी मुआवजा नहीं मिला है।
इन लोगों ने बंगापानी तहसील में आधार कार्ड शिविर लगाने की मांग की है। बाता, डंगडंगधार, गांधीनगर मार्गों का निर्माण स्वीकृति के बाद भी नहीं हो रहा है। इन लोगों ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी, पेयजल योजनाओं की मरम्मत, बंगापानी तहसील में प्रमाण पत्र बनवाने, सड़कों का निर्माण करने समेत तमाम मांगें उठाते हुए कहा है कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में विक्रम सिंह, धरम राम, प्रकाश गोस्वामी, हयात राम, रमेश धामी, पूरन परिहार, उमेश धामी, बहादुर राम, जीवन सिंह, मोहित आदि शामिल थे।
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एनएसयूआई के मुनस्यारी ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम सिंह दानू के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पहुंचे लोगों ने प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि जुलाई 2018 में आई आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विवेकाधीन कोष से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की थी, इस पर आज तक अमल नहीं हुआ है। दारमा के खड़क सिंह पुत्र बहादुर सिंह का मकान आपदा में ध्वस्त हो गया था, यह परिवार प्राथमिक स्कूल में रह रहा है। इस परिवार को एक रुपये का भी मुआवजा नहीं मिला है।
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इन लोगों ने बंगापानी तहसील में आधार कार्ड शिविर लगाने की मांग की है। बाता, डंगडंगधार, गांधीनगर मार्गों का निर्माण स्वीकृति के बाद भी नहीं हो रहा है। इन लोगों ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी, पेयजल योजनाओं की मरम्मत, बंगापानी तहसील में प्रमाण पत्र बनवाने, सड़कों का निर्माण करने समेत तमाम मांगें उठाते हुए कहा है कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में विक्रम सिंह, धरम राम, प्रकाश गोस्वामी, हयात राम, रमेश धामी, पूरन परिहार, उमेश धामी, बहादुर राम, जीवन सिंह, मोहित आदि शामिल थे।
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