{"_id":"6547d221a87988c4ea0bbaa7","slug":"evening-garkha-mahotsav-shweta-mehra-pithoragarh-news-c-230-1-shld1024-6606-2023-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: मैं पहाड़न मेरा ठुमका पहाड़ी...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: मैं पहाड़न मेरा ठुमका पहाड़ी...
Sun, 05 Nov 2023 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 05 Nov 2023 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्कोट (पिथौरागढ़)। तीन दिवसीय गर्खा महोत्सव का शनिवार को समापन हो गया। महोत्सव की तीसरी व अंतिम शाम श्वेता मेहरा के नाम रही। उन्होंने मैं पहाड़न मेरा ठुमका पहाड़ी..., डीडीहाट की छमला छोरी..., चहा कू होटल खोलूंलो इत्ती टनकपुर...., आदि गीतों पर मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके अलावा लोकगायक प्रहलाद मेहरा व इंदर आर्या ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
समापन दिवस के रात्रि कालीन समारोह के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक विशन सिंह चुफाल रहे। इस अवसर पर उन्होंने चार लाख रुपये की सहयोग राशि महोत्सव आयोजन समिति को दी। महोत्सव समिति अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख सुनीता कन्याल, संयोजक महिमन कन्याल, सह संयोजक देवराज कन्याल ने विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर शिक्षक गोविंद भंडारी, मनोहर कन्याल, अशोक खड़ायत, मनोज पांडेय, हरिमोहन कन्याल, पुष्कर राज कन्याल, गोपाल खोलिया, पूरन पंत, सुरेंद्र कन्याल आदि थे। महोत्सव के अंतिम दिन कई प्रतियोगिताएं भी हुई। इनमें मैराथन, रस्साकस्सी, साड़ी पहनाओ प्रतियोगिताएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
समापन दिवस के रात्रि कालीन समारोह के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक विशन सिंह चुफाल रहे। इस अवसर पर उन्होंने चार लाख रुपये की सहयोग राशि महोत्सव आयोजन समिति को दी। महोत्सव समिति अध्यक्ष ब्लॉक प्रमुख सुनीता कन्याल, संयोजक महिमन कन्याल, सह संयोजक देवराज कन्याल ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
इस मौके पर शिक्षक गोविंद भंडारी, मनोहर कन्याल, अशोक खड़ायत, मनोज पांडेय, हरिमोहन कन्याल, पुष्कर राज कन्याल, गोपाल खोलिया, पूरन पंत, सुरेंद्र कन्याल आदि थे। महोत्सव के अंतिम दिन कई प्रतियोगिताएं भी हुई। इनमें मैराथन, रस्साकस्सी, साड़ी पहनाओ प्रतियोगिताएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
विज्ञापन