फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Bhanuraj Singh Pal of Askot wrote a letter to Union Minister Nitin Gadkari

Pithoragarh: अस्कोट के भानुराज सिंह का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र, टनकपुर से धारचूला तक NH की मांग

Wed, 16 Jul 2025 04:35 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 16 Jul 2025 04:35 PM IST
सार

पिथौरागढ़ जिले के अस्कोट के भानुराज सिंह पाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने टनकपुर से अस्कोट होते हुए धारचूला तक सीधे राजमार्ग बनाने की मांग की है। 

विज्ञापन
Bhanuraj Singh Pal of Askot wrote a letter to Union Minister Nitin Gadkari
नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI

विस्तार

अस्कोट के भानुराज सिंह पाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर टनकपुर से अस्कोट होते हुए धारचूला तक सीधे राजमार्ग बनाने की मांग की है। उन्होंने इस पत्र के माध्यम से बताया है कि कैस धारचूला सामरिक दृष्टिकोण से भारतीय सीमा पर एक प्रमुख स्थान है जिसकी सीमाएं नेपाल और तिब्बत को जोड़ती हैं। 

विज्ञापन


वहीं, टनकपुर से धारचूला तक कोई सीधा राजमार्ग न होने के चलते चंपावत, लोहाघाट और पिथौरागढ़ होते हुए जाना पड़ता है जिसमें 10-11 घंटे लगते हैं जबकि टनकपुर से अस्कोट होते हुए धारचूला तक सीधे राजमार्ग से जोड़ दिया जाए तो 3 से 4 घंटे मे यह यात्रा पूरी की जा सकती है। सामरिक दृष्टिकोण से सीमा पर पहुंचने के लिए भारतीय सेना भी यह यात्रा 3-4 घंटे मे पूरी कर लेगी। राष्ट्रीय हित में सेना के 11 घंटे कि बजाय 3-4 घंटे में पहुचना कितना फायदेमंद होगा? 
विज्ञापन


ये पढ़ें- Pithoragarh Accident: खाई में खोई जिंदगी...ओवरलोडिंग और खराब स्टेयरिंग ने खूनी खाई में घसीटा, आठ की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन

उत्तराखंड राज्य में धारचूला के पहले अस्कोट भी एक प्रमुख स्थान है जिसकी पाल राजवंश की एक शाखा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती (महसों) में अपना राज्य स्थापित किया। इस स्थान का भी गहरा जुड़ाव यहां से भी है। एतिहासिकता के दृष्टिकोण से कस्तूरी मृग संरक्षण के लिए चर्चित अस्कोट अभयारण्य स्थान भी पर्यटन के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।  टनकपुर से धारचूला तक सीधे राजमार्ग का अगर निर्माण किया जाता है तो एक तो सामरिक दृष्टिकोण से भारतीय सेना की सीमा तक पहुंच सुगम होगी और समय की बचत होगी। वहीं दूसरी तरफ जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सास्कृतिक सबंध भी मजबूत होंगे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed