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KAS Result: श्रीनगर की कामिला बनीं केएएस टॉपर, बताया अपनी सफलता का राज़
Thu, 01 Oct 2020 11:39 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 11:39 AM IST
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श्रीनगर की कामिला बनीं केएएस टॉपर
- फोटो : सोशल मीडिया
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श्रीनगर। केएएस में टॉप करने वाली श्रीनगर के करण नगर की रहने वाली मलिक कामिला मुश्ताक ने सरकारी स्कूल में शिक्षक की सेवाएं देने के साथ केएएस की तैयारी की और पहले ही प्रयास में टॉप कर लिया। कामिला ने कहा, मुझे अच्छे नतीजों को लेकर यकीन था। मेंस और इंटरव्यू में उनका अच्छा प्रदर्शन था। कामिला ने श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। जैनाकूट के बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ा रहीं कामिला ने कहा कि 2017 में एंथ्रोपोलोजी को ऑप्शनल सब्जेक्ट चुनकर तैयारी शुरू की थी। किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए प्रेरणा और कड़ी मेहनत की जरूरत है।
कामिला ने कहा कि किताबी कीड़ा नहीं बनना चाहिए। इसके लिए एक अलग ही सोच चाहिए। कामिला ने कामयाबी का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि वह समाज सेवा करना चाहती हैं। यही संकल्प उन्हें परीक्षा पास करने के लिए प्रेरित करता रहा। कामिला की स्कूली शिक्षा श्रीनगर के टाइनी हार्ट स्कूल से हुई है।
जेएंडके बैंक में सेवारत हैं सेकेंड टॉपर दावर
श्रीनगर। केएएस परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाले श्रीनगर के मीर दावर हबीब पहली टॉपर कामिला के बैचमेट हैं। दावर ने कड़ी मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। जम्मू-कश्मीर बैंक में काम कर रहे दावर ने बताया कि उनके पिता भी इसी संस्थान में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर हैं। शाह फैजल उनके रोल मॉडल हैं। वह युवाओं से यही कहना चाहेंगे कि मेहनत करें, सफलता खुद कदम चूमेगी। पढ़ाई को समय देने के साथ खेलकूद भी काफी महत्वपूर्ण है।
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दावर ने अपनी स्कूली शिक्षा श्रीनगर के इकबाल मेमोरियल इंस्टीट्यूट से की। उन्होंने भी एनआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। बताया कि वह और कामिला एक ही क्लास और बैच में थे। वह 2017 में पास आउट हुए थे। दावर ने बताया कि वह लोगों की सेवा करने के साथ एंथ्रोपोलोजी में मास्टर करना चाहते हैं। यूपीएससी 2017 में 36वां रैंक हासिल करने वाले फजलुल हसीब से भी प्रेरणा मिली।
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कामिला ने कहा कि किताबी कीड़ा नहीं बनना चाहिए। इसके लिए एक अलग ही सोच चाहिए। कामिला ने कामयाबी का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि वह समाज सेवा करना चाहती हैं। यही संकल्प उन्हें परीक्षा पास करने के लिए प्रेरित करता रहा। कामिला की स्कूली शिक्षा श्रीनगर के टाइनी हार्ट स्कूल से हुई है।
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जेएंडके बैंक में सेवारत हैं सेकेंड टॉपर दावर
श्रीनगर। केएएस परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाले श्रीनगर के मीर दावर हबीब पहली टॉपर कामिला के बैचमेट हैं। दावर ने कड़ी मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। जम्मू-कश्मीर बैंक में काम कर रहे दावर ने बताया कि उनके पिता भी इसी संस्थान में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर हैं। शाह फैजल उनके रोल मॉडल हैं। वह युवाओं से यही कहना चाहेंगे कि मेहनत करें, सफलता खुद कदम चूमेगी। पढ़ाई को समय देने के साथ खेलकूद भी काफी महत्वपूर्ण है।
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दावर ने अपनी स्कूली शिक्षा श्रीनगर के इकबाल मेमोरियल इंस्टीट्यूट से की। उन्होंने भी एनआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। बताया कि वह और कामिला एक ही क्लास और बैच में थे। वह 2017 में पास आउट हुए थे। दावर ने बताया कि वह लोगों की सेवा करने के साथ एंथ्रोपोलोजी में मास्टर करना चाहते हैं। यूपीएससी 2017 में 36वां रैंक हासिल करने वाले फजलुल हसीब से भी प्रेरणा मिली।