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लंगूर ने मासूम को मार डाला

Fri, 17 Nov 2017 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल। 
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।  Updated Fri, 17 Nov 2017 01:51 AM IST
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Langoor killed innocent
लंगूर ने मासूम को मार डाला - फोटो : अमर उजाला
नैनीताल। सरोवर नगरी में लंगूर ने छत पर सीढ़ियों से धक्का देकर 12 वर्षीय मासूम बच्ची की जान ले ली। दो भाइयों की इकलौती बहन की मौत से घर पर मातम पसारा है। इस घटना के बाद से शहर में शासन-प्रशासन के खिलाफ लोगों का आक्रोश चरम पर है। मालूम हो कि इसी वर्ष 23 जुलाई को आवारा कुत्तों के दौड़ाने से नैनीताल में घायल हुई राजस्थान की दस वर्षीय एमतुल्ला की मौत हो गई थी। 
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बॉल मोरल कंपाउंड शेरवानी लॉज मल्लीताल निवासी जल संस्थान के पंप ऑपरेटर दीवान सिंह राणा की पुत्री साक्षी (12) बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे छत के लिए जाने वाली सीढ़ियों पर खेल रही थी। इसी दौरान एक लंगूर ने साक्षी को धक्का मार दिया। साक्षी सिर के बल फर्श पर आ गिर और बेहोश हो गई।
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परिजनों ने उसे इस हालत में देखा तो फौरन उसे लेकर बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक साक्षी के सिर में गंभीर चोट आने के साथ उसका जबड़ा भी टूट गया था। इधर एंबुलेंस से हल्द्वानी ले जाते समय रास्ते में एरीज बैंड के समीप साक्षी ने दम तोड़ दिया। परिजन साक्षी के शव को लेकर वापस घर पहुंचे तो मां हेमा राणा बेसुध हो गई। दो छोटे भाई गौरव (10) और वैभव (6) इकलौती बहन की मौत से सदमे में हैं। देर शाम साक्षी का पाईंस स्थित श्मशान घाट में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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नैनीताल में बच्ची की मौत से जुड़ी खबरें

आवारा कुत्तों के हमले से चली गई थी राजस्थान की एमतुल्ला की जान
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में कुत्तों, लंगूरों और बंदरों का जबरदस्त आतंक है। बीती 23 जुलाई को अपने परिजनों के साथ नैनीताल घूमने आई राजस्थान की एक बच्ची एमतुल्ला (10) पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था। बच्ची कुत्तों से बचने के लिए तल्लीताल में सड़क किनारे पैरापिट पर खड़ी हुई तो संतुलन खो बैठी औैर 20 फुट गहरी खाई में जा गिरी। इसके बाद 27 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। तब लोगों ने प्रशासन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया था। लेकिन कुछ दिन सक्रियता दिखाने के बाद प्रशासन ने फिर आंखें बंद कर लीं। ब्यूरो

6 साल में हजारों लोगों को नोच चुके हैं आवारा जानवर
नैनीताल। नगर में बंदर, लंगूर और आवारा कुत्ते 2011 से लेकर 2016 तक हजारों लोगों को काट चुके हैं। बीडी पांडे जिला अस्पताल के अनुसार अप्रैल 2011 से लेकर मार्च 2012 तक 834, अप्रैल 2012 से लेकर मार्च 2013 तक 961, अप्रैल 2013 से मार्च 2014 तक 929, अप्रैल 2014 से लेकर दिसंबर 2014 तक 862, जनवरी 2015 से लेकर दिसंबर 2015 तक 1101 और जनवरी 2016 से लेकर दिसंबर 2016 तक 774 लोगों को काट चुके हैं। ब्यूरो 


अब भी टालमटोली कर रहे वन और नगरपालिका 
नैनीताल। 12 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद भी वन विभाग और नगर पालिका के अधिकारी एक दूसरे के ऊपर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी धर्म सिंह मीणा ने कहा कि विभाग की संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है। विभाग पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद को तैयार है। किसी भी जंगली जानवर के कारण यदि किसी व्यक्ति की जान चली जाती है तो विभाग द्वारा मुआवजे के तौर पर परिवार को तीन लाख रुपये तक मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। नगर पालिका क्षेत्र में बंदर, लंगूरों को पकड़कर वन क्षेत्र में छोड़ने की जिम्मेदारी नगरपालिका परिषद की है लेकिन फिर भी विभाग जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लंगूर और बंदरों को पकड़ने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर नगरपालिका परिषद नैनीताल के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने कहा है कि लंगूर व बंदर वन्यजीवों की श्रेणी में आते हैं, इन्हें पकड़कर वनों में छोड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग की है।
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