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चौदांस घाटी के पांगू निवासी हैं कुमांऊ आयुक्त अरविंद ह्यांकी
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कुमाऊं के आयुक्त बनाए गए अरविंद सिंह ह्यांकि
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। नव नियुक्त कुमाऊं आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी सीमांत धारचूला तहसील की चौंदास घाटी के पांगू गांव के रहने वाले हैं। उनके कुमाऊं आयुक्त बनने पर पूरे सीमांत क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
आइएएस अधिकारी अरविंद सिंह ह्यांकी की हाईस्कूल तक की शिक्षा जीआईसी पांगू से हुई। इंटरमीडिएट कानपुर से और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से उन्होंने ग्रेजुएशन किया। 1986 में पहले ही प्रयास में उन्होंने पीसीएस की परीक्षा पास कर ली थी। पृथक उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 में उन्हें आईएएस कॉडर मिला। वर्ष 2013 में आठ माह के लिए नैनीताल के जिलाधिकारी भी रहे। पत्नी अमृता ह्यांकी गृहणी हैं। दो बेटियां प्रज्ञा और प्रेरणा सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं। बेटा तोसिन ने बीटेक किया है। उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ह्यांकी जीआईसी पांगू में शिक्षक हैं। उनकी चार बहनें भी विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियों में हैं। पिता दलीप सिंह और माता उदिमा देवी का पूर्व में निधन हो चुका है। उनके कुमाऊं आयुक्त बनने से सीमांत में खुशी है। अरविंद सिंह ह्यांकी के करीबी मित्रों में शामिल डीआरडीओ में कार्यरत करण सिंह ग्वाल ने उनकी कुमाऊं आयुक्त के पद पर नियुक्ति पर खुशी जताई है। वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल, रं कल्याण संस्था के संरक्षक चंद्र सिंह ह्यांकी, पूरन सिंह सेलाल, अशोक सिंह नबियाल, कृष्णा गर्ब्याल सहित व्यास, दारमा और चौंदास के लोगों ने इसे सीमांत के लिए गर्व का विषय बताया है।
अच्छे वक्ता भी हैं ह्यांकी
धारचूला। कुमाऊं आयुक्त के पद पर आसीन होने वाले सीमांत पांगू गांव के अरविंद सिंह ह्यांकी अच्छे प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ ही अच्छे वक्ता भी हैं। इसके अलावा लोक कला में भी उनकी विशेष रुचि है। वे पूर्व में रं कल्याण संस्था के केंद्रीय सचिव भी रह चुके हैं।
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सौरभ गहरवार बने पिथौरागढ़ के मुख्य विकास अधिकारी
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. सौरभ गहरवार पिथौरागढ़ के मुख्य विकास अधिकारी होंगे। डॉ. गहरवार शुक्रवार को पदभार ग्रहण करेंगे। पिथौरागढ़ की सीडीओ वंदना को रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी बनाया गया है। डॉ. सौरभ गहरवार 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अक्तूबर 2018 में गंगोलीहाट तहसील में बतौर संयुक्त मजिस्ट्रेट उनकी तैनाती हुई थी। पूर्व में रेडियोलॉजिस्ट रह चुके डॉ. गहरवार ने प्रशासनिक कार्यों के साथ ही गंगोलीहाट क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दशक से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन कर क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और अन्य बीमारों के अल्ट्रासाउंड किए। उनके इस प्रयास से यहां की महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए एक सौ किमी दूर जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ नहीं जाना पड़ा। पिछले साल जून में शासन ने उनका स्थानांतरण चमोली कर दिया था। इससे नाराज होकर क्षेत्र की जनता सड़क पर उतर आई थी। जनता के विरोध के बाद झुकी सरकार को आखिरकार उनका तबादला आदेश रद्द करना पड़ा था। ब्यूरो
अस्पतालों में भी सेवाएं देता रहूंगा
गंगोलीहाट। आईएएस डॉ. सौरभ गहरवार का कहना है कि गंगोलीहाट उनकी पहली तहसील रही है। इस क्षेत्र से मेरा लगाव हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि आगे भी पिथौरागढ़ से गंगोलीहाट आकर रविवार को अल्ट्रासाउंड करने का प्रयास करूंगा। ताकि यहां के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही जांच की सुविधा मिल सके और जिला मुख्यालय न जाना पड़े। उन्होंने पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड करने की बात कही। पिथौरागढ़ में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। हर बुधवार को लोहाघाट से डॉ. एलएम रखौलिया यहां आकर अल्ट्रासाउंड करते थे। लॉकडाउन के बाद वह यहां नहीं आ रहे हैं। डॉ. गहरवार ने पिछले हफ्ते दो दिन महिला अस्पताल में भी गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए। उनका स्थानांतरण जिला मुख्यालय में होने से अब जिला अस्पताल में भी नियमित अल्ट्रासाउंड होने की उम्मीद है।
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आइएएस अधिकारी अरविंद सिंह ह्यांकी की हाईस्कूल तक की शिक्षा जीआईसी पांगू से हुई। इंटरमीडिएट कानपुर से और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से उन्होंने ग्रेजुएशन किया। 1986 में पहले ही प्रयास में उन्होंने पीसीएस की परीक्षा पास कर ली थी। पृथक उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 में उन्हें आईएएस कॉडर मिला। वर्ष 2013 में आठ माह के लिए नैनीताल के जिलाधिकारी भी रहे। पत्नी अमृता ह्यांकी गृहणी हैं। दो बेटियां प्रज्ञा और प्रेरणा सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं। बेटा तोसिन ने बीटेक किया है। उनके छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ह्यांकी जीआईसी पांगू में शिक्षक हैं। उनकी चार बहनें भी विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियों में हैं। पिता दलीप सिंह और माता उदिमा देवी का पूर्व में निधन हो चुका है। उनके कुमाऊं आयुक्त बनने से सीमांत में खुशी है। अरविंद सिंह ह्यांकी के करीबी मित्रों में शामिल डीआरडीओ में कार्यरत करण सिंह ग्वाल ने उनकी कुमाऊं आयुक्त के पद पर नियुक्ति पर खुशी जताई है। वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव नृप सिंह नपलच्याल, रं कल्याण संस्था के संरक्षक चंद्र सिंह ह्यांकी, पूरन सिंह सेलाल, अशोक सिंह नबियाल, कृष्णा गर्ब्याल सहित व्यास, दारमा और चौंदास के लोगों ने इसे सीमांत के लिए गर्व का विषय बताया है।
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अच्छे वक्ता भी हैं ह्यांकी
धारचूला। कुमाऊं आयुक्त के पद पर आसीन होने वाले सीमांत पांगू गांव के अरविंद सिंह ह्यांकी अच्छे प्रशासनिक अधिकारी होने के साथ ही अच्छे वक्ता भी हैं। इसके अलावा लोक कला में भी उनकी विशेष रुचि है। वे पूर्व में रं कल्याण संस्था के केंद्रीय सचिव भी रह चुके हैं।
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सौरभ गहरवार बने पिथौरागढ़ के मुख्य विकास अधिकारी
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट के संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. सौरभ गहरवार पिथौरागढ़ के मुख्य विकास अधिकारी होंगे। डॉ. गहरवार शुक्रवार को पदभार ग्रहण करेंगे। पिथौरागढ़ की सीडीओ वंदना को रुद्रप्रयाग का जिलाधिकारी बनाया गया है। डॉ. सौरभ गहरवार 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। अक्तूबर 2018 में गंगोलीहाट तहसील में बतौर संयुक्त मजिस्ट्रेट उनकी तैनाती हुई थी। पूर्व में रेडियोलॉजिस्ट रह चुके डॉ. गहरवार ने प्रशासनिक कार्यों के साथ ही गंगोलीहाट क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दशक से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन कर क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और अन्य बीमारों के अल्ट्रासाउंड किए। उनके इस प्रयास से यहां की महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए एक सौ किमी दूर जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ नहीं जाना पड़ा। पिछले साल जून में शासन ने उनका स्थानांतरण चमोली कर दिया था। इससे नाराज होकर क्षेत्र की जनता सड़क पर उतर आई थी। जनता के विरोध के बाद झुकी सरकार को आखिरकार उनका तबादला आदेश रद्द करना पड़ा था। ब्यूरो
अस्पतालों में भी सेवाएं देता रहूंगा
गंगोलीहाट। आईएएस डॉ. सौरभ गहरवार का कहना है कि गंगोलीहाट उनकी पहली तहसील रही है। इस क्षेत्र से मेरा लगाव हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि आगे भी पिथौरागढ़ से गंगोलीहाट आकर रविवार को अल्ट्रासाउंड करने का प्रयास करूंगा। ताकि यहां के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही जांच की सुविधा मिल सके और जिला मुख्यालय न जाना पड़े। उन्होंने पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड करने की बात कही। पिथौरागढ़ में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। हर बुधवार को लोहाघाट से डॉ. एलएम रखौलिया यहां आकर अल्ट्रासाउंड करते थे। लॉकडाउन के बाद वह यहां नहीं आ रहे हैं। डॉ. गहरवार ने पिछले हफ्ते दो दिन महिला अस्पताल में भी गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए। उनका स्थानांतरण जिला मुख्यालय में होने से अब जिला अस्पताल में भी नियमित अल्ट्रासाउंड होने की उम्मीद है।