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बेटे को स्कूल भेजा फिर पंखे पर लटककर मर गई

Tue, 11 Jul 2017 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी।
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी। Updated Tue, 11 Jul 2017 02:17 AM IST
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Son sent to school, then hanging on a fan and died
आत्महत्या

गौजाजाली की चौधरी कालोनी में बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद महिला ने पंखे पर लटककर जान दे दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। पुलिस ने कमरे से सुसाइड नोट भी बरामद किया है।

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जिसमें उसने आत्महत्या के लिए खुद की बीमारी को जिम्मेदार ठहराया है। ससुराल वालों का भी कहना है कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ता था।  मायके वालों ने अभी कोई आरोप नहीं लगाया है। 
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कालोनी के उमेश माहेश्वरी ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार सुबह मसाले के कारोबार के सिलसिले में बाजार गया था। घर पर पत्नी शालिनी (26)और दो बेटे सिब्यांशु (पांच) और दिव्यांशु उर्फ डब्बू (डेढ़ साल) मौजूद थे। पत्नी करीब आठ बजे बेटे सिब्यांशु को स्कूल के ऑटो में बैठाकर लौट आई थी।
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करीब 11 बजे खाना बनाने के लिए उन्होंने शालिनी को फोन किया तो फोन नहीं उठा। कई बार कॉल करने पर वह परेशान हो गए। घर पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं आने पर उन्होंने जीने के सहारे अंदर झांककर देखा तो सन्न रह गए।

पत्नी की गर्दन पंखे से लटक रही थी। उसने घबराकर परिवार के लोगों और बनभूलपुरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर शव को नीचे उतारा। महिला ने दुपट्टे से फंदा लगाया था। डेढ़ साल का बेटा दिव्यांशु उर्फ डब्बू दूसरे कमरे में सो रहा था।

उमेश ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी छह साल पहले हुई थी। शालिनी को मिर्गी का दौरा पड़ता था। उसका मुखानी चौराहे के पास प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। पता चला कि वह छोटे बेटे को सुलाने के बाद आत्महत्या करने गई थी।

परिवार के लोग विवाद का कारण नहीं बता सके। पीलीभीत जिले के रुद्रपुर पूरनपुर निवासी शालिनी के पिता लालता प्रसाद, मामा अमित को लेकर मोर्चरी पहुंचे। 

कूलर के ऊपर रखा था सुसाइड नोट 

पुलिस ने शालिनी के कमरे की तलाशी ली तो कूलर पर रखा सुसाइड नोट बरामद किया। थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी का कहना है कि नोट में उसने घटना के लिए खुद की बीमारी को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट सील कर दिया है। माता पिता के आने पर पुलिस ने उन्हें बंद कमरे को खोलकर दिखाया। 


तीनों भाई अलग-अलग रहते हैं

उमेश माहेश्वरी के पिता कल्याण दास माहेश्वरी ने बताया कि उन्होंने कांटे के पास का मकान बेचकर चौधरी कालोनी में चार साल पहले मकान बनवाया था। उन्होंने तीनों बेटों ओमप्रकाश माहेश्वरी, ओमकार उर्फ रग्घू और उमेश के लिए अलग-अलग फ्लैट बनवाया था।

उमेश भी परिवार के साथ अलग रहता है। उनका कहना है कि उन्हें विवाद की जानकारी नहीं है। बहू और बेटे से झगड़ा होने की बात कभी प्रकाश में नहीं आई थी।

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