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जेएनएनयूआरएम बस में पकड़ में आया घोटाला
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डेमो
- फोटो : डेमो
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हल्द्वानी। जेएनएनयूआरएम काठगोदाम डिपो के चालक-परिचालकों को अधिक भुगतान करने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने चालक-परिचालकों को नियम विरुद्ध अधिक भुगतान कर दिया, इसकी खबर जैसे ही रोडवेज मुख्यालय को लगी तो खलबली मच गई। मुख्यालय के निर्देश में जांच शुरू हो गई है, इसमें प्रथम दृष्टया गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई है। अभी जांच चल रही है, इसमें और बड़ा खुलासा हो सकता है।
जेएनएनयूआरएम की बसें निर्धारित परिधि (75 किमी के दायरे) में चलती हैं। इनका रूट भी तय है। परिवहन निगम जेएनएनयूआरएम की बसों के चालक-परिचालकों को प्रति किमी 2.22 रुपये, 1.89 रुपये के हिसाब से एक निश्चित राशि का भुगतान करता है। जेएनएनयूआरएम काठगोदाम के अधिकारियों ने अपने डिपो की आय बढ़ाने के लिए इन बसों को निर्धारित रूट की जगह हरिद्वार, देहरादून जैसे लंबे रूटों में भेजा। इसके एवज में चालक-परिचालकों को प्रति किमी 2.18 रुपये, 1.86 रुपये के हिसाब से पेमेंट किया जाना था लेकिन अधिकारियों ने चालक-परिचालकों को प्रति किमी 2.22 रुपये, 1.89 रुपये के हिसाब से ही भुगतान कर दिया। इसमें नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। इससे निगम को लाखों रुपये की आर्थिक हानि हुई। मामला पकड़ पर आने पर मुख्यालय ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। एजीएम वित्त सुरेंद्र सिंह बिष्ट को जांच अधिकारी बनाया गया है।
अफसरों ने रोडवेज को ही लगा दिया लाखों का चूना
चालक-परिचालकों को नियम विरुद्ध किया अधिक भुगतान, जेएनएनयूआरएम के छह अफसरों के खिलाफ जांच बैठाई
जेएनएनयूआरएम काठगोदाम से जुड़े छह अधिकारियों को एक फरवरी 2019 को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ये जांच अधिक भुगतान को लेकर की जा रही है। जांच जनवरी से जून 2018 पीरियड की जा रही है। शुरूआती चरण में 72 हजार रुपये आर्थिक हानि पकड़ में आई है।
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- सुरेंद्र सिंह बिष्ट जांच अधिकारी
बिना टिकट यात्रा पर परिचालक बर्खास्त
हल्द्वानी। बिना टिकट यात्रा कराने पर हल्द्वानी डिपो के परिचालक की सेवा समाप्त कर दी है। शुक्रवार रात गाजियाबाद से हल्द्वानी आने वाली रोडवेज की बस की जांच में दो यात्री बिना टिकट के यात्रा करते मिले थे। जांच में परिचालक दोषी पाया गया। इस मामले में एजीएम वीके सैनी ने विशेष श्रेणी के परिचालक रवि चंद्र की सेवा समाप्त कर दी है।
रोडवेज के डिपो से गायब हैं मैनुअल टिकट
हल्द्वानी। रोडवेज के अधिकतर डिपो से करीब छह महीने पुराने मैनुअल टिकट और मार्ग पत्र बुक गायब होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि मैनुअल टिकट को गायब करने का काम सुनियोजित तरीके से किया गया, जिससे फर्जी टिकट पर यात्रियों को यात्रा कराई जा सके। रोडवेज यूनियन से जुड़े एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रोडवेज के कई डिपो से मैनुअल टिकट बुक और मार्ग पत्र गायब हैं। इसकी जानकारी डिपो के अधिकारियों को भी है। हल्द्वानी डिपो में छह माह पूर्व एक ऐसा मामला आया था। लेकिन डिपो अधिकारी इसमें फंस रहे थे। इसलिए प्रकरण को रफा-दफा कर दिया गया। अगर हल्द्वानी, काठगोदाम समेत अन्य डिपो का ऑडिट किया जाए तो बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है।
मामले की लीपापोती शुरू
हल्द्वानी। दिल्ली में पकड़े गए फर्जी टिकट बुक और मार्ग पत्र मामले में लीपापोती शुरू हो गई है। मामले के पांच दिन बीतने के बाद भी अधिकारी रिपोर्ट न मिलने की बात कह रहे हैं। हल्द्वानी रोडवेज के एआरएम वीके सैनी ने बताया कि रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
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जेएनएनयूआरएम की बसें निर्धारित परिधि (75 किमी के दायरे) में चलती हैं। इनका रूट भी तय है। परिवहन निगम जेएनएनयूआरएम की बसों के चालक-परिचालकों को प्रति किमी 2.22 रुपये, 1.89 रुपये के हिसाब से एक निश्चित राशि का भुगतान करता है। जेएनएनयूआरएम काठगोदाम के अधिकारियों ने अपने डिपो की आय बढ़ाने के लिए इन बसों को निर्धारित रूट की जगह हरिद्वार, देहरादून जैसे लंबे रूटों में भेजा। इसके एवज में चालक-परिचालकों को प्रति किमी 2.18 रुपये, 1.86 रुपये के हिसाब से पेमेंट किया जाना था लेकिन अधिकारियों ने चालक-परिचालकों को प्रति किमी 2.22 रुपये, 1.89 रुपये के हिसाब से ही भुगतान कर दिया। इसमें नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। इससे निगम को लाखों रुपये की आर्थिक हानि हुई। मामला पकड़ पर आने पर मुख्यालय ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। एजीएम वित्त सुरेंद्र सिंह बिष्ट को जांच अधिकारी बनाया गया है।
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अफसरों ने रोडवेज को ही लगा दिया लाखों का चूना
चालक-परिचालकों को नियम विरुद्ध किया अधिक भुगतान, जेएनएनयूआरएम के छह अफसरों के खिलाफ जांच बैठाई
जेएनएनयूआरएम काठगोदाम से जुड़े छह अधिकारियों को एक फरवरी 2019 को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ये जांच अधिक भुगतान को लेकर की जा रही है। जांच जनवरी से जून 2018 पीरियड की जा रही है। शुरूआती चरण में 72 हजार रुपये आर्थिक हानि पकड़ में आई है।
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- सुरेंद्र सिंह बिष्ट जांच अधिकारी
बिना टिकट यात्रा पर परिचालक बर्खास्त
हल्द्वानी। बिना टिकट यात्रा कराने पर हल्द्वानी डिपो के परिचालक की सेवा समाप्त कर दी है। शुक्रवार रात गाजियाबाद से हल्द्वानी आने वाली रोडवेज की बस की जांच में दो यात्री बिना टिकट के यात्रा करते मिले थे। जांच में परिचालक दोषी पाया गया। इस मामले में एजीएम वीके सैनी ने विशेष श्रेणी के परिचालक रवि चंद्र की सेवा समाप्त कर दी है।
रोडवेज के डिपो से गायब हैं मैनुअल टिकट
हल्द्वानी। रोडवेज के अधिकतर डिपो से करीब छह महीने पुराने मैनुअल टिकट और मार्ग पत्र बुक गायब होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि मैनुअल टिकट को गायब करने का काम सुनियोजित तरीके से किया गया, जिससे फर्जी टिकट पर यात्रियों को यात्रा कराई जा सके। रोडवेज यूनियन से जुड़े एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रोडवेज के कई डिपो से मैनुअल टिकट बुक और मार्ग पत्र गायब हैं। इसकी जानकारी डिपो के अधिकारियों को भी है। हल्द्वानी डिपो में छह माह पूर्व एक ऐसा मामला आया था। लेकिन डिपो अधिकारी इसमें फंस रहे थे। इसलिए प्रकरण को रफा-दफा कर दिया गया। अगर हल्द्वानी, काठगोदाम समेत अन्य डिपो का ऑडिट किया जाए तो बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है।
मामले की लीपापोती शुरू
हल्द्वानी। दिल्ली में पकड़े गए फर्जी टिकट बुक और मार्ग पत्र मामले में लीपापोती शुरू हो गई है। मामले के पांच दिन बीतने के बाद भी अधिकारी रिपोर्ट न मिलने की बात कह रहे हैं। हल्द्वानी रोडवेज के एआरएम वीके सैनी ने बताया कि रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।