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पेड़ पर लटका मिला निजी अस्पताल के एकाउंटेंट का शव
Updated Wed, 22 Aug 2018 02:13 AM IST
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sucide shimla
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नैनीताल। दिल्ली के निजी अस्पताल में एकाउंटेंट का काम करने वाले युवक ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मंगलवार को अयारपाटा के जंगल में उसका शव पेड़ से लटका मिला। मल्लीताल और तल्लीताल दोनों थानों की पुलिस एक घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही। बाद में एएसपी हरीश चंद्र सती खुद मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लोगों के अनुसार प्रेम प्रसंग के चलते युवक तनाव में था।
मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे एक प्रेमी युगल अयारपाटा के जंगल में घूमने गया था। इसी बीच उनकी नजर पेड़ पर लटके शव पर पड़ी। सूचना पुलिस तक पहुंची तो मल्लीताल और तल्लीताल थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई। बाद में एएसपी हरीश चंद्र सती मौके पर पहुंचे। इसी बीच सीओ सिटी विजय थापा, एसओ तल्लीताल राहुल राठी, एसएसआई मल्लीताल बीसी मासीवाल, कांस्टेबल विशेष बाबू, महेश भट्ट मौके पर पहुंच गए। शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। शव के पास मोबाइल, आधार कार्ड, पर्स और बैग मिला है। मृतक की पहचान दीपक मेहता (27) पुत्र त्रिलोक सिंह मेहता निवासी कमेटी लाइन, अयारपाटा के रूप में हुई। सूचना पाकर पहुंचे मृतक के दोस्तों ने बताया कि दीपक पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी रुचि रखता था। तीन साल पहले तक वह नगर में दादा-दादी के साथ रहता था। दोस्तों ने दबी जुबान से बताया कि दीपक का एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग था। तीन साल पहले उसका ब्रेकअप हो गया था। इससे तनाव इतना बढ़ा कि उसने टिप एंड टॉप के जंगल में जाकर जहर खा लिया था। हालांकि सही समय पर इलाज होने से उसकी जान बच गई। इसके बाद वह दिल्ली चला गया था। वहां एक निजी अस्पताल में एकाउंटेंट का काम करने लगा। मल्लीताल पुलिस के अनुसार हाल ही में वह अपने ताऊ गोविंद सिंह मेहता के घर नैनीताल आया था। उधर, पुलिस भी प्रेम प्रसंग की बात से इनकार नहीं कर रही है। एएसपी हरीश चंद्र सती ने बताया कि प्रथमदृष्टया प्रकरण आत्महत्या का लगता है। पुलिस के अनुसार युवक नशे का आदी था और शायद इसी कारण वह तनाव में रहता था।
प्रेम प्रसंग की चर्चा, लंबे समय से चल रहा था डिप्रेशन में
सीमा विवाद में उलझी पुलिस तो एएसपी खुद पहुंचे शव को नीचे उतरवाने
-पिता रहते हैं गांव में-
दीपक के पिता त्रिलोक सिंह बागेश्वर के गांव बसकुना में रहते हैं। पुलिस ने पिता को सूचना दे दी है। मृतक के पिता नैनीताल के लिए रवाना हो चुके हैं।
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मंगलवार को अयारपाटा के जंगल में उसका शव पेड़ से लटका मिला। मल्लीताल और तल्लीताल दोनों थानों की पुलिस एक घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही। बाद में एएसपी हरीश चंद्र सती खुद मौके पर पहुंचे और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लोगों के अनुसार प्रेम प्रसंग के चलते युवक तनाव में था।
मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे एक प्रेमी युगल अयारपाटा के जंगल में घूमने गया था। इसी बीच उनकी नजर पेड़ पर लटके शव पर पड़ी। सूचना पुलिस तक पहुंची तो मल्लीताल और तल्लीताल थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई। बाद में एएसपी हरीश चंद्र सती मौके पर पहुंचे। इसी बीच सीओ सिटी विजय थापा, एसओ तल्लीताल राहुल राठी, एसएसआई मल्लीताल बीसी मासीवाल, कांस्टेबल विशेष बाबू, महेश भट्ट मौके पर पहुंच गए। शव को पेड़ से नीचे उतारा गया। शव के पास मोबाइल, आधार कार्ड, पर्स और बैग मिला है। मृतक की पहचान दीपक मेहता (27) पुत्र त्रिलोक सिंह मेहता निवासी कमेटी लाइन, अयारपाटा के रूप में हुई। सूचना पाकर पहुंचे मृतक के दोस्तों ने बताया कि दीपक पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी रुचि रखता था। तीन साल पहले तक वह नगर में दादा-दादी के साथ रहता था। दोस्तों ने दबी जुबान से बताया कि दीपक का एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग था। तीन साल पहले उसका ब्रेकअप हो गया था। इससे तनाव इतना बढ़ा कि उसने टिप एंड टॉप के जंगल में जाकर जहर खा लिया था। हालांकि सही समय पर इलाज होने से उसकी जान बच गई। इसके बाद वह दिल्ली चला गया था। वहां एक निजी अस्पताल में एकाउंटेंट का काम करने लगा। मल्लीताल पुलिस के अनुसार हाल ही में वह अपने ताऊ गोविंद सिंह मेहता के घर नैनीताल आया था। उधर, पुलिस भी प्रेम प्रसंग की बात से इनकार नहीं कर रही है। एएसपी हरीश चंद्र सती ने बताया कि प्रथमदृष्टया प्रकरण आत्महत्या का लगता है। पुलिस के अनुसार युवक नशे का आदी था और शायद इसी कारण वह तनाव में रहता था।
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प्रेम प्रसंग की चर्चा, लंबे समय से चल रहा था डिप्रेशन में
सीमा विवाद में उलझी पुलिस तो एएसपी खुद पहुंचे शव को नीचे उतरवाने
-पिता रहते हैं गांव में-
दीपक के पिता त्रिलोक सिंह बागेश्वर के गांव बसकुना में रहते हैं। पुलिस ने पिता को सूचना दे दी है। मृतक के पिता नैनीताल के लिए रवाना हो चुके हैं।