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फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों का लोन निकालने का मामला
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:52 PM IST
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खटीमा। चकरपुर एसबीआई की शाखा के प्रबंधक ने शनिवार कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपकर 19 किसानों पर फर्जी दस्तावेज लगाकर करीब सवा करोड़ का ऋण बैंक से निकालने और बकाया न लौटाने की तहरीर सौंपी। संदेह है कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से ऐसा किया गया होगा। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
शाखा प्रबंधक अमित गर्ग ने पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा कि चकरपुर एसबीआई की शाखा से 1.26 करोड़ रुपये का ऋण छह जुलाई 2010 से सात जनवरी 2017 के बीच किसानों को फसली ऋण दिया गया था। निरीक्षण में पाया गया कि 19 किसानों ने अपने खसरा-खतौनी में फर्जी तरीके से अपनी भूमि को अधिक दर्ज कर ऋण प्राप्त किया है। कुछ ने जो जमीन पहले से दूसरे बैंकों में बंधक है, उन जमीनों पर फर्जी खसरा-खतौनी प्रस्तुत कर गलत तरीके से ऋण हासिल कर लिया। आरोप है कि इन किसानों ने व्यक्तिगत लाभ के लिए धोखाधड़ी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। उन्हें बैंक ने नियमानुसार सूचित कर दिया, फिर भी इनमें से अधिकतर बकाएदार ऋण का बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। गर्ग ने 19 किसानों के नाम पुलिस को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल भट्ट ने बताया कि यह बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि इस मामले में दो बैंक कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था।
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शाखा प्रबंधक अमित गर्ग ने पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा कि चकरपुर एसबीआई की शाखा से 1.26 करोड़ रुपये का ऋण छह जुलाई 2010 से सात जनवरी 2017 के बीच किसानों को फसली ऋण दिया गया था। निरीक्षण में पाया गया कि 19 किसानों ने अपने खसरा-खतौनी में फर्जी तरीके से अपनी भूमि को अधिक दर्ज कर ऋण प्राप्त किया है। कुछ ने जो जमीन पहले से दूसरे बैंकों में बंधक है, उन जमीनों पर फर्जी खसरा-खतौनी प्रस्तुत कर गलत तरीके से ऋण हासिल कर लिया। आरोप है कि इन किसानों ने व्यक्तिगत लाभ के लिए धोखाधड़ी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। उन्हें बैंक ने नियमानुसार सूचित कर दिया, फिर भी इनमें से अधिकतर बकाएदार ऋण का बकाया जमा नहीं कर रहे हैं। गर्ग ने 19 किसानों के नाम पुलिस को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल भट्ट ने बताया कि यह बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि इस मामले में दो बैंक कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था।
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