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उच्चशिक्षा में तबादला सूची के इंतजार में प्राध्यापक
Updated Fri, 29 Jun 2018 02:04 AM IST
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हल्द्वानी। उच्चशिक्षा निदेशालय द्वारा डिग्री कॉलेजों के प्राध्यापकों के दस फीसदी से अधिक तबादले करने के दबाव के चलते तबादला सूची फाइनल नहीं हो पा रही है। इस संशय के चलते तबादले की जद में आने के डर से एमबी कॉलेज के कई प्राध्यापक दुबले हुए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी प्राध्यापक और प्राचार्य इधर-उधर मोबाइल से फोन कर जानकारी हासिल करने में लगे रहे।
उच्चशिक्षा विभाग की प्रभारी निदेशक डॉ. सविता मोहन ने तीन दिन पहले महाविद्यालयों में तैनात विभिन्न संवर्गों के 37 कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। इसे लेकर निदेशालय में भी चर्चा थी कि कर्मियों के तबादले 10 प्रतिशत मानक से अधिक हुए हैं। मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के 19 पद हैं, जिसमें से दस फीसदी मानक के आधार पर केवल दो लोगों का तबादला हो सकता था लेकिन चार मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए गए। मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के एक पदाधिकारी का एमबी कालेज से अति दुर्गम महाविद्यालय किया गया है। नियम के तहत दो वर्ष तक यूनियन पदाधिकारियों का तबादला नहीं किया सकता। माना जा रहा है कि मंत्री का विरोध करने का खामियाजा पदाधिकारी को भुगतना पड़ा है। प्राध्यापकों के तबादले की सूची शासन से बुधवार को भी जारी नहीं हो सकी तथा असमंजस की स्थिति बनी है। निदेशक डॉ. सविता मोहन पिछले तीन दिन से देहरादून में ही डेरा डाले हुए हैं।
निदेशालय की कोशिश कि दस प्रतिशत से अधिक हों तबादले
शासन को यह मंजूर नहीं, ऐसे में लटकी हुई है तबादला सूची
कर्मियों के तबादले दस फीसदी से अधिक क्यों किए गए, इसके बारे में निदेशक से पूछा जाएगा। प्राध्यापकों के तबादले की सूची पर अभी मंथन चल रहा है। इसे जल्द जारी किया जाएगा।
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- डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव
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उच्चशिक्षा विभाग की प्रभारी निदेशक डॉ. सविता मोहन ने तीन दिन पहले महाविद्यालयों में तैनात विभिन्न संवर्गों के 37 कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। इसे लेकर निदेशालय में भी चर्चा थी कि कर्मियों के तबादले 10 प्रतिशत मानक से अधिक हुए हैं। मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के 19 पद हैं, जिसमें से दस फीसदी मानक के आधार पर केवल दो लोगों का तबादला हो सकता था लेकिन चार मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए गए। मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के एक पदाधिकारी का एमबी कालेज से अति दुर्गम महाविद्यालय किया गया है। नियम के तहत दो वर्ष तक यूनियन पदाधिकारियों का तबादला नहीं किया सकता। माना जा रहा है कि मंत्री का विरोध करने का खामियाजा पदाधिकारी को भुगतना पड़ा है। प्राध्यापकों के तबादले की सूची शासन से बुधवार को भी जारी नहीं हो सकी तथा असमंजस की स्थिति बनी है। निदेशक डॉ. सविता मोहन पिछले तीन दिन से देहरादून में ही डेरा डाले हुए हैं।
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निदेशालय की कोशिश कि दस प्रतिशत से अधिक हों तबादले
शासन को यह मंजूर नहीं, ऐसे में लटकी हुई है तबादला सूची
कर्मियों के तबादले दस फीसदी से अधिक क्यों किए गए, इसके बारे में निदेशक से पूछा जाएगा। प्राध्यापकों के तबादले की सूची पर अभी मंथन चल रहा है। इसे जल्द जारी किया जाएगा।
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- डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव