{"_id":"5fc134298ebc3e9bc567cefd","slug":"told-to-come-home-in-february-arrived-in-tricolor-kotdwar-news-drn3630832126","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"शहीद स्वतंत्र ने फरवरी में घर आने का किया था वादा, उससे पहले ही तिरंगे में लिपटकर पहुंचा पार्थिव शरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद स्वतंत्र ने फरवरी में घर आने का किया था वादा, उससे पहले ही तिरंगे में लिपटकर पहुंचा पार्थिव शरीर
चंद्रमोहन शुक्ला, अमर उजाला, कोटद्वार
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 11:06 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
16वीं गढ़वाल राइफल के सूबेदार स्वतंत्र सिंह (46) ने देश की सीमा की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनके शहीद होने की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, वे अचेत हो गए। 82 वर्षीय मां प्यारी देवी घर के सुबकते बिलखते हुए आंगन में ऐसे टहलने लगी, जैसे उसे बेटे के लौटने का इंतजार हो।
2 of 5
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी रेखा देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे और बेटियों ने बताया कि अगस्त में ड्यूटी पर गए पापा ने फरवरी में छुट्टी लेकर आने की बात कही थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वे छुट्टी से पहले ही लौट आए, लेकिन तिरंगे में लिपटकर।
3 of 5
- फोटो : अमर उजाला
शहीद सूबेदार स्वतंत्र सिंह रावत का परिवार कोटद्वार से करीब 30 किमी दूर कांडाखाल के पास उडियारी में रहता है। वे अपने पीछे चार बेटे बेटियों, पत्नी और वृद्ध मां को छोड़ गए हैं। बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे सेना की ओर से परिजनों को उनके शहीद होने की खबर लगी, तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी रेखा देवी अचेत हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
- फोटो : अमर उजाला
चार बच्चों में सबसे बड़े बेटे अंकित रावत ने बताया कि उनके परिजन, कुटुंब और गांव में शोक की लहर छा गई। वह बताते हैं कि पापा जुलाई में छुट्टी आए थे और 10 अगस्त को ड्यूटी पर चले गए। जाते समय पापा ने छोटी बहन शिवानी, संगीता और सबसे छोटे भाई आदित्य को फरवरी में घर आने की बात कही थी। गांव वाले बताते हैं कि स्वतंत्र सिंह बेहद व्यवहार कुशल थे।
विज्ञापन
5 of 5
- फोटो : अमर उजाला
शहीद सूबेदार स्वतंत्र सिंह के रिश्तेदार डीएस नेगी ने बताया कि उनके परिवार की पृष्ठभूमि सेना से जुड़ी रही। शहीद के पिता स्व. प्रेम सिंह रावत भी सेना में सेवारत रहे। यही नहीं उनके दादा भी सेना में रहे। एसडीएम योगेश मेहरा और तहसीलदार विकास अवस्थी ने शुक्रवार दिन में उडयारी गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। बताया कि शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।