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और भव्य होगा हरितालिका तीज उत्सव : मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोरखाली महिला हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य व व्यापक रूप से आयोजित किए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से गोरखाली समाज की माताओं और बहनों में उत्साह देखने को मिला। गढ़ी कैंट में रविवार को यह नेपाल त्रासदी के कारण सादगी से मनाया गया। इस दौरान मृतकों की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक मंत्राेच्चार हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से हमारे नाते रिश्ते हैं। हम इस दुख की घड़ी में हर वक्त नेपाल के साथ खड़े हैं।
जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित इस हरितालिका तीज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नेपाल में काल कलवित हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरितालिका तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। ऐसे पारंपरिक पर्व नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने गोरखाली समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वीरता, निष्ठा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति के लिए पहचाने जाने वाले गोरखा वीरों ने देश की सीमाओं की रक्षा में सदैव अदम्य साहस का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, खेल, कला, साहित्य और समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गोरखाली समाज प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में आजाद हिंद फौज शहीद द्वार का शिलान्यास किया गया है। यह शहीद द्वार गोरखा समाज के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, गीता पुष्कर धामी, गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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मानव सभ्यता को रुलाने वाली त्रासदी : बालकृष्ण
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने नेपाल में जल प्रलय में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई यह त्रासदी पूरी मानव सभ्यता को रुलाने वाली है। पहले समिति ने हरितालिका तीज को भव्य बनाने की योजना बनाई थी लेकिन त्रासदी के कारण सारा कार्यक्रम बदल दिया गया। यह सब उलटा पुलटा हो गया लेकिन इसे देखकर कि हम नेपाल के दुख के साथ खड़े हैं दिल सुलटा हो गया।
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जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित इस हरितालिका तीज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नेपाल में काल कलवित हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरितालिका तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। ऐसे पारंपरिक पर्व नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने गोरखाली समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वीरता, निष्ठा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति के लिए पहचाने जाने वाले गोरखा वीरों ने देश की सीमाओं की रक्षा में सदैव अदम्य साहस का परिचय दिया है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षा, खेल, कला, साहित्य और समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गोरखाली समाज प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में आजाद हिंद फौज शहीद द्वार का शिलान्यास किया गया है। यह शहीद द्वार गोरखा समाज के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, गीता पुष्कर धामी, गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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मानव सभ्यता को रुलाने वाली त्रासदी : बालकृष्ण
पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने नेपाल में जल प्रलय में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि नेपाल में आई यह त्रासदी पूरी मानव सभ्यता को रुलाने वाली है। पहले समिति ने हरितालिका तीज को भव्य बनाने की योजना बनाई थी लेकिन त्रासदी के कारण सारा कार्यक्रम बदल दिया गया। यह सब उलटा पुलटा हो गया लेकिन इसे देखकर कि हम नेपाल के दुख के साथ खड़े हैं दिल सुलटा हो गया।