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बनने के साथ ही उखाड़ी जा रही हैं सड़कें

Thu, 12 Sep 2019 11:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2019 11:09 PM IST
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Roads are being uprooted as they are being built
शहर में बनने के साथ ही सड़कों को उखाड़ा भी जा रहा है। जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की बर्बादी की जा रहा है। जहां एक ओर सांसद निधि, विधायक निधि, लोनिवि, नगर निगम आदि की ओर से सड़कें बनाई जा रही है, वहीं ऊर्जा निगम लाइनों को भूमिगत करने के लिए इन नई सड़कों को उखाड़ रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकारी महकमों में आपसी तालमेल की कमी है।
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शहर में कुंभ 2021 से पूर्व बिजली की केबिल को भूमिगत किया जाना है। जुलाई में इसका काम शुरू भी हो चुुका है। उधर, शहर में बदहाल सड़कों का को बनाने का काम भी जोरों पर चल रहा है। एचआरडीए और लोक निर्माण विभाग सड़कें बनाने में लगा है। मगर सरकारी महकमों में आपसी तालमेल दिखाई नहीं दे रहा है। इसका नतीजा यह है कि इधर सड़क बनकर तैयार नहीं होती उधर ऊर्जा निगम उन्हें उखाड़ने में लग जाता है। दो महीने पहले बनी सत्यम विहार कालोनी की सीसी सड़क को सोमवार को बिजली की केबिल भूूमिगत करने के लिए जगह-जगह खोद दिया गया है। एचआरडीए ने 1600 मीटर की लंबी रानी गली भूपतवाला की आधी सड़क पिछले साल नगर निगम चुनाव के समय बनाई थी। शिवनगर की सड़क भी एचआरडीए ने ही बनाई थी। यही नहीं भट्टा कॉलोनी में तो तीन दिन से ही लगभग एक किलोमीटर की दो सड़कों बनाने का काम चल रहा है। ऊर्जा निगम ने भी वहां भूमिगत केबिल के लिए लाइप लाकर डाल दिए हैं और सड़क बनने के तुरंत बाद ऊर्जा निगम खुदाई शुरू कर देगा।
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मुख्य सचिव के आदेश को भी दिखाया ठेंगा
सरकारी कार्यदायी विभागों ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के 5 सितंबर के आदेश को भी ठेंगा दिखा दिया है। तब उन्होंने कहा कि विद्युत लाइनों को भूमिगत किए जाने से पूर्व संबंधित क्षेत्रों में जिला योजना, राज्य योजना, आपदा प्रबंधन निधि, सांसद निधि व विधायक निधि से सड़क, नाली, पार्क आदि से संबंधी विकास कार्य न कराए जाएं। सीएस के पत्र के बाद भी सड़कें बनाई और तोड़ी जा रही हैं।
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हमने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को विभागीय पत्र लिखा है कि जो सड़कें अभी बनाई गई हैं और बनाई जा रही हैैं उनको न खोदा जाए। उन्होंने स्वयं भी साइड निरीक्षण किया है। ऊर्जा निगम से लेआउट प्लान भी मांगा गया है।
-दीपक कुमार, ईई, प्रां. खंड लोनिवि।
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