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झूला पुल नहीं तो वोट नहीं : ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
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बालक आर्यन की मौत से गुस्साए ग्रामीणों का प्रदर्शन, आज डीएम को देंगे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
लालढांग। रवासन नदी पर पुल बनाने की मांग के लिए ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सोमवार को ग्रामीण डीएम को ज्ञापन भी देंगे। कहा कि जब तक पुल नहीं बन जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रवासन नदी में बालक आर्यन के डूबने से हुई मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने अरविंद रावत के नेतृत्व में झूला पुल की मांग के लिए मोर्चा खोल दिया है। लालढांग क्षेत्र के चमरिया रसूलपुर मीठी के ग्रामीणों ने रवासन नदी पर झूला पुल की मांग के लिए रवासन नदी के किनारे उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
गांव-गांव से ग्रामीण रवासन नदी रसूलपुर के सामने एकत्रित हुए। झूला पुल नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि झूला पुल की स्वीकृति और किस्तें जारी हो चुकी हैं तो फिर भी रसूलपुर में झूला पुल का निर्माण क्यों लंबित है।
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सरकार से जवाब मांगने के लिए ग्रामीण सात सितंबर को जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित को ज्ञापन देंगे। कहा कि जिलाधिकारी की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस मौके पर हेमा देवी, पूनम केस्टवाल, ओमवती देवी, बिक्की उप्रेती, कपिल कांडपाल, सुरेंद्र रावत, नंदकिशोर सैनी, नारायण सिंह, गोकुल सिंह रावत, रिहान उस्मानी आदि मौजूद रहे।
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बालक आर्यन की मौत से गुस्साए ग्रामीणों का प्रदर्शन, आज डीएम को देंगे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
लालढांग। रवासन नदी पर पुल बनाने की मांग के लिए ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सोमवार को ग्रामीण डीएम को ज्ञापन भी देंगे। कहा कि जब तक पुल नहीं बन जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रवासन नदी में बालक आर्यन के डूबने से हुई मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने अरविंद रावत के नेतृत्व में झूला पुल की मांग के लिए मोर्चा खोल दिया है। लालढांग क्षेत्र के चमरिया रसूलपुर मीठी के ग्रामीणों ने रवासन नदी पर झूला पुल की मांग के लिए रवासन नदी के किनारे उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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गांव-गांव से ग्रामीण रवासन नदी रसूलपुर के सामने एकत्रित हुए। झूला पुल नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाया कि झूला पुल की स्वीकृति और किस्तें जारी हो चुकी हैं तो फिर भी रसूलपुर में झूला पुल का निर्माण क्यों लंबित है।
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सरकार से जवाब मांगने के लिए ग्रामीण सात सितंबर को जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित को ज्ञापन देंगे। कहा कि जिलाधिकारी की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इस मौके पर हेमा देवी, पूनम केस्टवाल, ओमवती देवी, बिक्की उप्रेती, कपिल कांडपाल, सुरेंद्र रावत, नंदकिशोर सैनी, नारायण सिंह, गोकुल सिंह रावत, रिहान उस्मानी आदि मौजूद रहे।