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सम्मान निधि के इंतजार में चंपावत जिले के 1315 किसान
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चंपावत। कोरोना की दूसरी लहर के बीच अर्थव्यवस्था से लेकर खेती-किसानी के बुरे हाल हैं। ऐसे में शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जारी हुई आठवीं किस्त हजारों किसानों के लिए मददगार बनी है।
किसानों का कहना है कि दो हजार रुपये की इस राशि से अब वे अदरक और अन्य फसलों की बुआई कर सकेंगे। वहीं जिले में 1315 ऐसे किसान भी हैं, जिन्हें ये राशि नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह किसानों के प्रपत्रों में खामी बताई गई है।
मोदी सरकार ने फरवरी 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत किसानों को हर साल दो हजार-दो हजार रुपये की तीन किस्तें दी जाती हैं। प्रधानमंत्री ने इस योजना की आठवीं किस्त जारी की।
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इस योजना का जिले में हजारों किसानों को लाभ भी हुआ है। योजना के तहत जिले में 37684 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से फिलहाल 1315 लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती का कहना है कि बैंक खाता से आधार लिंक न होने और किसान प्रपत्रों में नाम या अन्य खामियों की वजह से किसानों को किस्त स्थानांतरित होने में दिक्कत आ रही है। इन खामियों को दूर कराया जा रहा है।
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किसानों का कहना है कि दो हजार रुपये की इस राशि से अब वे अदरक और अन्य फसलों की बुआई कर सकेंगे। वहीं जिले में 1315 ऐसे किसान भी हैं, जिन्हें ये राशि नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह किसानों के प्रपत्रों में खामी बताई गई है।
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मोदी सरकार ने फरवरी 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत किसानों को हर साल दो हजार-दो हजार रुपये की तीन किस्तें दी जाती हैं। प्रधानमंत्री ने इस योजना की आठवीं किस्त जारी की।
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इस योजना का जिले में हजारों किसानों को लाभ भी हुआ है। योजना के तहत जिले में 37684 किसान पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से फिलहाल 1315 लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वहीं मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती का कहना है कि बैंक खाता से आधार लिंक न होने और किसान प्रपत्रों में नाम या अन्य खामियों की वजह से किसानों को किस्त स्थानांतरित होने में दिक्कत आ रही है। इन खामियों को दूर कराया जा रहा है।