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भूटान में युद्धाभ्यास के लिए गए सूबेदार की मौत
Sat, 25 May 2019 11:37 PM IST
दीपक नेगी
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sat, 25 May 2019 11:37 PM IST
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बागेश्वर में सरयू घाट पर सूबेदार को अंतिम विदाई देते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
भूटान में युद्धाभ्यास के लिए गए सूबेदार की हृदय गति रुकने से मौत हो गई है। सूबेदार का शनिवार को सरयू नदी किनारे स्थित घाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया है।
कैलाश राम 49 वर्षीय पुत्र प्रेम राम निवासी कलेरिया, अल्मोड़ा 2 कुमाऊं में सूबेदार के पद पर तैनात थे। वह 22 अप्रैल को युद्धाभ्यास के लिए साथियों के साथ भूटान गए थे। चार मई को ट्रेनिंग शुरू हुई तो अचानक हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। निधन होने पर हेलीकॉप्टर से उनका शव दिल्ली लाया गया। बाद में सड़क मार्ग से शव को रानीखेत लाया गया।
सूबेदार का इसी साल दिसंबर में रिटायरमेंट होना था। उनके निधन से घर में पत्नी नारायणी देवी, बेटे संतोष और दीपक का रो-रो कर बुरा हाल है। शनिवार को सरयू घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सूबेदार पूरन सिंह, राजेश पुनेठा, मनोज उपाध्याय, ऑनरेरी कैप्टन नारायण सिंह, प्रताप सिंह, संजीव और हरीश ने अंतिम विदाई दी। प्रशासन की ओर से तहसीलदार नबषिक खलीक, पटवारी रमेश चंद्र आदि मौजूद थे।
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कैलाश राम 49 वर्षीय पुत्र प्रेम राम निवासी कलेरिया, अल्मोड़ा 2 कुमाऊं में सूबेदार के पद पर तैनात थे। वह 22 अप्रैल को युद्धाभ्यास के लिए साथियों के साथ भूटान गए थे। चार मई को ट्रेनिंग शुरू हुई तो अचानक हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया। निधन होने पर हेलीकॉप्टर से उनका शव दिल्ली लाया गया। बाद में सड़क मार्ग से शव को रानीखेत लाया गया।
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सूबेदार का इसी साल दिसंबर में रिटायरमेंट होना था। उनके निधन से घर में पत्नी नारायणी देवी, बेटे संतोष और दीपक का रो-रो कर बुरा हाल है। शनिवार को सरयू घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सूबेदार पूरन सिंह, राजेश पुनेठा, मनोज उपाध्याय, ऑनरेरी कैप्टन नारायण सिंह, प्रताप सिंह, संजीव और हरीश ने अंतिम विदाई दी। प्रशासन की ओर से तहसीलदार नबषिक खलीक, पटवारी रमेश चंद्र आदि मौजूद थे।
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