हल्का रहा स्टार वार: जेपी नड्डा पिथौरागढ़...तो राजनाथ पहुंचे थे लोहाघाट, रण में अकेले दिखाई दिए थे टम्टा
लोकसभा सीट में स्टार वार देखने को नहीं मिला। संसदीय सीट में केवल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षामंत्री राजनाथ की सभा हुई। सीएम धामी की भी संसदीय सीट में सीमित सभाएं हुई। कांग्रेस की तो चारों जिलों में एक भी सार्वजनिक सभा नहीं हुई।
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अल्मोड़ा संसदीय सीट में वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव निरस प्रचार के लिए जाना जाएगा। लोकसभा सीट में स्टार वार देखने को नहीं मिला। संसदीय सीट में केवल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षामंत्री राजनाथ की सभा हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी संसदीय सीट में सीमित सभाएं हुई। कांग्रेस की तो चारों जिलों में एक भी सार्वजनिक सभा नहीं हुई।
राजनीतिक दल स्टार वार से चुनावी माहौल तैयार करते हैं। अल्मोड़ा संसदीय सीट में इस बार स्टार वार का एक ोप्रकार से टोटा रहा। चुनाव अभियान के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अप्रैल की शुरूआत में पिथौरागढ़ में चुनावी सभा को संबोधित किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की चंपावत जिले के लोहाघाट में सभा हुई।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी संसदीय सीट में सीमित सभाएं हुई। मुख्यमंत्री धामी की बागेश्वर जिले में दुगनाकुरी और गरुड़ में सभाएं हुई। सीएम धामी की अल्मोड़ा में सभा की। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर में रोड शो के साथ ही जनसभा की। चंपावत जिला सीएम की सभा से अछूता रहा। सीएम ने टनकपुर और बनबसा में रोड शो किया। सीएम पिथौरागढ़ में जेपी नड्डा की सभा में मौजूद रहे। सीएम ने पिथौरागढ़ के नाचनी में सभा को संबोधित किया। इसके अतिरिक्त भाजपा का कोई भी दिग्गज संसदीय सीट में चुनाव प्रचार के लिए नहीं पहुंचा। बागेश्वर जिला मुख्यालय में किसी भी दल की सभा नहीं हुई। बात कांग्रेस की करें तो कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा के नामांकन के अवसर पर अल्मोड़ा के चौघानपाटा में सभा हुई। इस स
रण में अकेले दिखाई दिए थे प्रदीप
इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप टम्टा चुनावी रण में अकेले दिखाई दिए। उन्होंने चारों जिलों के विभिन्न इलाकों में जनसंपर्क किया। चुनाव प्रचार के दौरान वह चारों जिलों में पहुंचे। किसी भी जिले में कांग्रेस की सार्वजनिक सभा नहीं हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं के साथ ही जनता की सीधे भागीदारी रही हो। अल्मोड़ा संसदीय सीट में कांग्रेस के दिग्गज हरीश रावत के प्रचार की कमान थामने की उम्मीद प्रत्याशियों की घोषणा होने से पूर्व लगाई जा रही थी लेकिन अपने पुत्र वीरेंद्र रावत को हरिद्वार सीट से संसद पहुंचाने की चाह में हरीश रावत हरिद्वार से बाहर नहीं निकल पाए। कांग्रेस की लगातार तीसरी बार करारी हार के कारणों में चुनाव प्रचार में पिछड़ना भी रहा है। इससे कतई इनकार नहीं किया जा सकता।