Election Results: अपने ही घर में पार्टी प्रत्याशी के हाथों को मजबूत नहीं कर सके दिग्गज, मिली हार
अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है और विपक्ष के दिग्गजों को उनके ही गढ़ में धराशायी किया है। लोकसभा सीट को फतेह करने का दंभ भरने वाले चारों जिले के विपक्षी दिग्गज अपने ही गढ़ में अपनी पार्टी को बढ़त दिलाने में नाकाम साबित हुए हैं।
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अल्मोड़ा संसदीय सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है और विपक्ष के दिग्गजों को उनके ही गढ़ में धराशायी किया है। लोकसभा सीट को फतेह करने का दंभ भरने वाले चारों जिले के विपक्षी दिग्गज अपने ही गढ़ में अपनी पार्टी को बढ़त दिलाने में नाकाम साबित हुए हैं। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ की दो-दो और चंपावत की एक विधानसभा पर काबिज कांग्रेस भाजपा से पार नहीं पा सकी है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिथौरागढ़ सीट पर भाजपा प्रत्याशी को 63.8 जबकि कांग्रेस को सिर्फ 31.5 प्रतिशत मत मिले। धारचूला सीट पर दिग्गज अपने प्रत्याशी को 32 प्रतिशत मत दिला सके जबकि भाजपा को यहां 62.8 प्रतिशत मत मिले। लोहाघाट सीट पर 66.5, कांग्रेस का 20 प्रतिशत लोगों ने साथ दिया। वहीं, अल्मोड़ा सीट पर भाजपा को 57.5, कांग्रेस को 36.3 प्रतिशत, द्वाराहाट सीट पर भाजपा को 67.5 जबकि कांग्रेस को 25 प्रतिशत मत मिले।
अल्मोड़ा संसदीय सीट पर अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिले की 14 विधानसभा शामिल हैं। अल्मोड़ा, द्वाराहाट, पिथौरागढ़, धारचूला और लोहाघाट विस में कांग्रेस का कब्जा है। मतदान से पहले दोनों प्रमुख दलों ने इस सीट पर अपनी जीत के दावे किए थे, लेकिन परिणाम भाजपा के पक्ष में आया है और कांग्रेस को शिकस्त मिली है। आंकड़े बताते हैं कि इन सीटों का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस के रणबाकुंरे अपने ही घर में अपने प्रत्याशी को बढ़त दिलाने में कामयाब नहीं हो सके हैं और उनके घर में भाजपा ने मैदान मारा है। अल्मोड़ा विधानसभा में भाजपा को 27099, कांग्रेस को 17148, द्वाराहाट में भाजपा को 28463, कांग्रेस को 10312 , पिथौरागढ़ में भाजपा को 34336, कांग्रेस को 16862, धारचूला में भाजपा को 26512, कांग्रेस को 13415 और लोहाघाट में भाजपा को 36206, कांग्रेस को 10892 मत मिले। आंकड़ों से साफ है कि कांग्रेस के दिग्गज अपने गढ़ में पार्टी का हाथ मजबूत करने में कामयाब नहीं हो सके हैं।
वर्ष 2014 में धारचूला उपचुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रिकार्ड मतों से जीते थे। तब यहां के विधायक हरीश धामी ने इस सीट को कांग्रेस का गढ़ बताते हुए हरीश रावत के लिए सीट छोड़ी थी। भाजपा के बीडी जोशी को सिर्फ 10,608 मत मिले, जबकि हरीश रावत ने 31,207 वोट लाकर 20,599 के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की थी।
अजय से हिसाब बराबर नहीं कर सके प्रदीप
अल्मोड़ा संसदीय सीट वर्ष 2009 में आरक्षित हुई। तब भाजपा ने अजय टम्टा और कांग्रेस ने प्रदीप टम्टा पर भरोसा जताते हुए मैदान में उतारा। प्रदीप टम्टा ने भरोसे को कायम रखते हुए अजय टम्टा को 6950 मतों के अंतर से हराया। 2014 के अगले चुनाव में फिर से दोनों चिर परिचित प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने थे, लेकिन इस बार अजय ने 95690 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर पिछली हार का बदला लिया। 2019 के चुनाव में दोनों के बीच फिर से मुकाबला हुआ और अजय ने 232986 रिकार्ड मतों से विजय हासिल कर दिल्ली का सफर तय किया। 2024 के चुनाव में फिर से दोनों दलों ने पुराने प्रतिद्वंद्वियों को मैदान में उतारा। इस बार प्रदीप टम्टा के पास हिसाब बराबर करने का मौका था, इससे वह चूक गए और अजय के विजय रथ को रोकने में कामयाब नहीं हो सके।
विधानसभा भाजपा कांग्रेस कुल मतदान
अल्मोड़ा 27099 17148 47006
द्वाराहाट 28463 10312 42345
पिथौरागढ़ 34336 16862 54157
धारचूला 26512 13415 42367
लोहाघाट 36206 10892 50449