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थाली से ही नहीं देश से गायब हो रही दाल

Fri, 13 Nov 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Fri, 13 Nov 2015 12:38 AM IST
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pulse problem
केंद्र और राज्य सरकारें घाटे की खेती करा रही हैं। नतीजा यह है कि किसान खेती छोड़ रहे हैं। 2001 से 2011 तक देश में 12.50 करोड़ में से 11.87 करोड़ किसान रह गए हैं।
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यानी करीब 63 लाख किसान परिवार खेती छोड़ चुके हैं। दलहन में खासतौर पर अरहर, उड़द, चना और मूंग का उत्पादन गिर रहा है। क्षेत्रफल भी लगातार घट रहा है। अगर यही हालात रहे तो अभी तो थाली से गायब दिखने वाली दाल धीरे-धीरे देश से भी गायब हो जाएगी।
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कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय से जन सूचना अधिकार के तहत प्राप्त आंकड़े कुछ ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के नाजरपुर नाईपुरा निवासी जागरूक किसान चौधरी शिवराज सिंह द्वारा मांगे गए इन आंकड़ों से साबित हो रहा है कि सरकार की नीतियां किसान का हाल बेहाल कर रही हैं।
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एनडीए सरकार को डेढ़ साल और नीति आयोग को बने छह माह बीतने के बाद भी कृषि नीतियों में कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा है। कृषि एवं सहकारिता मंत्रालय का नाम बदलकर कृषक कल्याण मंत्रालय भले ही कर दिया गया हो, लेकिन जमीनी तौर पर किसान का कल्याण होता नहीं दिख रहा है।

कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) से प्राप्त आंकड़ों में उत्पादन लागत और समर्थन मूल्य में काफी अंतर है। जबकि वास्तविक उत्पादन लागत सीएसीपी द्वारा घोषित उत्पादन लागत से अधिक है। लेकिन किसानों को उत्पादन लागत के अनुसार भी समर्थन मूल्य नहीं दिया जा रहा है।

जैसे महाराष्ट्र में उड़द की उत्पादन लागत 6764 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि 2015-16 में उड़द का समर्थन मूल्य 4425 रुपए प्रति क्विंटल घोषित है, ऐसे में प्रति क्विंटल 2339 रुपए का घाटा किसान को है। वहीं उत्तर प्रदेश में उत्पादन लागत 5279 रुपए है तो 854 रुपए प्रति क्विंटल का घाटा किसान को हो रहा है। इतने बड़े घाटे में किसान कब तक खेती करेगा।

उत्पादन लागत और बिक्री के बीच के अंतर को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार नीतियों में बदलाव करने के बजाए किसान को क्रेडिट कार्ड की सुविधा दे रही है, जोकि किसान को कर्जदार बनाता जा रहा है। हालात यह है मानसिक तनाव में किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।


इस तरह घट रहा अरहर का क्षेत्रफल
अरहर            क्षेत्रफल  
2010-11        4.37 लाख हेक्टेयर
2011-12        4.01 लाख हेक्टेयर
2012-13        3.89 लाख हेक्टेयर
2013-14        3.90 लाख हेक्टेयर
2014-15        3.70 लाख हेक्टेयर
(लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल घटा)


इस तरह घट रहा उड़द का क्षेत्रफल
उड़द            क्षेत्रफल  
2010-11        3.25 लाख हेक्टेयर
2011-12        3.22 लाख हेक्टेयर
2012-13        3.13 लाख हेक्टेयर
2013-14        3.06 लाख हेक्टेयर
2014-15        3.19 लाख हेक्टेयर
(लगभग 0.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल घटा)


इस तरह घट रहा चना का क्षेत्रफल
चना            क्षेत्रफल  
2010-11        9.19 लाख हेक्टेयर
2011-12        8.30 लाख हेक्टेयर
2012-13        8.52 लाख हेक्टेयर
2013-14        9.93 लाख हेक्टेयर
2014-15        8.37 लाख हेक्टेयर
(लगभग 0.83 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल घटा)


उत्पादन लागत और समर्थन मूल्य
दाल        लागत        समर्थन मूल्य
अरहर        4598        4425
उड़द        4483        4423
मूंग        5025        4650
(केंद्र सरकार ने हाल में 250 रुपए बढ़ाए हैं)


केंद्र व राज्य सरकार किसानों के हितों में नीतियां नहीं बनाएंगी तो हालात यह होंगे कि देश से किसान खेती छोड़कर मजदूरी करने को विवश होंगे। क्योंकि  किसान खेती से पेट नहीं भर सकेगा। क्योंकि नीतियां बदलने के बजाए सरकार किसानों को कर्ज उपलब्ध कराके मदद करने का छलावा कर रही हैं, इससे कर्जदार होकर किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
-चौधरी शिवराज सिंह, अध्यक्ष छोटे एवं सीमांत किसान बचाओ संघर्ष समिति
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