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सहाबा की सीरत पर अमल करें मुसलमान
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:41 AM IST
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मौलाना मतीनुल हक उसामा कासमी कानपुरी ने फरमाया कि मुसलमानों को सहाबा की सीरत से सबक लेना चाहिए। कुराने पाक और रसूले खुदा के बताए रास्ते पर चलकर दुनिया को इंसानियत का पैगाम देना चाहिए।
शहर के टाउन हाल के मैदान पर गुरुवार की रात तहरीके मसावात ने महफिले यादे सहाबा का आयोजन किया। जिसका आगाज कुराने पाक की तिलावत से हुआ। मौलाना मतीनुल हक उसामा कासमी कानपुरी ने फरमाया कि रसूल अल्लाह के तमाम करीबी सहाबा रहे हैं।
उन्होंने मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलकर इस्लाम का परचम दुनिया में पहराने के साथ ही अपनी जिंदगी को भी आला बना लिया। उन्होंने दहशतदर्गी पर फरमाया कि इस्लाम कभी खून खराबे की इजाजत नहीं देता और न ही तलवार की नोंक पर इस्लाम कायम हुआ है।
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इस्लाम इंसानियत के दम पर दुनिया में कायम हुआ है और कयामत में कायम रहेगा। लेकिन जो लोग हथियार उठाकर मासूमों का कत्लेआम करते हैं, उनका वास्ता न तो इस्लाम से रहा है और न ही कभी रहेगा।
मौलाना मोहम्मद राशिद आजमी और मौलाना मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने भी सहाबा की सीरत पर रोशनी डाली। तहरीके मसावात के सदर मौलाना रिजवान, चेयरमैन अफसर परवेज, साद अमरोही, कफील सहसपुरी, महताब खालिद, सहाब अनवर, जमशेद नवाज, शहजाद परवेज, तौहीद अख्तर, मोहम्मद माविया, मौअज्जम खान, नादिर रिजवी आदि मौजूद रहे। कनवीनर बख्तियार उल इस्लाम ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
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शहर के टाउन हाल के मैदान पर गुरुवार की रात तहरीके मसावात ने महफिले यादे सहाबा का आयोजन किया। जिसका आगाज कुराने पाक की तिलावत से हुआ। मौलाना मतीनुल हक उसामा कासमी कानपुरी ने फरमाया कि रसूल अल्लाह के तमाम करीबी सहाबा रहे हैं।
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उन्होंने मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलकर इस्लाम का परचम दुनिया में पहराने के साथ ही अपनी जिंदगी को भी आला बना लिया। उन्होंने दहशतदर्गी पर फरमाया कि इस्लाम कभी खून खराबे की इजाजत नहीं देता और न ही तलवार की नोंक पर इस्लाम कायम हुआ है।
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इस्लाम इंसानियत के दम पर दुनिया में कायम हुआ है और कयामत में कायम रहेगा। लेकिन जो लोग हथियार उठाकर मासूमों का कत्लेआम करते हैं, उनका वास्ता न तो इस्लाम से रहा है और न ही कभी रहेगा।
मौलाना मोहम्मद राशिद आजमी और मौलाना मोहम्मद अफ्फान मंसूरपुरी ने भी सहाबा की सीरत पर रोशनी डाली। तहरीके मसावात के सदर मौलाना रिजवान, चेयरमैन अफसर परवेज, साद अमरोही, कफील सहसपुरी, महताब खालिद, सहाब अनवर, जमशेद नवाज, शहजाद परवेज, तौहीद अख्तर, मोहम्मद माविया, मौअज्जम खान, नादिर रिजवी आदि मौजूद रहे। कनवीनर बख्तियार उल इस्लाम ने सभी का शुक्रिया अदा किया।