फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   lisadi khurd

लिसड़ी खुर्द के ग्रामीणों को सद्दाम की करतूत पर यकीन नहीं

Sun, 17 Jan 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Sun, 17 Jan 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
lisadi khurd
आतंकी संगठन हरकत उल जिहाद उल इस्लामी यानी हूजी की मदद करने के शक में पकड़े गए सद्दाम हुसैन की वजह से क्षेत्र का गांव लिसड़ी खुर्द इन दिनों चर्चा में है। एलआईयू समेत तमाम एजेंसियों के लोग गांव पहुंच कर सद्दाम के परिजनों से पूछताछ कर रहे हैं। हालांकि, लिसड़ी खुर्द गांव के लोग हैरत में हैं।
विज्ञापन


उनको इसका यकीन नहीं हो रहा है कि, सद्दाम देशविरोधी गतिविधियों में भी शामिल हो सकता है। ग्रामीण गांव में घुसने वाले हर अंजान व्यक्ति की गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीण सद्दाम का घर पूछते ही बस दूर से एक घर की ओर इशारा कर देते हैं।
विज्ञापन


थाना बछरायूं के गांव लिसड़ी खुर्द की आबादी करीब 1200 है। यहां रहने वाले दिलशेर के 20 साल के पुत्र सद्दाम हुसैन को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोहिंग्या मुस्लिम व बांग्लादेशी मुस्लिमों को भारतीय पासपोर्ट के जरिए मध्य एशिया के देशों में भेजने के फेर में गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सद्दाम की गिरफ्तारी की अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर ग्रामीण भौंचक्के रह गए। उनको यकीन ही नहीं हुआ कि सद्दाम ऐसे कार्यों में लिप्त है, हालांकि परिजनों को बीते गुरुवार को ही एक फोन कॉल के जरिए उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिल गई थी।

ग्राम प्रधान बबीता गुर्जर के पति महकपाल गुर्जर का कहना है कि सद्दाम के बारे में इससे पहले कोई भी खराब जानकारी नहीं मिली है। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उसके चर्चा में आने से गांव के लोग आशंकित हैं। ग्रामीण इस संबंध में बातचीत करने से परहेज कर रहे हैं।


मेरे बेटे को शौकत अली ने फंसाया है: पिता दिलशेर
मंडी धनौरा(अमरोहा)। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किए गए सद्दाम के परिजन अपने बेटे की गिरफ्तारी से बेहद दुखी हैं। उनको पिछले दिनों लकवा मार दिया था, बमुश्किल चल फिर पाते हैं।

 उनका कहना है कि उनके बेटे को शौकत अली ने झूठा फंसाया है। सद्दाम दिल्ली के सराय काले खां में शौकत के यहां नौकरी करता है। दिलशेर और माता अकबरी ने बताया कि सद्दाम बीते मंगलवार यानी 12 जनवरी को ही दिल्ली गया था। वह अली के यहां नौकरी करता था, शौकत ने ही उसे फोन पर बुलाया था।

सद्दाम कक्षा 10 पास है और सीधा है। प्रधानी के चुनाव में वह पूरे समय गांव में ही रहा है। उसे शौकत ने ही फंसाया है। मां अकबरी ने बताया कि बीते गुरुवार को उनके पास दिल्ली से किसी का फोन आया था। फोन करने वाले ने उनको सद्दाम की गिरफ्तारी की सूचना दी थी।

सद्दाम से मिलने के लिए दिलशेर का दामाद व एक पुत्र शुक्रवार शाम दिल्ली गए थे। परिजनों का कहना है कि उनका फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। उनको आशंका है कि कहीं पुलिस ने उनको भी गिरफ्तार न कर लिया हो।

परिजनों के मुताबिक सद्दाम रूई की धुनाई का काम करता था। उसने अमरोहा में व हापुड़ में भी रूई की धुनाई का कार्य किया है। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई है। आठ भाई-बहनों में सद्दाम चौथे नंबर का है।

सद्दाम के घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं
मंडी धनौरा(अमरोहा)। सद्दाम के परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। गांव के एक छोर पर स्थित उसका मकान पक्का तो है लेकिन मकान के बाहर-भीतर से प्लास्टर नहीं हुआ है। पिता के पास मात्र चार बीघा भूमि बताई गई है।

पिता व भाई मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं। दिलशेर चारों लड़कियों की शादी कर चुके हैं। सद्दाम की शादी भी पिछले साल की है। अब उनको यकीन नहीं आ रहा है कि सद्दाम गलत काम में लिप्त है।


लिसड़ी खुर्द गांव में मुस्लिम व सैनी बिरादरी के लोग ही रहते हैं। कुछ परिवार जाटवों के भी हैं। सैनी बिरादरी के लोग सद्दाम के बारे में मुंह खोलने को तैयार नहीं हुए तो मुस्लिम उसे बेकसूर बता रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed