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हिंदुस्तान अमन इत्तेहाद की सरजमीं
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:16 AM IST
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मोहर्रम के चेहल्लुम के सिलसिले में बुधवार से शहर के विभिन्न आजाखानों में मजलिसें शुरू हो गईं हैं, जो दो दिसंबर तक जारी रहेंगे।
शहर के दानिशमंदान स्थित अजाखाना बजीरून निशा में मौलाना ने हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को याद किया और हिंदुस्तान को अमन, इत्तेहाद की सरजमीं बताया।
शहर के मोहल्ला दानिशमंदान के अजाखाना बजीरून निशा में मुदस्सिर अली खां व हमनवां ने मरसियाख्वानी की। मजलिस को खिताब करते मौलाना तनवीर रजा विक्टर ने फरमाया कि इमाम हुसैन ने अपनी जिंदगी से कौम को इत्तेहाद का पैगाम दिया।
उन्होंने कहा कि साजिशों के तहत समाज में नफरत के बीज बोए जाते हैं लेकिन तालीमयाफ्ता इंसान जानता है कि नफरत का जवाब मोहब्बत से किस तरह दिया जाता है। हमारा मुल्क हिंदुस्तान अमन इत्तेहाद की सरजमीं है।
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यहां के अलावा मोहल्ला गुजरी स्थित इमामबाड़ा अलमदार अली खां, मोहल्ला दानिशमंदान स्थित इमामबाड़ा अकबर अली, मोहल्ला शफातपोता में भी मजलिस आयोजित हुईं।
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शहर के दानिशमंदान स्थित अजाखाना बजीरून निशा में मौलाना ने हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को याद किया और हिंदुस्तान को अमन, इत्तेहाद की सरजमीं बताया।
शहर के मोहल्ला दानिशमंदान के अजाखाना बजीरून निशा में मुदस्सिर अली खां व हमनवां ने मरसियाख्वानी की। मजलिस को खिताब करते मौलाना तनवीर रजा विक्टर ने फरमाया कि इमाम हुसैन ने अपनी जिंदगी से कौम को इत्तेहाद का पैगाम दिया।
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उन्होंने कहा कि साजिशों के तहत समाज में नफरत के बीज बोए जाते हैं लेकिन तालीमयाफ्ता इंसान जानता है कि नफरत का जवाब मोहब्बत से किस तरह दिया जाता है। हमारा मुल्क हिंदुस्तान अमन इत्तेहाद की सरजमीं है।
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यहां के अलावा मोहल्ला गुजरी स्थित इमामबाड़ा अलमदार अली खां, मोहल्ला दानिशमंदान स्थित इमामबाड़ा अकबर अली, मोहल्ला शफातपोता में भी मजलिस आयोजित हुईं।