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हर तरफ आस्था का सैलाब, हर-हर गंगे के घोष से गूंजे घाट
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:13 AM IST
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कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए उत्तर भारत के ऐतिहासिक तिगरी गंगा मेले में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार मध्य रात्रि से शुरू हुआ स्नान का सिलसिला अगले दिन देर शाम तक चला। इस दौरान पूरा मेला क्षेत्र मां गंगा के घोष से गूंजता रहा।
गंगा की रेती में चारों ओर श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। मेले में करीब पंद्रह लाख श्रद्धालुओं के गंगा में डुबकी लगाई और मां गंगे को नमन कर आशीर्वाद मांगा। स्नान के बाद हवन पूजन किया और गंगा में पुष्प अर्पित कर परिवर की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके बाद डेरे उखड़ने शुरू हो गए और श्रद्धालुओं का कारवां घरों की ओर लौटने लगा। उधर, श्रद्धालुओं के कारवां से मंगलवार रात से ही नेशनल हाईवे से लेकर संपर्क मार्गों तक यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। गजरौला में भानपुर रेलवे क्रासिंग से तिगरी धाम तक आठ किलो मीटर लंबा जाम लगा रहा। रेंग-रेंगकर वाहन आगे बढ़ पाए।
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कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 18 नवंबर से लगा तिगरी धाम मेला मंगलवार मध्य रात्रि से ही शवाब पर था। मुख्य स्नान के लिए जिले समेत आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का रेला पुण्य लाभ के लिए तिगरी की ओर बढ़ा रहा था।
इससे दूधिया रोशनी में नहाए मेला क्षेत्र की गंगा की रेती पर तिल रखने भर की जगह नजर नहीं आ रही थी। हर तरफ उल्लास का माहौल था, तमाम लोगों ने रात में ही स्नान करना शुरू किया, मगर भोर के बाद तो हर कोई गंगा स्नान के लिए उतावला नजर आया।
पूरे दिन गंगा में श्रद्धालुओं के गोते लगाने का सिलसिला जारी रहा। मुख्य स्नान के बाद खिचड़ी भोज हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने घरों का रुख कर दिया। करीब पंद्रह लाख श्रद्धालुओं के गंगा में डुबकी लगाने का अनुमान है। इधर, डीएम और एसपी ने गंगा घाटों का दौरा कर सुरक्षा का जायजा लिया।
पुलिस की वजह से बिगड़ी स्थिति
तिगरी धाम। पुलिस की लापरवाही ने कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के दिन श्रद्धालुओं की फजीहत करा दी। वाईआईपी पास लगे वाहनों की वीआईपी मार्ग पर नो एंट्री करने से स्थिति बिगड़ गई।
वाईआईपी मार्ग पर तैनात एक दरोगा की ओर से सपा के झंडे लगी गाड़ियों को वीआईपी मार्ग से निकलवाने और अन्य वीआईपी पास वाले वाहनों को इस मार्ग पर रोकने से हंगामे की स्थिति बनी रही और मेला क्षेत्र में भी जाम लग गया।
किसी तरह श्रद्धालु ट्रैक्टर ट्राली में अपना सामान आदि रखकर जोया मार्ग और बिजनौर मार्ग होते हुए गंतव्य की ओर जा पाए।
श्रद्धालुओं ने गंगा में किया दीप दान
तिगरी गंगा मेला। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के दौरान दीप दान करने का सिलसिला मंगलवार की शाम से शुरू होकर बुधवार सुबह तक चला। श्रद्धालुओं ने गंगा में दीपदान कर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विभिन्न संगठनों के कैंपों में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
तिगरी गंगा धाम। गंगा मेले में जहां एक ओर श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए खेल तमाशे और झूले लगाए गए थे। वहीं मेले में लगे विभिन्न संगठनों के कैंपों में रात भर सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे।
सेक्टर छह में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में वृंदावन और मथुरा के कलाकारों ने धार्मिक नृत्य की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। कलाकारों ने दीप नृत्य व मयूर नृत्य के माध्यम से श्रद्धालुओं का मनमोह लिया।
बच्चे और बुजुर्गों को अपनों से मिलाने में लगी रही स्काउट
तिगरी गंगा धाम। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले इस विशाल तिगरी गंगा धाम मेले में भारत स्काउट की भूमिका सराहनीय रही। स्काउट की ओर से मेले में खोला गया खोया पाया केंद्र बिछड़ों को अपनों से मिलाने का केंद्र बना रहा।
यहां बच्चों के साथ बुजुर्गों को भी अपनों से मिलाया गया। सूचना केंद्र प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पूरे मेले में स्काउट ने 190 बच्चों को उनके परिवार से मिलाया। इसके अलावा कुछ महिला और वृद्ध तक को परिजनों तक पहुंचाया गया। कुल मिलाकर ढाई सौ से अधिक लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया।
गंगा तट पर महकी खिचड़ी की खुशबू
तिगरी गंगा धाम। कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा धाम मेले में उड़द और चावल की खिचड़ी की महक आती रही। मुख्य स्नान के बाद तंबुओं में महिला श्रद्धालुओं ने चूल्हों पर खिचड़ी पकाई और दान किया। बाद में परिवार के साथ खिचड़ी का जायका लिया। वहीं विभिन्न संगठनों ने भी खिचड़ी और हलवा का वितरण किया।
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गंगा की रेती में चारों ओर श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। मेले में करीब पंद्रह लाख श्रद्धालुओं के गंगा में डुबकी लगाई और मां गंगे को नमन कर आशीर्वाद मांगा। स्नान के बाद हवन पूजन किया और गंगा में पुष्प अर्पित कर परिवर की सुख-समृद्धि की कामना की।
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इसके बाद डेरे उखड़ने शुरू हो गए और श्रद्धालुओं का कारवां घरों की ओर लौटने लगा। उधर, श्रद्धालुओं के कारवां से मंगलवार रात से ही नेशनल हाईवे से लेकर संपर्क मार्गों तक यातायात व्यवस्था लड़खड़ा गई। गजरौला में भानपुर रेलवे क्रासिंग से तिगरी धाम तक आठ किलो मीटर लंबा जाम लगा रहा। रेंग-रेंगकर वाहन आगे बढ़ पाए।
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कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 18 नवंबर से लगा तिगरी धाम मेला मंगलवार मध्य रात्रि से ही शवाब पर था। मुख्य स्नान के लिए जिले समेत आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का रेला पुण्य लाभ के लिए तिगरी की ओर बढ़ा रहा था।
इससे दूधिया रोशनी में नहाए मेला क्षेत्र की गंगा की रेती पर तिल रखने भर की जगह नजर नहीं आ रही थी। हर तरफ उल्लास का माहौल था, तमाम लोगों ने रात में ही स्नान करना शुरू किया, मगर भोर के बाद तो हर कोई गंगा स्नान के लिए उतावला नजर आया।
पूरे दिन गंगा में श्रद्धालुओं के गोते लगाने का सिलसिला जारी रहा। मुख्य स्नान के बाद खिचड़ी भोज हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने घरों का रुख कर दिया। करीब पंद्रह लाख श्रद्धालुओं के गंगा में डुबकी लगाने का अनुमान है। इधर, डीएम और एसपी ने गंगा घाटों का दौरा कर सुरक्षा का जायजा लिया।
पुलिस की वजह से बिगड़ी स्थिति
तिगरी धाम। पुलिस की लापरवाही ने कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के दिन श्रद्धालुओं की फजीहत करा दी। वाईआईपी पास लगे वाहनों की वीआईपी मार्ग पर नो एंट्री करने से स्थिति बिगड़ गई।
वाईआईपी मार्ग पर तैनात एक दरोगा की ओर से सपा के झंडे लगी गाड़ियों को वीआईपी मार्ग से निकलवाने और अन्य वीआईपी पास वाले वाहनों को इस मार्ग पर रोकने से हंगामे की स्थिति बनी रही और मेला क्षेत्र में भी जाम लग गया।
किसी तरह श्रद्धालु ट्रैक्टर ट्राली में अपना सामान आदि रखकर जोया मार्ग और बिजनौर मार्ग होते हुए गंतव्य की ओर जा पाए।
श्रद्धालुओं ने गंगा में किया दीप दान
तिगरी गंगा मेला। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के दौरान दीप दान करने का सिलसिला मंगलवार की शाम से शुरू होकर बुधवार सुबह तक चला। श्रद्धालुओं ने गंगा में दीपदान कर अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विभिन्न संगठनों के कैंपों में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
तिगरी गंगा धाम। गंगा मेले में जहां एक ओर श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए खेल तमाशे और झूले लगाए गए थे। वहीं मेले में लगे विभिन्न संगठनों के कैंपों में रात भर सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे।
सेक्टर छह में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में वृंदावन और मथुरा के कलाकारों ने धार्मिक नृत्य की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। कलाकारों ने दीप नृत्य व मयूर नृत्य के माध्यम से श्रद्धालुओं का मनमोह लिया।
बच्चे और बुजुर्गों को अपनों से मिलाने में लगी रही स्काउट
तिगरी गंगा धाम। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले इस विशाल तिगरी गंगा धाम मेले में भारत स्काउट की भूमिका सराहनीय रही। स्काउट की ओर से मेले में खोला गया खोया पाया केंद्र बिछड़ों को अपनों से मिलाने का केंद्र बना रहा।
यहां बच्चों के साथ बुजुर्गों को भी अपनों से मिलाया गया। सूचना केंद्र प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पूरे मेले में स्काउट ने 190 बच्चों को उनके परिवार से मिलाया। इसके अलावा कुछ महिला और वृद्ध तक को परिजनों तक पहुंचाया गया। कुल मिलाकर ढाई सौ से अधिक लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया।
गंगा तट पर महकी खिचड़ी की खुशबू
तिगरी गंगा धाम। कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा धाम मेले में उड़द और चावल की खिचड़ी की महक आती रही। मुख्य स्नान के बाद तंबुओं में महिला श्रद्धालुओं ने चूल्हों पर खिचड़ी पकाई और दान किया। बाद में परिवार के साथ खिचड़ी का जायका लिया। वहीं विभिन्न संगठनों ने भी खिचड़ी और हलवा का वितरण किया।