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हत्या कर फांसी पर लटकाई युवक की लाश
ब्यूूराे/अमर उजाला अमराेहा
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:23 AM IST
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एक सप्ताह से घर से लापता युवक की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में जटी वन में करीब पांच सौ मीटर भीतर पेड़ से लटकी मिली। मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। सोमवार दोपहर उसने पिता से फोन पर बात की थी। मंगलवार को उसकी मौत की बात सामने आई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव जीरखी का रहने वाला अंकुर चौहान (20) पुत्र सत्यवीर चौहान मुरादाबाद में विजय इलेक्ट्रानिक कंपनी में काम करता था। यह कंपनी विद्युत विभाग के लिए विद्युत लाइन बिछाने का काम करती है। 18 जनवरी को कंपनी का तार चोरी हुआ था, जिसका आरोप अंकुर पर लगाया गया था।
ठेकेदार और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। कुछ दिन पहले मुरादाबाद पुलिस ने मूढ़ा चौकी पुलिस के साथ अंकुर के घर पर दबिश भी दी थी, लेकिन वह हाथ नहीं आया था। इधर, सप्ताहभर से अंकुर अपने घर भी नहीं गया, मोबाइल पर भी किसी से बातचीत नहीं की थी।
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सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अंकुर ने पिता से मोबाइल पर बात की थी। मंगलवार सुबह करीब सात बजे पिता के मोबाइल पर मैसेज आया कि मेरी लाश जटीवन में पेड़ पर लटकी है, उतार कर ले जाओ। उधर, सुबह के समय वन विभाग के कर्मचारियों की नजर पेड़ पर लटकी लाश पर पड़ी, तो थाना पुलिस से लेकर एसपी तक को सूचित किया।
दोपहर के वक्त मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को पेड़ से उतारा। पैंट में मिले पर्स से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस ने पंचनामा भरकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का रो रोकर बुराहाल था।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
अमरोहा। नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव जीरखी के अंकुर चौहान की मौत से कई सवाल उठ रहे हैं। मृतक के भाई मनवीर सिंह ने बताया कि अंकुर इंटर तक पढ़ा लिखा था, लेकिन इतना होशियार नहीं था कि अंग्रेेजी में मैसेज लिख सके।
पिता के मोबाइल पर जो मैसेज भेजा गया था, उसे लिखने में कोई गलती नहीं की गई है। जबकि सुसाइड नोट टूटी फूटी हिंदी में लिखा गया है और लेख भी अंकुर की लिखावट से मेल नहीं खा रहा है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
कहीं अंकुर के सीने में दफन तो नहीं था गहरा राज
अमरोहा। अंकुर की जेब से जो सुसाइड नोट निकला है, उसमें काली ठेकेदार का माल उठवाकर दिल्ली के किसी कबाड़ी को बेचने का जिक्र है, वहीं काली की ओर से माल बेचने का जिक्र भी किया गया है, जो संदेह प्रकट करता है।
कहीं ऐसा तो नहीं है कि माल की चोरी में किसी और का हाथ हो, अंकुर इस राज को जानता हो। इस राज के कारण अंकुर को रास्ते से हटा दिया गया और हत्या को आत्महत्या का रूप दे दिया।
मृतक के भाई मनवीर सिंह ने बताया कि सोमवार की दोपहर जिस वक्त अंकुर का फोन आया था तो बात करते वक्त ऐसा महसूस हो रहा था कि शायद अंकुर बात खुद नहीं कह रहा था बल्कि दूसरा व्यक्ति उससे कहलवा रहा था।
आखिर फांसी के लिए इतने भीतर का क्षेत्र क्यों चुना
अमरोहा। जटी वन करीब 57 हेक्टेयर में फैला हुआ है। पूरा इलाका घने वृक्षों से घिरा हुआ है। वासुदेव तीर्थ स्थल से कुछ दूर चलने के बाद ही जटी वन की सीमा आरंभ हो जाती है।
अंकुर की लाश मुख्य सड़क से करीब पांच सौ मीटर अंदर जटी वन में लटकी मिली है। यदि उसे आत्महत्या ही करनी थी, तो गांव के आस पास भी कर सकता था। दूसरी बात, आत्महत्या के लिए चिकनी छाल का ही पेड़ क्यों चुना गया।
प्लास्टिक की रस्सी पेड़ की डाल पर मजबूती से बांधी गई थी और इतनी मजबूत गांठ पेड़ पर बैठकर नहीं लगाई जा सकती। चूंकि गांठ का सिरा भी नीचे की तरफ था।
इससे साफ है कि फांसी का फंदा पेड़ पर चढ़कर नहीं बांधा गया बल्कि नीचे से ही ऊंची वस्तु पर चढ़कर बांधा गया है, शायद वह चार पहिया वाहन भी हो सकता है। पिता के मोबाइल पर जो मैसेज भेजा गया, उसमें लिखा था कि मेरी लाश जटीवन में पेड़ पर लटकी है, उतार कर ले जाओ। जो मरने के बाद की स्थिति को प्रकट करता है।
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नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव जीरखी का रहने वाला अंकुर चौहान (20) पुत्र सत्यवीर चौहान मुरादाबाद में विजय इलेक्ट्रानिक कंपनी में काम करता था। यह कंपनी विद्युत विभाग के लिए विद्युत लाइन बिछाने का काम करती है। 18 जनवरी को कंपनी का तार चोरी हुआ था, जिसका आरोप अंकुर पर लगाया गया था।
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ठेकेदार और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। कुछ दिन पहले मुरादाबाद पुलिस ने मूढ़ा चौकी पुलिस के साथ अंकुर के घर पर दबिश भी दी थी, लेकिन वह हाथ नहीं आया था। इधर, सप्ताहभर से अंकुर अपने घर भी नहीं गया, मोबाइल पर भी किसी से बातचीत नहीं की थी।
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सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अंकुर ने पिता से मोबाइल पर बात की थी। मंगलवार सुबह करीब सात बजे पिता के मोबाइल पर मैसेज आया कि मेरी लाश जटीवन में पेड़ पर लटकी है, उतार कर ले जाओ। उधर, सुबह के समय वन विभाग के कर्मचारियों की नजर पेड़ पर लटकी लाश पर पड़ी, तो थाना पुलिस से लेकर एसपी तक को सूचित किया।
दोपहर के वक्त मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को पेड़ से उतारा। पैंट में मिले पर्स से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस ने पंचनामा भरकर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का रो रोकर बुराहाल था।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
अमरोहा। नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव जीरखी के अंकुर चौहान की मौत से कई सवाल उठ रहे हैं। मृतक के भाई मनवीर सिंह ने बताया कि अंकुर इंटर तक पढ़ा लिखा था, लेकिन इतना होशियार नहीं था कि अंग्रेेजी में मैसेज लिख सके।
पिता के मोबाइल पर जो मैसेज भेजा गया था, उसे लिखने में कोई गलती नहीं की गई है। जबकि सुसाइड नोट टूटी फूटी हिंदी में लिखा गया है और लेख भी अंकुर की लिखावट से मेल नहीं खा रहा है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
कहीं अंकुर के सीने में दफन तो नहीं था गहरा राज
अमरोहा। अंकुर की जेब से जो सुसाइड नोट निकला है, उसमें काली ठेकेदार का माल उठवाकर दिल्ली के किसी कबाड़ी को बेचने का जिक्र है, वहीं काली की ओर से माल बेचने का जिक्र भी किया गया है, जो संदेह प्रकट करता है।
कहीं ऐसा तो नहीं है कि माल की चोरी में किसी और का हाथ हो, अंकुर इस राज को जानता हो। इस राज के कारण अंकुर को रास्ते से हटा दिया गया और हत्या को आत्महत्या का रूप दे दिया।
मृतक के भाई मनवीर सिंह ने बताया कि सोमवार की दोपहर जिस वक्त अंकुर का फोन आया था तो बात करते वक्त ऐसा महसूस हो रहा था कि शायद अंकुर बात खुद नहीं कह रहा था बल्कि दूसरा व्यक्ति उससे कहलवा रहा था।
आखिर फांसी के लिए इतने भीतर का क्षेत्र क्यों चुना
अमरोहा। जटी वन करीब 57 हेक्टेयर में फैला हुआ है। पूरा इलाका घने वृक्षों से घिरा हुआ है। वासुदेव तीर्थ स्थल से कुछ दूर चलने के बाद ही जटी वन की सीमा आरंभ हो जाती है।
अंकुर की लाश मुख्य सड़क से करीब पांच सौ मीटर अंदर जटी वन में लटकी मिली है। यदि उसे आत्महत्या ही करनी थी, तो गांव के आस पास भी कर सकता था। दूसरी बात, आत्महत्या के लिए चिकनी छाल का ही पेड़ क्यों चुना गया।
प्लास्टिक की रस्सी पेड़ की डाल पर मजबूती से बांधी गई थी और इतनी मजबूत गांठ पेड़ पर बैठकर नहीं लगाई जा सकती। चूंकि गांठ का सिरा भी नीचे की तरफ था।
इससे साफ है कि फांसी का फंदा पेड़ पर चढ़कर नहीं बांधा गया बल्कि नीचे से ही ऊंची वस्तु पर चढ़कर बांधा गया है, शायद वह चार पहिया वाहन भी हो सकता है। पिता के मोबाइल पर जो मैसेज भेजा गया, उसमें लिखा था कि मेरी लाश जटीवन में पेड़ पर लटकी है, उतार कर ले जाओ। जो मरने के बाद की स्थिति को प्रकट करता है।