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प्रधानी के चुनाव में दिखाई दी सत्ता की हनक
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 14 Dec 2015 12:29 AM IST
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प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव और मतगणना में सत्ता की हनक के आगे किसी की नहीं चली। पूरी तरह से लोकतंत्र की धज्जियां उड़ती हुई दिखाई दीं।
प्रशासन ने भी चुनाव में सत्ता के चहेतों के प्रति नरम रवैया अख्तियार किया। इससे अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे। जिले में सपा समर्थित प्रधानों की संख्या अधिक रही है।
ग्राम प्रधान चुनाव की मतगणना जिले के प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय पर रविवार को हुई। सुबह करीब 10 बजे से ही परिणाम आने शुरू हो गए। जैसे ही परिणाम आने शुरू हुए शिकायतों की भी भरमार हो गई।
अमरोहा, जोया, गंगेश्वरी, हसनपुर, गजरौला और मंडी धनौरा ब्लाकों से ऐसी तमाम शिकायतें आईं जिसमें प्रशासन के अफसरों पर जबरन चुनाव जिता देने के आरोप लगे।
इस सबके बीच पूरे जिले में 601 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश पर सपा समर्थित प्रधानों के काबिज होने का अनुमान है। कहीं न कहीं जीते हुए ज्यादातर लोग सपा के विधायक और मंत्रियों से जुड़े उनके समर्थक हैं। कई स्थानों पर तो राशन कोटेदार भी चुनाव जीत गए हैं।
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अमरोहा के मतगणना स्थल पर फटे पड़े मिले मतपत्र
अमरोहा। मंडी समिति में जिस पंडाल में काउंटिंग चल रही थी, वहीं पर कुछ मतपत्र भी फटे पड़े थे। आखिर यह मतपत्र किसने और क्यों फाड़कर फेंके? मतपत्रों के फटे पड़े होने से मतगणना में कोई खेल होने का अंदेशा है। लेकिन प्रशासन के अफसर मतगणना के निष्पक्ष तरीके से संपन्न होने की बात कर रहे हैं।
तीन बार काउंटिंग में हारा प्रत्याशी
जोया ब्लाक की मतगणना सिख इंटर कालेज नारंगपुर में चल रही थी, यहां मारकपुर ग्राम प्रधान पद के लिए कार चिन्ह का प्रत्याशी पांच वोटों से चुनाव जीता, विरोधी ने तीन बार री काउंटिंग कराई। फिर भी कार की जीत हुई।
लेकिन चौथी बार काउंटिंग कराई गई तो कार को दो वोटों से हार का सामना करना पड़ा। प्रत्याशी ने मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी से शिकायत की, उनके पैरों पर गिर पड़ा।
डीएम के आदेश पर एक बार फिर काउंटिंग हुई, लेकिन फिर दो वोट से कार आखिरकार हार गई या फिर हरा दी गई। प्रत्याशी ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है।
पांचवीं बार की गिनती में दो वोट से हारीं खुशनूद
अमरोहा ब्लाक की मतगणना में लकड़हैट गांव की खुशनूंद तीन वोट से जीती थीं। चार बार री काउंटिंग में वह तीन वोट से जीतती रहीं, लेकिन जब पांचवीं बार काउंटिंग कराई गई तो खुशनूंद दो वोट से हार गईं।
पांचवीं बार में नूरजहां दो वोटों से जीत गईं। खुशनूंद ने भी री काउंटिंग कई बार कराके अपने को हराने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है।
वेबसाइट से गायब हुए मिले मत
जोया ब्लाक के गांव मीरपुर की मतगणना में भी धांधली का आरोप अंसार ने लगाया है। आयोग को भेजी शिकायत में कहा है कि वह प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ा। उसे 397 मत प्राप्त हुए थे। उसे दूसरे स्थान पर बताया गया था।
नसीमा को कोई मत नहीं मिला था। लेकिन गालिब के नाम पर 354 मत दिखाए गए हैं और जिन नसीमा को कोई वोट नहीं मिला उन्हें नेट पर डाली गई सूची में 232 वोट मिले दिखाए गए हैं। इसे में पुन: मतगणना कराने की मांग की गई है।
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प्रशासन ने भी चुनाव में सत्ता के चहेतों के प्रति नरम रवैया अख्तियार किया। इससे अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे। जिले में सपा समर्थित प्रधानों की संख्या अधिक रही है।
ग्राम प्रधान चुनाव की मतगणना जिले के प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय पर रविवार को हुई। सुबह करीब 10 बजे से ही परिणाम आने शुरू हो गए। जैसे ही परिणाम आने शुरू हुए शिकायतों की भी भरमार हो गई।
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अमरोहा, जोया, गंगेश्वरी, हसनपुर, गजरौला और मंडी धनौरा ब्लाकों से ऐसी तमाम शिकायतें आईं जिसमें प्रशासन के अफसरों पर जबरन चुनाव जिता देने के आरोप लगे।
इस सबके बीच पूरे जिले में 601 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश पर सपा समर्थित प्रधानों के काबिज होने का अनुमान है। कहीं न कहीं जीते हुए ज्यादातर लोग सपा के विधायक और मंत्रियों से जुड़े उनके समर्थक हैं। कई स्थानों पर तो राशन कोटेदार भी चुनाव जीत गए हैं।
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अमरोहा के मतगणना स्थल पर फटे पड़े मिले मतपत्र
अमरोहा। मंडी समिति में जिस पंडाल में काउंटिंग चल रही थी, वहीं पर कुछ मतपत्र भी फटे पड़े थे। आखिर यह मतपत्र किसने और क्यों फाड़कर फेंके? मतपत्रों के फटे पड़े होने से मतगणना में कोई खेल होने का अंदेशा है। लेकिन प्रशासन के अफसर मतगणना के निष्पक्ष तरीके से संपन्न होने की बात कर रहे हैं।
तीन बार काउंटिंग में हारा प्रत्याशी
जोया ब्लाक की मतगणना सिख इंटर कालेज नारंगपुर में चल रही थी, यहां मारकपुर ग्राम प्रधान पद के लिए कार चिन्ह का प्रत्याशी पांच वोटों से चुनाव जीता, विरोधी ने तीन बार री काउंटिंग कराई। फिर भी कार की जीत हुई।
लेकिन चौथी बार काउंटिंग कराई गई तो कार को दो वोटों से हार का सामना करना पड़ा। प्रत्याशी ने मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी से शिकायत की, उनके पैरों पर गिर पड़ा।
डीएम के आदेश पर एक बार फिर काउंटिंग हुई, लेकिन फिर दो वोट से कार आखिरकार हार गई या फिर हरा दी गई। प्रत्याशी ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है।
पांचवीं बार की गिनती में दो वोट से हारीं खुशनूद
अमरोहा ब्लाक की मतगणना में लकड़हैट गांव की खुशनूंद तीन वोट से जीती थीं। चार बार री काउंटिंग में वह तीन वोट से जीतती रहीं, लेकिन जब पांचवीं बार काउंटिंग कराई गई तो खुशनूंद दो वोट से हार गईं।
पांचवीं बार में नूरजहां दो वोटों से जीत गईं। खुशनूंद ने भी री काउंटिंग कई बार कराके अपने को हराने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है।
वेबसाइट से गायब हुए मिले मत
जोया ब्लाक के गांव मीरपुर की मतगणना में भी धांधली का आरोप अंसार ने लगाया है। आयोग को भेजी शिकायत में कहा है कि वह प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ा। उसे 397 मत प्राप्त हुए थे। उसे दूसरे स्थान पर बताया गया था।
नसीमा को कोई मत नहीं मिला था। लेकिन गालिब के नाम पर 354 मत दिखाए गए हैं और जिन नसीमा को कोई वोट नहीं मिला उन्हें नेट पर डाली गई सूची में 232 वोट मिले दिखाए गए हैं। इसे में पुन: मतगणना कराने की मांग की गई है।