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सोहे ला घाट छठ माई के, छठ माई के लागल दरबार
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 19 Nov 2015 12:43 AM IST
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पूर्वांचल व बिहार की व्रती महिलाओं ने शहर के वासुदेव तीर्थ स्थल स्थित सरोवर में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर छठ मैया की पूजा अर्चना की।
बांस की टोकरी में नारियल, फल, कच्ची अदर, कच्ची हल्दी, पचौकरा, फल सूर्य देव को अर्पित किए। वहीं महिलाओं ने सोहे ला घाट छठ माई के, छठ माई के लागल दरबार आदि गीत गाए।
आराधना के बाद महिलाओं ने अन्न जल ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ा। चार दिवसीय छठ पूजा पर्व संपन्न हुआ।
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चर्तुथी तिथि से चार दिन तक मनाया जाने वाला छठ पूजा का पर्व बुधवार को संपन्न हुआ। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए वासुदेव सरोवर पर भोर होने से पहले ही महिलाएं और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी।
श्रद्धालु पूरे परिवार के संग घाट पर पहुंचे। 36 घंटे का निर्जला उपवास रखने वाली महिलाओं ने जल में खड़े होकर सूर्य देवता को अर्घ्य दिया। बाद में अन्न जल ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ा।
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छठ मैया के जयकारे लगाए। पूजा अर्चना के बाद सभी को प्रसाद बांटा गया। महिलाओं ने घरों में पकवान बनाए।
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बांस की टोकरी में नारियल, फल, कच्ची अदर, कच्ची हल्दी, पचौकरा, फल सूर्य देव को अर्पित किए। वहीं महिलाओं ने सोहे ला घाट छठ माई के, छठ माई के लागल दरबार आदि गीत गाए।
आराधना के बाद महिलाओं ने अन्न जल ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ा। चार दिवसीय छठ पूजा पर्व संपन्न हुआ।
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चर्तुथी तिथि से चार दिन तक मनाया जाने वाला छठ पूजा का पर्व बुधवार को संपन्न हुआ। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए वासुदेव सरोवर पर भोर होने से पहले ही महिलाएं और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी।
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श्रद्धालु पूरे परिवार के संग घाट पर पहुंचे। 36 घंटे का निर्जला उपवास रखने वाली महिलाओं ने जल में खड़े होकर सूर्य देवता को अर्घ्य दिया। बाद में अन्न जल ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ा।
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छठ मैया के जयकारे लगाए। पूजा अर्चना के बाद सभी को प्रसाद बांटा गया। महिलाओं ने घरों में पकवान बनाए।