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गैरइरादतन हत्या में चार को दस-दस वर्ष की कैद
Amroha
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:33 AM IST
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अमरोहा। अदालत ने गैर इरादतन हत्या में चार लोगों को दस-दस साल की कैद और 31 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्तों ने तीन साल पहले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात लाठियों से पीटकर ग्रामीण को गंभीर रुपये से घायल कर दिया था। सिर में गंभीर चोट आने के कारण घायल की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।
बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव धनौरी खुर्द निवासी रमेश का पुत्र अनिल 21 अगस्त 2011 की शाम मंडी धनौरा के गढ़ी मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजी झांकियां देखने गया था। गांव निवासी टीकाराम पुत्र प्रकाश, काले पुत्र रामरतन, जितेंद्र पुत्र मुन्ने व रिंकू पुत्र राजेंद्र भी झांकियां देखने आए थे। जहां चारों ने अनिल को पकड़ लिया और उसे काना-काना कहकर चिड़ाने लगे। अनिल ने मना किया, तो चारों मारपीट पर अमादा हो गए। अनिल रात करीब साढ़े ग्यारह बजे धनौरा से गांव के प्रकाश के घर के सामने ही आया था कि चारों ने उसे पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। बेटे को बचाने आए पिता रमेश को भी नहीं बख्शा और उसे लाठियों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। उपचार के दौरान रमेश की मौत हो गई। मंगलवार को अपर सत्र एवं जनपद न्यायाधीश द्वितीय बीडी भारती ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना और चारों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध करते हुए दस-दस साल की कैद और 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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बछरायूं थाना क्षेत्र के गांव धनौरी खुर्द निवासी रमेश का पुत्र अनिल 21 अगस्त 2011 की शाम मंडी धनौरा के गढ़ी मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजी झांकियां देखने गया था। गांव निवासी टीकाराम पुत्र प्रकाश, काले पुत्र रामरतन, जितेंद्र पुत्र मुन्ने व रिंकू पुत्र राजेंद्र भी झांकियां देखने आए थे। जहां चारों ने अनिल को पकड़ लिया और उसे काना-काना कहकर चिड़ाने लगे। अनिल ने मना किया, तो चारों मारपीट पर अमादा हो गए। अनिल रात करीब साढ़े ग्यारह बजे धनौरा से गांव के प्रकाश के घर के सामने ही आया था कि चारों ने उसे पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। बेटे को बचाने आए पिता रमेश को भी नहीं बख्शा और उसे लाठियों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। उपचार के दौरान रमेश की मौत हो गई। मंगलवार को अपर सत्र एवं जनपद न्यायाधीश द्वितीय बीडी भारती ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना और चारों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध करते हुए दस-दस साल की कैद और 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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