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सेहत न खराब कर दे सोन पापड़ी
Amroha
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:33 AM IST
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अमरोहा। दीपावली के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की बढ़ी मांग का फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने पर आमादा हैं। मावा के मिठाइयों के साथ ही बेसन से बनने वाली सोन पापड़ी में भी मिलावट का खेल चल रहा है। सोन पापड़ी बनाने में गुणवत्ताहीन रिफाइंड और तेलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हानिकारक तत्व मिलाकर बनाई गई सोन पापड़ी में बाजार भरे हैं। इससे गले में संक्रमण हो सकता है। उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों को पकड़ने की अब तैयारी की है।
पांच दिवसीय त्योहारों की शृंखला वाले दीपावली पर्व पर जहां आतिशबाजी, प्रकाश के आइटम की डिमांड रहती हैं, वहीं उपहार में देने के लिए मिठाइयों की जबरदस्त मांग रहती है। इसका फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं, जहां बाजार में मिलावटी मावा खापाया जा रहा है। वहीं, सोन पापड़ी में भी मिलावट हो रही है।
कैसे होते ही सोन पापड़ी में मिलावट
सोन पापड़ी में बेसन के स्थान पर मैदा मिलाई जा रही है। मैदा को बेसन का रंग देने के लिए केमिकल युक्त हानिकार रंग मिलाए जाते हैं, जो सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। वहीं, देशी घी या रिफाइंड के स्थान पर घटिया क्वालिटी के रिफाइंड और तेल का उपयोग किया जा रहा है। मिलावट छिपाने के लिए खुशबूदार चीजें भी सोन पापड़ी में मिलाई जा रही हैं।
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सेहत पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव
घटिया तेल व खाद्य पदार्थों से तैयार होने वाली सोन पापड़ी खाने से गले में संक्रमण हो सकता है, पेट में दर्द, डायरिया, उल्टी दस्त आदि की शिकायत हो सकती है। मिलावटी सोन पापड़ी सेहत पर बुरा प्रभाव डालती है। इसी लिए दीपावली पर मिठाइयों का स्वाद संभल कर खाया जाए। मिठाइयों के स्थान पर ड्राई फ्रूट आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है।
-डा. इदरीश प्रभारी सीएचसी अमरोहा
बाजार में मिलावटी सोन पापड़ी बनाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। जहां मिलावट का खेल चल रहा है उन ठिकानों की तलाश की जा रही है। जिलेभर में सोन पापड़ी बनाने वाले कारीगरों के यहां टीम के साथ जबरदस्त छापामारी की जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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पांच दिवसीय त्योहारों की शृंखला वाले दीपावली पर्व पर जहां आतिशबाजी, प्रकाश के आइटम की डिमांड रहती हैं, वहीं उपहार में देने के लिए मिठाइयों की जबरदस्त मांग रहती है। इसका फायदा उठाने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं, जहां बाजार में मिलावटी मावा खापाया जा रहा है। वहीं, सोन पापड़ी में भी मिलावट हो रही है।
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कैसे होते ही सोन पापड़ी में मिलावट
सोन पापड़ी में बेसन के स्थान पर मैदा मिलाई जा रही है। मैदा को बेसन का रंग देने के लिए केमिकल युक्त हानिकार रंग मिलाए जाते हैं, जो सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। वहीं, देशी घी या रिफाइंड के स्थान पर घटिया क्वालिटी के रिफाइंड और तेल का उपयोग किया जा रहा है। मिलावट छिपाने के लिए खुशबूदार चीजें भी सोन पापड़ी में मिलाई जा रही हैं।
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सेहत पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव
घटिया तेल व खाद्य पदार्थों से तैयार होने वाली सोन पापड़ी खाने से गले में संक्रमण हो सकता है, पेट में दर्द, डायरिया, उल्टी दस्त आदि की शिकायत हो सकती है। मिलावटी सोन पापड़ी सेहत पर बुरा प्रभाव डालती है। इसी लिए दीपावली पर मिठाइयों का स्वाद संभल कर खाया जाए। मिठाइयों के स्थान पर ड्राई फ्रूट आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है।
-डा. इदरीश प्रभारी सीएचसी अमरोहा
बाजार में मिलावटी सोन पापड़ी बनाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। जहां मिलावट का खेल चल रहा है उन ठिकानों की तलाश की जा रही है। जिलेभर में सोन पापड़ी बनाने वाले कारीगरों के यहां टीम के साथ जबरदस्त छापामारी की जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी