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..इस इलेक्शन में बिखर गए मुस्लिम वोटर
Amroha
Updated Sat, 17 May 2014 05:30 AM IST
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अमरोहा। विधानसभा चुनाव के जैसा माहौल लोकसभा चुनाव में नजर नहीं आया। सियासत की पिच पर बाउंसर फेेंककर चार विधायकों की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले मुस्लिम वोटरों का इस अहम पारी में धुव्रीकरण हो गया। बसपा प्रत्याशी के 162783 वोट कुछ ऐसी ही तस्वीर से पर्दा हटा रहे हैं कि मुस्लिम वोट बंटकर बिखर गया।
यूपी की सियासत में अहम बन चुकी इस लोकसभा सीट पर अमरोहा, हसनपुर और नौगावां विधानसभा में मुस्लिम वोटर खासी तादाद में है। जो किसी भी पार्टी के प्रत्याशी की हार-जीत में अहम भूमिका निभा सकते है। मार्च 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में यह बात साबित भी हो चुकी है। चारों सीटें सपा के खाते में गई थीं।
लोकसभा चुनाव में इन तीनों ही विधानसभाओं में इलेक्शन की शुरूआत से ही मुस्लिम मतदाताओं का रूझान सपा की ओर झुका हुआ था। जिससे बसपा प्रत्याशी को हाशिए पर माना जा रहा था। लेकिन, शुक्रवार को आए नतीजों से कुछ और ही तस्वीर उभरकर सामने आई। हुमैरा अख्तर को सिर्फ शहर विधानसभा में ही 42 हजार वोट से बढ़त मिल पाई जबकि हसनपुर और नौगावां सादात विधानसभा में दूसरे पायदान पर ठहरकर हार का मजा चखना पड़ा। जबकि, इन दोनों विधानसभाओं को भी सपा का पक्का गढ़ माना जा रहा था।
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उधर, बसपा प्रत्याशी ने गढ़मुक्तेश्वर में भी दूसरे नंबर के लिए भाजपा प्रत्याशी से जद्दोजहद की। जिससे साफ है गढ़ विधानसभा का मुस्लिम वोट भी दो प्रत्याशियों के बीच बंटकर तितर बितर हो गया। उधर, हसनपुर व मंडी धनौरा क्षेत्र में भी बसपा प्रत्याशी के अच्छे वोट मिले। कुछ मिलाकर हुमैरा अख्तर के 370666 और हाजी शब्बन के 162783 वोट मुस्लिम मतदाताओ के ध्रुवीकरण की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
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यूपी की सियासत में अहम बन चुकी इस लोकसभा सीट पर अमरोहा, हसनपुर और नौगावां विधानसभा में मुस्लिम वोटर खासी तादाद में है। जो किसी भी पार्टी के प्रत्याशी की हार-जीत में अहम भूमिका निभा सकते है। मार्च 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में यह बात साबित भी हो चुकी है। चारों सीटें सपा के खाते में गई थीं।
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लोकसभा चुनाव में इन तीनों ही विधानसभाओं में इलेक्शन की शुरूआत से ही मुस्लिम मतदाताओं का रूझान सपा की ओर झुका हुआ था। जिससे बसपा प्रत्याशी को हाशिए पर माना जा रहा था। लेकिन, शुक्रवार को आए नतीजों से कुछ और ही तस्वीर उभरकर सामने आई। हुमैरा अख्तर को सिर्फ शहर विधानसभा में ही 42 हजार वोट से बढ़त मिल पाई जबकि हसनपुर और नौगावां सादात विधानसभा में दूसरे पायदान पर ठहरकर हार का मजा चखना पड़ा। जबकि, इन दोनों विधानसभाओं को भी सपा का पक्का गढ़ माना जा रहा था।
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उधर, बसपा प्रत्याशी ने गढ़मुक्तेश्वर में भी दूसरे नंबर के लिए भाजपा प्रत्याशी से जद्दोजहद की। जिससे साफ है गढ़ विधानसभा का मुस्लिम वोट भी दो प्रत्याशियों के बीच बंटकर तितर बितर हो गया। उधर, हसनपुर व मंडी धनौरा क्षेत्र में भी बसपा प्रत्याशी के अच्छे वोट मिले। कुछ मिलाकर हुमैरा अख्तर के 370666 और हाजी शब्बन के 162783 वोट मुस्लिम मतदाताओ के ध्रुवीकरण की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।
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