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हार के बावजूद बढ़ा सपा का वोट बैंक
Amroha
Updated Sat, 17 May 2014 05:30 AM IST
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अमरोहा। यूपी में सपा के लिए नतीजे भले ही निराशाजनक हों लेकिन अमरोहा सीट पर भाजपा प्रत्याशी से करीब 1.58 लाख वोट से हार के बावजूद थोड़ी बहुत राहत पहुंचाने वाली खबर है। इस लोकसभा चुनाव में अगर मतदान प्रतिशत बढ़ा है तो यहां सपा के वोट बैंक में भी इजाफा हुआ है। 2009 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार हुमैरा अख्तर को 1.79 लाख ज्यादा वोट मिले हैं।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने 2009 में हुए आम चुनाव में विधायक महबूब अली पर दांव खेला था। इस मुकाबले में रालोद प्रत्याशी देवेंद्र नागपाल ने 283182 वोट लेकर जीत हासिल की थी। जबकि, सपा को 191099 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर रहे महबूब अली की 92083 वोट से हार हुई थी। भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी। जबकि, बसपा प्रत्याशी ने तीसरा स्थान हासिल किया था।
2012 के विधानसभा चुनाव में जिले की चारों विधानसभाआें में परचम फहराने वाली समाजवादी पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पंचायती राज राज्यमंत्री कमाल अख्तर की पत्नी हुमैरा अख्तर को मैदान में उतारा। जिसके पीछे हाईकमान की सोच जिले में माननीयों की लोकप्रियता और विकास कार्यों को भुनाने की थी। जोकि, गलत साबित हुई।
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भले ही भाजपा प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर से हुमैरा अख्तर को 158214 वोट से करारी हार का सामना करना पड़ा है। 528880 के मुकाबले में 370666 वोट मिले है। लेकिन, एक दूसरा सच यह भी है कि बीते चुनाव में मिले वोट और इस चुनाव में सपा प्रत्याशी को मिले वोट में काफी बड़ा अंतर है। वोटिंग प्रतिशत में अगर 20 से 25 प्रतिशत का इजाफ हुआ है तो सपा के खाते में बीते चुनाव के मुकाबले 179567 वोट ज्यादा आए हैं।
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने 2009 में हुए आम चुनाव में विधायक महबूब अली पर दांव खेला था। इस मुकाबले में रालोद प्रत्याशी देवेंद्र नागपाल ने 283182 वोट लेकर जीत हासिल की थी। जबकि, सपा को 191099 वोट मिले थे। दूसरे स्थान पर रहे महबूब अली की 92083 वोट से हार हुई थी। भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी। जबकि, बसपा प्रत्याशी ने तीसरा स्थान हासिल किया था।
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2012 के विधानसभा चुनाव में जिले की चारों विधानसभाआें में परचम फहराने वाली समाजवादी पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पंचायती राज राज्यमंत्री कमाल अख्तर की पत्नी हुमैरा अख्तर को मैदान में उतारा। जिसके पीछे हाईकमान की सोच जिले में माननीयों की लोकप्रियता और विकास कार्यों को भुनाने की थी। जोकि, गलत साबित हुई।
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भले ही भाजपा प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर से हुमैरा अख्तर को 158214 वोट से करारी हार का सामना करना पड़ा है। 528880 के मुकाबले में 370666 वोट मिले है। लेकिन, एक दूसरा सच यह भी है कि बीते चुनाव में मिले वोट और इस चुनाव में सपा प्रत्याशी को मिले वोट में काफी बड़ा अंतर है। वोटिंग प्रतिशत में अगर 20 से 25 प्रतिशत का इजाफ हुआ है तो सपा के खाते में बीते चुनाव के मुकाबले 179567 वोट ज्यादा आए हैं।