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मुफलिसी ने ली होमगार्ड की जान
Amroha
Updated Thu, 24 Jan 2013 05:31 AM IST
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अमरोहा। गरीबी भी क्या-क्या दिन नहीं दिखाती। देखिए न आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण एक होमगार्ड ने बुधवार को जिला अस्पताल में बेहतर इलाज के अभाव में तड़पते हुए दम तोड़ दिया। बीमारी के चलते करीब दस दिन पूर्व भर्ती कराया था। मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
हसनपुर सर्किल के गांव करनपुर माफी निवासी हेमसिंह पुत्र श्रीराम की तैनाती वहीं कोतवाली में थी। पंद्रह दिन पूर्व अचानक तबियत बिगड़ने पर उसने ड्यूटी से छुट्टी ले ली थी। हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने हेेमसिंह को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन, स्थिति जस की तस रही।
डाक्टरों ने चिंताजनक हालत देख दिल्ली या मुरादाबाद के प्राइवेट अस्पताल ले जाने की सलाह भी दी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन हिम्मत नहीं जुटा पाए। बुधवार को सुबह सवेरे हेमसिंह (52) ने अंतिम सांस ली। मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
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हसनपुर कोतवाली में सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराने की रजामंदी जाहिर कर दी। सीएमएस डा.आर के खट्टर ने बताया कि हर संभव इलाज मुहैया कराया गया। पुलिस अफसरों को मौत की जानकारी दे दी थी।
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हसनपुर सर्किल के गांव करनपुर माफी निवासी हेमसिंह पुत्र श्रीराम की तैनाती वहीं कोतवाली में थी। पंद्रह दिन पूर्व अचानक तबियत बिगड़ने पर उसने ड्यूटी से छुट्टी ले ली थी। हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने हेेमसिंह को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन, स्थिति जस की तस रही।
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डाक्टरों ने चिंताजनक हालत देख दिल्ली या मुरादाबाद के प्राइवेट अस्पताल ले जाने की सलाह भी दी, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन हिम्मत नहीं जुटा पाए। बुधवार को सुबह सवेरे हेमसिंह (52) ने अंतिम सांस ली। मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
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हसनपुर कोतवाली में सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराने की रजामंदी जाहिर कर दी। सीएमएस डा.आर के खट्टर ने बताया कि हर संभव इलाज मुहैया कराया गया। पुलिस अफसरों को मौत की जानकारी दे दी थी।