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रास्ते की जिद पर अड़े ग्रामीण अफसरों से भिड़े
Amroha
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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अमरोहा/जोया। पतेई खालसा में मोहर्रम जुलूस के रास्ते का विवाद और गहरा गया है। वर्ग विशेष को समझाने की डीएम व एसपी की करीब दो घंटे की मशक्कत भी नाकाम रही। इस दौरान ग्रामीणों की अफसरों से तीखी तकरार हुई। माहौल गरमाने पर यह लोग बातचीत बीच में छोड़कर मोहर्रम का जुलूस न निकालने की चेतावनी देकर चले गए। गांव में स्थिति तनावपूर्ण देखकर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है।
डिडौली कोतवाली के गांव पतेई खालसा में ताजिया तीन हिस्सों में जामा मसजिद तक ले जाने के लिए एक वर्ग दूसरे संप्रदाय के लोगों के घर के सामने से ले जाने की जिद पर अड़ा है। हालांकि पुलिस व प्रशासन ताजिया जुलूस स्थल तक ले जाने को मंडी स्थल के बगल में दोनों ओर रैंप बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार करा चुका है। किंतु ये वर्ग इंचभर भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। जिससे गांव में तनाव है। मामला राजनीतिक गलियारों तक पहुंचने और पुलिस व प्रशासन के साथ टकराव की स्थिति बनी देख जिलाधिकारी रंजन कुमार व एसपी दीपिका गर्ग एडीएम व एएसपी समेत रविवार को गांव पहुंचे।
करीब दो घंटे बातचीत में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि रास्ते को लेकर कानूनन किसी का घर नहीं तुड़वाया जा सकता। लिहाजा ताजिया मंडी स्थल की बगल वाले रास्ते से ही ले जाया जाएगा। इस पर इस वर्ग के लोग भड़क गए और प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। डीएम व एसपी से गरमागरम बहस करने लगे। मोहर्रम का जुलूस नहीं निकालने की पुन: चेतावनी देकर वार्ता से उठकर चले गए। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। डीएम व एसपी अधिकारियों को गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने को हर संभव कदम उठाने के निर्देश देकर लौट गए। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात रखा गया है।
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डिडौली कोतवाली के गांव पतेई खालसा में ताजिया तीन हिस्सों में जामा मसजिद तक ले जाने के लिए एक वर्ग दूसरे संप्रदाय के लोगों के घर के सामने से ले जाने की जिद पर अड़ा है। हालांकि पुलिस व प्रशासन ताजिया जुलूस स्थल तक ले जाने को मंडी स्थल के बगल में दोनों ओर रैंप बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार करा चुका है। किंतु ये वर्ग इंचभर भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। जिससे गांव में तनाव है। मामला राजनीतिक गलियारों तक पहुंचने और पुलिस व प्रशासन के साथ टकराव की स्थिति बनी देख जिलाधिकारी रंजन कुमार व एसपी दीपिका गर्ग एडीएम व एएसपी समेत रविवार को गांव पहुंचे।
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करीब दो घंटे बातचीत में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि रास्ते को लेकर कानूनन किसी का घर नहीं तुड़वाया जा सकता। लिहाजा ताजिया मंडी स्थल की बगल वाले रास्ते से ही ले जाया जाएगा। इस पर इस वर्ग के लोग भड़क गए और प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। डीएम व एसपी से गरमागरम बहस करने लगे। मोहर्रम का जुलूस नहीं निकालने की पुन: चेतावनी देकर वार्ता से उठकर चले गए। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। डीएम व एसपी अधिकारियों को गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने को हर संभव कदम उठाने के निर्देश देकर लौट गए। गांव में एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात रखा गया है।
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