{"_id":"45-16101","slug":"Amroha-16101-45","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेड़का में नमाज की पाबंदी का विवाद गरमाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेड़का में नमाज की पाबंदी का विवाद गरमाया
Amroha
Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। नौगावां सादात के खेड़का गांव में मसजिद में सामूहिक नमाज पर रोक का मामला तूल पकड़ने लगा है। दोनाें समुदायों के अड़ियल रवैये से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के माथे पर बल बढ़ते जा रहे हैं। वहीं, सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर धार्मिक स्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। माहौल बिगाड़ने वाले शरारती तत्वों पर पुलिस की नजरें टिकी हैं।
दरअसल, वर्ष 1993 में दोनों समुदायों की सहमति के बाद गांव में मंदिर और मसजिद का निर्माण कराया गया था। लेकिन प्रधानी चुनाव की रंजिश में दोनों वर्गों के बीच दूरियां बढ़ गईं। धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। सांप्रदायिक तनाव के दृष्टिगत वर्ष 1998 में तत्कालीन एसडीएम धनौरा ने मसजिद में ताला लगवा दिया। इसके बाद मुसलिम समुदाय इकबाल हसन के घर से नमाज पढ़ने लगा।
रमजान में विवाद फिर गरमा गया। दोनों वर्गों के बीच तनातनी के बाद हालात टकराव तक जा पहुंचे। किंतु, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाकर बेकाबू होते हालात संभाल लिए। लेकिन अब मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। दोनों वर्गों के बीच दिन ब दिन तनाव बढ़ता जा रहा है। गांव के इन हालातों से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की नींदे उड़ी हैं। बृहस्पतिवार को दोनों वर्गों में झड़पों के बाद सांप्रदायिक विवाद की चिंगारी सुलगती रही। थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल गांव के हालात सामन्य है। धार्मिक स्थल पर एहतियातन पुलिस तैनात है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, वर्ष 1993 में दोनों समुदायों की सहमति के बाद गांव में मंदिर और मसजिद का निर्माण कराया गया था। लेकिन प्रधानी चुनाव की रंजिश में दोनों वर्गों के बीच दूरियां बढ़ गईं। धार्मिक स्थलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। सांप्रदायिक तनाव के दृष्टिगत वर्ष 1998 में तत्कालीन एसडीएम धनौरा ने मसजिद में ताला लगवा दिया। इसके बाद मुसलिम समुदाय इकबाल हसन के घर से नमाज पढ़ने लगा।
विज्ञापन
रमजान में विवाद फिर गरमा गया। दोनों वर्गों के बीच तनातनी के बाद हालात टकराव तक जा पहुंचे। किंतु, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाकर बेकाबू होते हालात संभाल लिए। लेकिन अब मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। दोनों वर्गों के बीच दिन ब दिन तनाव बढ़ता जा रहा है। गांव के इन हालातों से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की नींदे उड़ी हैं। बृहस्पतिवार को दोनों वर्गों में झड़पों के बाद सांप्रदायिक विवाद की चिंगारी सुलगती रही। थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल गांव के हालात सामन्य है। धार्मिक स्थल पर एहतियातन पुलिस तैनात है।
विज्ञापन