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मेरठ: 50 जवानों का होगा कोर्ट मार्शल!
अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 03 Dec 2013 01:27 AM IST
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दबथुआ ट्रेनिंग कैंप में सैन्य अफसरों और जवानों के बीच हुई मारपीट के मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी पूरी हो गई है।
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पूरे प्रकरण में जांच टीम ने कंपनी कमांडर, सैन्य अधिकारी, जेसीओ समेत 50 जवानों को दोषी माना है।
इंक्वायरी की रिपोर्ट वेस्टर्न कमान को सौंप दी गई है। अब वेस्टर्न कमान के अफसर चार्जशीट तैयार करेंगे। इसके आधार पर सभी के खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जाएगी।
दबथुआ में ट्रेनिंग के दौरान आयोजित बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सैन्य अधिकारियों और जवानों के बीच मारपीट हुई थी। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के लिए 2 आर्टी ब्रिगेड के कमांडर जगदीप की अध्यक्षता में गठित टीम ने डेढ़ माह में जांच पूरी की। इसने घटनास्थल और मारपीट में शामिल अफसरों, जेसीओ समेत 100 जवानों के बयान दर्ज किए थे।
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22 डिवीजन सैन्य सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में सभी के बयानों का गहन अध्ययन किया।
टीम ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी कमांडर मुनीष वर्मा और जेसीओ समेत 50 जवानों को गंभीर दोषी माना है।
22 डिवीजन के अंतर्गत आने वाली 10 सिख लाइट इंफेंट्री के अफसर और जवान दिल्ली से मेरठ स्थित दबथुआ में एक माह की ट्रेनिंग के लिए आए थे।
10 अक्तूबर की शाम इंटर कंपनी बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दौरान जवान गुरमीत सिंह को कंपनी कमांडर मुनीष वर्मा द्वारा बूट मारने के बाद जवान और अफसर आपस में भिड़ गए थे। इसमें मेजर हिमांशु सब्बरवाल, मेजर सुरेश और जवान गुरमीत सिंह घायल हो गए थे।
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