काशीपुराधिपति की नगरी में अन्नपूर्णा के साधक बन रहे युवा, 600 लोगों को प्रतिदिन पका भोजन पहुंचाती है टोली
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कोरोना वायरस से बचाव के चलते लॉकडाउन में वाराणसी के युवाओं की टोली मुसीबत में फंसे लोगों की रसोई तक पहुंच रही है। काशीपुराधिपति की नगरी में अन्नपूर्णा के साधक बने युवा जरूरतमंदों को भोजन के लिए पूरा राशन किट मुहैया कराने में जुटे हैं। पके भोजन के साथ ही 15 दिन के भोजन के लिए पूरा राशन घर तक पहुंचा रहे हैं।
लॉकडाउन में वाराणसी में करीब 10 हजार से ज्यादा परिवार ऐसे हैं कि जिनके पास भोजन पहुंचाने की जिम्मेदारी स्वयंसेवी संगठनों ने उठा रखी है। सेवा भारती समिति और रत्नादेवी सामाजिक संस्था से जुड़ी युवाओं की टोली में आधा दर्जन लोग हैं। यह टोली सुबह अपने वाहनों से निकलते हैं और तैयार किचन किट को जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं।
अहम बात यह है कि बिना किसी सहायता के ये लोग अब तक एक हजार परिवारों को 15 दिन का राशन पहुंचा चुके हैं। इस टीम में निर्मल उपाध्याय, सोमनाथ विश्वकर्मा, शशिकांत पांडेय, विनय गुप्ता, कृष्णकांत पांडेय, लक्ष्मीकांत पांडेय, अभिषेक ओझा, अमरनाथ विश्वकर्मा, प्रकाश सिंह शामिल हैं।
निर्मल उपाधयाय ने बताया कि आपदा की इस घड़ी में हम छह दोस्तों लॉकडाउन में सहायता की शुरुआत की। किट में पांच किलो आटा, तीन किलो चावल, एक किलो दाल, चीनी, नमक, सरसों का तेल सहित छोटी मोटी किचन से जुड़े अन्य सामान भी हैं।
एक हजार परिवारों को लिया गोद
लॉकडाउन में पूर्व पार्षद वरुण सिंह और उनकी टोली ने एक हजार परिवारों को गोद लिया है। इनमें 400 लोगों को किचन किट दिया है और 600 लोगों को प्रतिदिन पका भोजन पहुंचाते हैं। पार्षद कमल पटेल, सत्यप्रकाश सोनकर सोनू और ब्लाक प्रमुख प्रवेश पटेल की टीम सुबह और शाम लोगों की मदद के लिए निकलती है। पूर्व पार्षद वरुण सिंह ने बताया कि 13 दिनों की इस कवायद में अब थोड़ी सी देरी पर लोग फोन भी करते हैं।