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नौजवान ने बनाई गजब गन मशीन, किसानों को मिल रही राहत, तो कमाई का जरिया भी

Sun, 20 Sep 2020 01:20 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 20 Sep 2020 01:20 PM IST
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Young man made amazing gun machine farmers are getting relief so also the source of income in ghazipur
गन मशीन के साथ किसान। - फोटो : अमर उजाला

'जहां चाह है, वहीं राह है।' लॉकडाउन में घर को प्रयोगशाला बना पढ़ाई के साथ आमदनी का जरिया भी ढ़ूढ़ा। किसानों के लिए 'गन मशीन' बना हजारों रुपये की आमदनी भी की। यह काम गाजीपुर जिले के फरीदहां के एमबीए डिग्री प्राप्त युवक आशुतोष सिंह ने लॉकडाउन में घर आने के बाद कर दिखाया है।

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इस गन मशीन का असर देखने को भी मिल रहा है। जो किसान आवारा पशुओं और नीलगाय के आतंक से परेशान थे, उन्हें एक ऐसा गन मिल गया है, जिसके लिए न तो कोई लाइसेंस की जरूरत है और न ही उसकी कीमत लाखों और हजारों में है, बल्कि यह गन नौजवानों के दिमाग की खुराफात से निकले एक आइडिया/आविष्कार की है। यह मात्र 300 में बनकर तैयार हुई है।
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इसे फायर करने में भी मात्र प्रति फायर एक से दो रुपये का खर्च आता है। अब किसानों को खेतों की रखवाली की बजाय सुकून की नींद लेने को आजादी मिल गई है। खानपुर क्षेत्र के फरीदहां में किसानों ने अपने खेतों से पशुओं को भगाने के लिए 'गन मशीन' का निर्माण किया है। गन मशीन के तेज धमाके वाली आवाज से एक किलोमीटर दूर तक के पशु खेतों से दूर भाग रहे हैं और रात के समय यह जुगाड़ू गन काफी दूर तक सुनाई देती है।

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फरीदहां के एमबीए डिग्री प्राप्त युवक आशुतोष सिंह ने लॉकडाउन में घर आने के बाद किसानों की समस्या देख द्रवित हुए और किसानों के खेतों से घुमंतू पशुओं को भगाने के लिए गन मशीन बनाकर किसानों को निशुल्क वितरित कर रहे हैं। आशुतोष सिंह कहते हैं कि मात्र 300 रुपये की लागत से सस्ती गन बनाकर किसान अपने खेतों की रखवाली कर सकते हैं।

इसे चलाने के लिए मटर के दाने बराबर कार्बाइड के टुकड़े को एक ढक्कन पानी की आवश्यकता है। गनमशीन के माध्यम से किसान खेतों से दूर बैठकर भी जानवरों को भगा रहे हैं। गाजीपुर सहित चंदौली, आजमगढ़ और जौनपुर से आकर किसान इस गन की मांग कर रहे हैं और बनाने की विधि सीख रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इस गन को बनाने के लिए घरों में पानी की निकासी वाले प्लास्टिक की करीब चार इंच मोटी, डेढ फीट लंबा पाइप, एक रोडेसर व गैस जलाने वाले लाइटर की सहायता से आसानी से बनाया जा सकता है। इस गन के फायर से आवाज असली बंदूक से भी कहीं अधिक होती है।

जिसकी आवाज करीब एक किमी दूर तक सुनी जा सकती है, इसकी आवाज सुनने के बाद अब उनके गांव के खेतों से जानवर कोसों दूर भाग जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब उनके गांव के किसान अपने खेतों में शाम को सूरज डूबने के बाद चार से पांच फायर करते हैं और फिर उन्हें पूरी रात उन जानवरों से खेत की रखवाली करने की जरूरत नहीं पड़ती।

उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि इस साल दीपावली में उनके गांव के युवा पटाखे की बजाय इसी गन का प्रयोग करने की बात कह रहे हैं।अब तक काफी संख्या में लोग इसे खरीद चुके हैं, बहुत इसे बनाने की विधि सीख रहे हैं।

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