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Cyber Crime: शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा दिया, फिर टेलीग्राम के जरिये 17.12 लाख रुपये ठगे; प्राथमिकी दर्ज
Tue, 30 Jun 2026 01:13 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:13 PM IST
सार
Varanasi News: एक युवक से टेलीग्राम के जरिये 17.12 लाख रुपये की ठगी की घटना हुई। मामले में उसने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर उससे ठगी की वारदात की गई।
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cyber crime
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर युवक से टेलीग्राम के माध्यम से 17.12 लाख की साइबर ठगी हुई । पीड़ित ने रविवार रात साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। कैंट थाना क्षेत्र के सिकरौल निवासी कपिल देव राजभर ने पुलिस को बताया कि उन्हें ‘नताली’ नाम के टेलीग्राम प्रोफाइल से संपर्क किया गया था। एक टेलीग्राम चैनल से जोड़ा और खुद को ‘नालंदा कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड’ का प्रतिनिधि बताया।
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दावा किया कि वह ‘ब्लॉक ट्रेडिंग’ के जरिये कम समय में मोटा मुनाफा दिला सकते हैं। शुरुआत में 21 और 25 मार्च को 5,000 और 10,000 का ऑनलाइन भुगतान कराया। 8 अप्रैल को बैंक खाते में 15000 रुपये मुनाफे के तौर पर भेजे। शुरुआती ‘मुनाफे’ से कंपनी पर पूरा भरोसा हो गया।
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विश्वास जीतने के बाद ठगों ने अलग-अलग तारीखों में बड़े निवेश के नाम पर पैसे मंगवाने शुरू किए। पीड़ित से 17 लाख 12 हजार रुपये जमा करा लिए गए। जब कुल जमा राशि और मुनाफे को डिमैट खाते में ट्रांसफर करने को कहा तो ठगों ने 25 लाख 48 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करने की मांग की।
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धमकी दी कि ऐसा न करने पर सारा पैसा फ्रीज हो जाएगा। 6 जून को भारतीय स्टेट बैंक ने सूचित किया कि उनके खाते में 15000 रुपये को साइबर पुलिस ने होल्ड कर दिया है। पड़ताल करने पर पता चला कि यह कार्रवाई पटना साइबर पुलिस की ओर से की गई थी।
जालसाजों ने जो 15000 रुपये का शुरुआती मुनाफा भेजा था, वह भी किसी अन्य साइबर अपराध की ठगी का पैसा था। ब्लॉक ट्रेडिंग में निवेश का लालच देकर 9 अप्रैल को 92,000 रुपये यूपीआई से जमा कराए गए। 16 अप्रैल को 5 लाख और 55,000 रुपये ट्रांसफर कराए गए।
मई में अलग-अलग तिथियों में 50,000 रुपये, पांच लाख रुपये और दोबारा पांच लाख रुपये की बड़ी रकम ली। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) विदुष सक्सेना ने बताया कि आईडी को ट्रैक किया जा रहा है।