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बीते साल में परिवहन के नए युग की शुरुआत, देश को मिला पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल
Tue, 01 Jan 2019 10:30 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: shashikant misra
Updated Tue, 01 Jan 2019 10:30 AM IST
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मल्टी मॉडल टर्मिनल
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वर्ष 2018 न केवल वाराणसी बल्कि देश में परिवहन के एक नए युग की शुरुआत के लिए इतिहास में दर्ज हो गया। 12 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 15वें दौरे के दौरान गंगा नदी पर तैयार देश का पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल देश को समर्पित किया। इसी के साथ वाराणसी जलमार्ग के माध्यम से हल्दिया के साथ ही एशियाई देशों से भी जुड़ गया। इतना ही नहीं देश के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए वाराणसी से हवाई सेवाएं शुरू हुईं।
जहां तक रेल व बस सेवाओं का सवाल है पटना, बक्सर आदि क्षेत्रों के लिए नई ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो वहीं विभिन्न क्षेत्रों के बीच बसों को चलाया जा रहा है। यात्री सुविधा और सेवाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए तो कई योजनाएं अंतिम चरण में है जिनका लाभ 2019 से यात्रियों को मिलने लगेगा।
यात्री सुविधा में विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से वाराणसी परिक्षेत्र के यात्रियों के लिए 30 नई बसों का संचालन शुरू किया गया। अभी ये बसें कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चलाई गई हैं। इसके बाद चंदौली, काशी, कैंट डिपो से इनका संचालन होगा।
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इसमें सोनभद्र से सीधे लखनऊ के लिए यात्री जा सकेंगे तो गोरखपुर के लिए एक और बस मिल जाएगी। अन्य दूसरी रूटों पर भी बसें चलाई जाएंगी। अगले साल इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बनारस में शुरू हो जाएगा। वहीं नए बस अड्डे की तलाश भी पूरी होने की उम्मीद है।
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जहां तक रेल व बस सेवाओं का सवाल है पटना, बक्सर आदि क्षेत्रों के लिए नई ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो वहीं विभिन्न क्षेत्रों के बीच बसों को चलाया जा रहा है। यात्री सुविधा और सेवाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए तो कई योजनाएं अंतिम चरण में है जिनका लाभ 2019 से यात्रियों को मिलने लगेगा।
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यात्री सुविधा में विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से वाराणसी परिक्षेत्र के यात्रियों के लिए 30 नई बसों का संचालन शुरू किया गया। अभी ये बसें कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चलाई गई हैं। इसके बाद चंदौली, काशी, कैंट डिपो से इनका संचालन होगा।
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इसमें सोनभद्र से सीधे लखनऊ के लिए यात्री जा सकेंगे तो गोरखपुर के लिए एक और बस मिल जाएगी। अन्य दूसरी रूटों पर भी बसें चलाई जाएंगी। अगले साल इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बनारस में शुरू हो जाएगा। वहीं नए बस अड्डे की तलाश भी पूरी होने की उम्मीद है।
जलपरिवहन में रचा इतिहास
टर्मिनल
परिवहन का सशक्त विकल्प जलमार्ग का सपना 2018 में मूर्तरूप होता दिखा। रामनगर में बनकर तैयार हुआ देश का पहला मल्टीमोडल टर्मिनल देश को समर्पित हुआ। इतना ही नहीं वाराणसी और कोलकाता के बीच जलपोतों का संचालन भी शुरू हो गया। 1620 किलोमीटर लंबे नेशनल वाटरवे-1 को विकसित करने का काम चल रहा है। पटना, हल्दिया और गाजीपुर में मल्टीमोडल टर्मिनल का काम भी अंतिम चरण में है।
दावा किया जा रहा है कि इससे माल ढुलाई तीन गुना तक सस्ती हो जाएगी। इससे पर्यटन और एशियाई देशों को सीधे माल भेजा जा सकेगा। पहली बार 16 कंटेनर के साथ मालवाहक जहाज एमवी आरएन टैगोर वाराणसी पहुंचा। आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष प्रवीर पांडेय का कहना है कि मल्टीमोडल टर्मिनल से जलपोतों का आवागमन शुरू हो गया है। आने वाले समय में यह कई गुना तक बढ़ जाएगा। जलमार्ग के रास्ते माल ढुलाई सस्ता और आसान बनने के साथ यात्री परिवहन में भी मदद मिलेगी।
उम्मीद
-बनारस के घाटों के बीच फेरी सर्विस
-वाराणसी से इलाहाबाद और पटना के लिए क्रूज संचालन
-फ्रेट विलेज का विकास, जमीन अधिग्रहण शुरू
-रामनगर में बनेगा यात्री टर्मिनल
-20 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार
दावा किया जा रहा है कि इससे माल ढुलाई तीन गुना तक सस्ती हो जाएगी। इससे पर्यटन और एशियाई देशों को सीधे माल भेजा जा सकेगा। पहली बार 16 कंटेनर के साथ मालवाहक जहाज एमवी आरएन टैगोर वाराणसी पहुंचा। आईडब्ल्यूएआई के अध्यक्ष प्रवीर पांडेय का कहना है कि मल्टीमोडल टर्मिनल से जलपोतों का आवागमन शुरू हो गया है। आने वाले समय में यह कई गुना तक बढ़ जाएगा। जलमार्ग के रास्ते माल ढुलाई सस्ता और आसान बनने के साथ यात्री परिवहन में भी मदद मिलेगी।
उम्मीद
-बनारस के घाटों के बीच फेरी सर्विस
-वाराणसी से इलाहाबाद और पटना के लिए क्रूज संचालन
-फ्रेट विलेज का विकास, जमीन अधिग्रहण शुरू
-रामनगर में बनेगा यात्री टर्मिनल
-20 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार
24 घंटे विमान संचालन को मंजूरी
बाबतपुर एयरपोर्ट
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 24 घंटे विमान सेवाओं के संचालन को मंजूरी मिल गई। पहले केवल दिन में विमान हैंडलिंग और संचालन की सुविधा थी। इसके साथ देश के प्रमुख विमान सेवाओं से सीधे जुड़ गए। इसी साल एलबीएसआई एयरपोर्ट पर एक दिन में दस हजार यात्रियों के आवागमन का रिकॉर्ड बना। स्पाइसजेट की वाराणसी से कोलकाता वाया उदयपुर, सूरत, जयपुर और हैदराबाद के लिए नई विमान सेवाओं की शुरुआत हुई।
इसी प्रकार गुवाहाटी, हैदराबाद, बैंकाक के लिए इंडिगो ने विमान सेवाएं शुरू की। इस साल एयरपोर्ट को सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा संरक्षण का अवार्ड मिला है। एलबीएसआई एयरपोर्ट को प्रदूषण कम करने के दिशा में वाराणसी एयरपोर्ट को प्रथम चरण का पुरस्कार मिला। एयरपोर्ट पर तीन मेगावाट का सोलर प्लांट लगा। एयरपोर्ट पर पांच नए चेक इन काउंटर व छह सौ नए बेंच लगे। एयरपोर्ट के निदेशक अनिल कुमार राय का कहना है कि नए साल में कई और विमान सेवाओं को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यात्री सुविधाओं में भी व्यापक विस्तार को लेकर काम किया जा रहा है।
उम्मीद
-10 जनवरी को स्पाइसजेट की सेवा चेन्नई के लिए
-प्रदूषण कम करने की दिशा में मिल सकता है दूसरा स्थान
-एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नया भवन
-तैयार हो जाएगा दूसरा टर्मिनल
इसी प्रकार गुवाहाटी, हैदराबाद, बैंकाक के लिए इंडिगो ने विमान सेवाएं शुरू की। इस साल एयरपोर्ट को सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा संरक्षण का अवार्ड मिला है। एलबीएसआई एयरपोर्ट को प्रदूषण कम करने के दिशा में वाराणसी एयरपोर्ट को प्रथम चरण का पुरस्कार मिला। एयरपोर्ट पर तीन मेगावाट का सोलर प्लांट लगा। एयरपोर्ट पर पांच नए चेक इन काउंटर व छह सौ नए बेंच लगे। एयरपोर्ट के निदेशक अनिल कुमार राय का कहना है कि नए साल में कई और विमान सेवाओं को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यात्री सुविधाओं में भी व्यापक विस्तार को लेकर काम किया जा रहा है।
उम्मीद
-10 जनवरी को स्पाइसजेट की सेवा चेन्नई के लिए
-प्रदूषण कम करने की दिशा में मिल सकता है दूसरा स्थान
-एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नया भवन
-तैयार हो जाएगा दूसरा टर्मिनल
नई ट्रेनों के साथ ट्रैक दोहरीकरण
मंडुवाडीह स्टेशन
छपरा-बलिया रेलखंड के 65 किलोमीटर के विद्युतीकरण के बाद वाराणसी तक विद्युत इंजन का संचालन शुरू हो गया। मंडुवाडीह रेल ओवरब्रिज का 12 मार्च को शुभारंभ हुआ। मंडुवाडीह स्टेशन से 12 मार्च को ही पटना के लिए जनशताब्दी को हरी झंडी दिखाई। नई ट्रेन मेमू 28 नवंबर को बक्सर के लिए चलाई गई।
हालांकि डीरेका के लिए यह साल मिला जुला रहा। जहां 400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य मिला तो वहीं कनवर्टेड इंजन को लेकर भी डीरेका चर्चा में रहा। महाप्रबंधक के पत्र के बाद पीसीएमई और पसीईई तथा छठ पूजा को लेकर उपजे विवाद से भी सुर्खियों में रहा।
उम्मीदें
-दिल्ली से वाराणसी के बीच नहीं बदलेगा रेल इंजन
-वाराणसी-माधोसिंह-इलाहाबाद सिंगल लाइन का विद्युतीकरण का कार्य
-मंडुवाडीह की सेकेंड एंट्री जनवरी से हो जाएगी शुरू
-पांच नए प्लेटफार्मों से शुरू हो जाएगा ट्रेनों का संचालन
-औडि़हार-जौनपुर रेलखंड का दोहरीकरण का कार्य
-12000 अश्वशक्ति क्षमता का रेल इंजन हो जाएगा तैयार
हालांकि डीरेका के लिए यह साल मिला जुला रहा। जहां 400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के निर्माण का लक्ष्य मिला तो वहीं कनवर्टेड इंजन को लेकर भी डीरेका चर्चा में रहा। महाप्रबंधक के पत्र के बाद पीसीएमई और पसीईई तथा छठ पूजा को लेकर उपजे विवाद से भी सुर्खियों में रहा।
उम्मीदें
-दिल्ली से वाराणसी के बीच नहीं बदलेगा रेल इंजन
-वाराणसी-माधोसिंह-इलाहाबाद सिंगल लाइन का विद्युतीकरण का कार्य
-मंडुवाडीह की सेकेंड एंट्री जनवरी से हो जाएगी शुरू
-पांच नए प्लेटफार्मों से शुरू हो जाएगा ट्रेनों का संचालन
-औडि़हार-जौनपुर रेलखंड का दोहरीकरण का कार्य
-12000 अश्वशक्ति क्षमता का रेल इंजन हो जाएगा तैयार