विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस: सामाजिक बिखराव और असंतोष की भावना से बढ़ रहे हैं मामले, संवाद बेहद जरूरी
Varanasi News: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर बुधवार को जिले में कई जगह कार्यक्रम हुए। इसमें आत्महत्या के कारणों पर चर्चा के साथ ही इसके बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई।
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आईएमएस बीएचयू के मनोचिकित्सा विभाग, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, डीएवीपीजी काॅलेज सहित अन्य जगहों पर वक्ताओं ने ऐसी घटनाओं पर रोकथाम के लिए जागरूकता की बात कही।
डीएवीपीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में होप एवं हीलिंग विषयक संगोष्ठी में मुख्य वक्ता एलजीबी क्षेत्रीय संस्थान, तेजपुर, असम के मनोचिकित्सक डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि असंतोष की भावना और सामाजिक बिखराव से आत्महत्या की घटनाए बढ़ रहीं हैं। अपनों के साथ संवाद करना चाहिए। किसी तरह की मानसिक समस्या होने पर मनोचिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
महाविद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने अतिथि का स्वागत किया। अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल, स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष प्रो. ऋचारानी यादव, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कल्पना सिंह ने दिया।
इस दौरान डॉ. अखिलेंद्र सिंह, डॉ. राजेश झा, डॉ. अनुराग चौरसिया, डॉ. अनुप्रिया सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उधर मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के ओपीडी हाॅल में एसआईसी डॉ. बृजेश कुमार ने आत्महत्या रोकथाम दिवस के महत्व पर चर्चा की। कहा कि अस्पताल में चलने वाली मनोचिकित्सा विभाग की ओपीडी में भी बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है।
अवसाद में आएं तो डायल करें 14416
मानसिक चिकित्सालय में गोष्ठी से लोगों को जागरूक किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि किसी भी प्रकार के अवसाद में आकर आत्महत्या न करें। डिप्टी सीएमओ डाॅ. पीयूष राय ने कहा कि आत्महत्या महापाप है। इससे परिवार बिखर जाता है। अस्पताल के निदेशक डॉ. सीपी मल्ल ने कहा कि जीवन में लोगों को बड़ी से बड़ी समस्या आने पर भी खुश रहना चाहिए। टेली मानस के नोडल अधिकारी ने कहा कि अवसाद में आएं तो 14416 पर डायल करें।